विश्व कप से पहले कंगाली में पाकिस्तान की हॉकी टीम, 1000 रुपये में करना पड़ रहा है गुजारा, खिलाड़ी परेशान
विश्व कप से पहले पाकिस्तान की हॉकी टीम की हालत खस्ता है और खिलाड़ी इससे परेशान और चिंतित हैं। जहां एक तरफ उनके रोजाना खर्चे के लिए 3000 हजार रुपये देने का ऐलान किया गया, वहीं खिलाड़ी बता रहे कि सिर्फ 1 हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। पढ़िए पूरी खबर।

पाकिस्तान के हॉकी खिलाड़ियों की आर्थिक परेशानियां जारी हैं, क्योंकि उन्हें पाकिस्तान हॉकी महासंघ (पीएचएफ) से अभी तक बकाया राशि नहीं मिली है। इस साल अगस्त में नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले एफआईएच विश्व कप से पहले उनके दैनिक प्रशिक्षण शिविर भत्ते में भी कटौती की गई है।
प्रशिक्षण शिवर भत्ता 3000 नहीं 1000 मिल रहा है
राष्ट्रीय महासंघ (पीएचएफ) के अंतरिम निकाय ने घोषणा की है कि राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों और अधिकारियों को अब विदेशी दौरों पर प्रतिदिन 110 डॉलर का भत्ता मिलेगा। हालांकि, खिलाड़ियों ने शिकायत की है कि उनके प्रशिक्षण शिविर भत्ते को 11 डॉलर (लगभग 3000 पाकिस्तानी रुपये) से घटाकर 3.5 डॉलर (लगभग 1000 रुपये) कर दिया गया है। पीएचएफ के एक विश्वसनीय सूत्र के अनुसार अनुभवी खिलाड़ियों ने पीएचएफ से प्रशिक्षण शिविर की अवधि के लिए मिलने वाले भत्ते की पुष्टि करने को कहा था।
FIH प्रो लीग मैचों के लिए टीम घोषित लेकिन कप्तान नहीं, खिलाड़ी नाखुश
पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को बेल्जियम और इंग्लैंड में अगले महीने होने वाले एफआईएच प्रो लीग मैचों के लिए अपनी 20 सदस्यीय टीम की घोषणा की, लेकिन कप्तान का नाम नहीं बताया। पीएचएफ के इस रवैये से भी खिलाड़ी नाखुश हैं। शकील अम्माद बट पिछले साल की शुरुआत से ही पाकिस्तान की कप्तानी कर रहे हैं।
खिलाड़ी ने कहा 3 हजार प्रशिक्षण भत्ते का वादा तभी स्वीकार करेंगे जब यह मिलेगा
एक खिलाड़ी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “उन्होंने घोषणा की है कि हमें विदेशी दौरों के लिए 110 अमेरिकी डॉलर प्रतिदिन भत्ता मिलेगा, जिसमें मिस्र में खेला गया विश्व कप क्वालीफाइंग टूर्नामेंट भी शामिल है, लेकिन हम इस पर तभी विश्वास करेंगे जब हमें यह राशि दी जाएगी।” उन्होंने कहा कि पीएचएफ के अधिकारियों ने अतीत में भी इसी तरह के वादे किए थे, लेकिन उन्हें कभी पूरा नहीं किया।
प्रतिदिन प्रशिक्षण के लिए 1000 रुपये देना राष्ट्रीय खिलाड़ियों का अपमान
एक अन्य खिलाड़ी ने कहा, "अभी हम सिर्फ यह जानना चाहते हैं कि क्या यह सच है कि वे हमें शिविर की अवधि के लिए प्रतिदिन केवल 1000 रुपये ही देंगे। यह राशि राष्ट्रीय खिलाड़ियों का अपमान है।"
13 से 27 जून तक खेली जाएगी FIH प्रो लीग
एफआईएच प्रो लीग का तीसरा चरण 13 से 27 जून तक निर्धारित है, जिसमें पाकिस्तान बेल्जियम, स्पेन, इंग्लैंड और अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत के खिलाफ खेलेगा। इसके बाद पाकिस्तान एफआईएच विश्व कप में भाग लेगा।
एफआईएच प्रो लीग के लिए पाकिस्तान की टीम:
गोलकीपर: वकार अली, अली रजा
रक्षापंक्ति: अबू बकर, अरबाज अहमद, मोहम्मद अब्दुल्ला, सुफयान खान
मिडफील्डर: नदीम खान, अम्माद शकील, मोइन शकील, हम्माद अंजुम, जकारिया हयात
फॉरवर्ड: गजनफर अली, मोहम्मद एम्माद, राणा वलीद, अफराज खान, राणा वाहिद, अब्दुर रहमान, अहमद नदीम, अरशद लियाकत, हनान शाहिद
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


