लियोनेल मेसी ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, फीफा विश्व कप के इतिहास में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बने

डलास, 22 जून (वार्ता)
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फीफा विश्व कप 2026 में ऑस्ट्रिया के खिलाफ 1 गोल करते ही लियोनल मेसी विश्व कप के इतिहास में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। मेसी फीफा वर्ल्ड कप के मंच पर 28 मैचों में 17 गोल के साथ टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज़ को पछाड़ा है।

Lionel Messi

क्लब और देश के लिए 750 से ज़्यादा सीनियर गोल करने वाले अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी फुटबॉल विश्व कप इतिहास के शीर्ष स्कोरर बन गए हैं। मेसी फीफा वर्ल्ड कप के मंच पर 28 मैचों में 17 गोल के साथ टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज़ (24 मैचों में 16 गोल) को पीछे छोड़ा है।

अर्जेंटीना के लिए ऑस्ट्रिया के खिलाफ पहला हाफ ऐतिहासिक रहा। शुरुआत में घबराहट के कारण लियोनेल मेसी ने एक पेनल्टी मिस की और एक और मौका गंवा दिया, लेकिन अर्जेंटीना के कप्तान ने शानदार वापसी करते हुए मिरोस्लाव क्लोज़ का वर्ल्ड कप में सबसे ज़्यादा गोल करने का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मेसी के इस यादगार गोल ने मौजूदा चैंपियन को हाफ-टाइम तक 1-0 की बढ़त दिलाई। मेसी ने अल्जीरिया के खिलाफ़ अर्जेंटीना की पिछले हफ़्ते 3-0 से जीत में हैट्रिक दागी थी।

मेसी फुटबॉल वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के लिए सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी भी हैं। इनमें से सात गोल कतर में हुए 2022 फीफा वर्ल्ड कप में किए गए थे, जिसे अर्जेंटीना ने जीता था। लियोनेल मेसी ने अपने करियर में 201 इंटरनेशनल मैचों में 121 गोल किए हैं, जिससे वे अर्जेंटीना के लिए अब तक के सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। इंटरनेशनल फुटबॉल में सबसे ज़्यादा गोल करने वालों की लिस्ट में भी मेसी दूसरे नंबर पर हैं, उनसे आगे सिर्फ़ उनके प्रतिद्वंद्वी क्रिस्टियानो रोनाल्डो हैं।

मेसी से पहले, गैब्रिएल बतिस्तुता (12 मैचों में 10 गोल) फीफा वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी थे। डिएगो माराडोना (21 मैच) और उरुग्वे 1930 के गोल्डन बूट विजेता गुइलेर्मो स्टैबिले (चार मैच) ने आठ-आठ गोल किए हैं। फीफा वर्ल्ड कप क्वालिफायर में भी लियोनेल मेसी का गोल करने का रिकॉर्ड शानदार रहा है।

लियोनेल मेसी का पहला फीफा वर्ल्ड कप गोल

लियोनेल मेसी ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में अपना पहला गोल जर्मनी में हुए 2006 फीफा वर्ल्ड कप के दौरान हैम्बर्ग के वर्ल्ड कप स्टेडियम में सर्बिया और मोंटेनेग्रो के खिलाफ़ अर्जेंटीना के दूसरे ग्रुप सी मैच में किया था। अपनी टीम को ग्रुप के पहले मैच में आइवरी कोस्ट के खिलाफ़ 2-1 से जीतते हुए बेंच से देखने के बाद, लियोनेल मेसी ने अगले मैच में सर्बिया और मोंटेनेग्रो के खिलाफ़ 75वें मिनट में सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर उतरकर अपना वर्ल्ड कप डेब्यू किया। उस समय अर्जेंटीना पहले से ही 3-0 से आगे था और अपने डेब्यू के सिर्फ़ तीन मिनट बाद ही, लियोनेल मेसी ने हर्नान क्रेस्पो की मदद से अर्जेंटीना के लिए मैच का चौथा गोल किया। 88वें मिनट में, कार्लोस टेवेज़ के पास पर मेसी ने गोल किया और विरोधी टीम के गोलकीपर को नियर पोस्ट पर छकाते हुए 6-0 की बड़ी जीत पक्की की। इस बड़े टूर्नामेंट में अपना पहला गोल करके, लियोनेल मेसी - जो उस समय 18 साल और 357 दिन के थे - फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के सबसे कम उम्र के गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए।

अर्जेंटीना के कोच जोस पेकरमैन ने नीदरलैंड्स के खिलाफ़ 0-0 से ड्रॉ रहे मैच में लियोनेल मेसी को पहली बार फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप में शुरुआती प्लेइंग इलेवन में शामिल किया था। साथ ही, राउंड ऑफ़ 16 में अर्जेंटीना की मेक्सिको पर 2-1 की जीत के दौरान वे सब्स्टीट्यूट के तौर पर भी मैदान पर उतरे। हालाँकि, क्वार्टर-फ़ाइनल में जर्मनी द्वारा पेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना को बाहर किए जाने के दौरान वे सब्स्टीट्यूट के तौर पर बेंच पर ही बैठे रहे और उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला।

दक्षिण अफ़्रीका 2010 में निराशा

2006 वर्ल्ड कप के उलट, जब वे एक उभरते हुए युवा खिलाड़ी के तौर पर आए थे, साउथ अफ़्रीका में हुए 2010 फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप में लियोनेल मेसी पर उम्मीदों का भारी बोझ था। आख़िरकार, बार्सिलोना के साथ शानदार प्रदर्शन और बीजिंग 2008 में अर्जेंटीना को ओलंपिक गोल्ड मेडल जिताने के बाद लियोनेल मेसी ने उम्मीदों का स्तर बहुत ऊँचा कर दिया था। हालाँकि, अर्जेंटीना के इस दिग्गज खिलाड़ी के लिए चीज़ें वैसी नहीं हुईं जैसी सोची गई थीं।

अर्जेंटीना एक बार फिर क्वार्टर-फ़ाइनल तक पहुँचा लेकिन जर्मनी से हारकर बाहर हो गया। हालाँकि मेसी ने पूरे टूर्नामेंट में टीम के लिए अहम योगदान दिया, लेकिन वे अपने पाँच मैचों में कोई गोल नहीं कर पाए। इस टूर्नामेंट में उनका एकमात्र गोल योगदान राउंड ऑफ़ 16 में मेक्सिको के ख़िलाफ़ अर्जेंटीना की 3-1 से जीत के दौरान कार्लोस टेवेज़ को दी गई एक असिस्ट थी।

ब्राज़ील 2014 फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप: मिली-जुली भावनाएँ

2010 के कैंपेन के बाद, जब ब्राज़ील में फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप 2014 शुरू हुआ, तो लियोनेल मेसी के पास साबित करने के लिए बहुत कुछ था। इस बार, इस छोटे उस्ताद ने टूर्नामेंट पर अपनी पकड़ मज़बूत कर ली। सात मैचों में चार गोल और एक असिस्ट के साथ, लियोनेल मेसी ने लगभग अकेले दम पर अर्जेंटीना को फ़ाइनल तक पहुँचाया, लेकिन आख़िरकार मेसी और उनकी टीम को हार का सामना करना पड़ा क्योंकि जर्मनी ने फ़ाइनल में उन्हें फिर से 1-0 से हरा दिया। उनके दो गोल नाइजीरिया के ख़िलाफ़ ग्रुप मैच में 3-2 की जीत के दौरान आए थे। यह एकमात्र ऐसा मौका था जब लियोनेल मेसी ने फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप के किसी एक मैच में एक से ज़्यादा गोल किए।

2014 वर्ल्ड कप में अपनी टीम के लिए सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी होने के अलावा, लियोनेल मेसी को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया और उन्होंने गोल्डन बॉल अवॉर्ड जीता।

रूस 2018 में जल्दी बाहर होना

रूस में हुए फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप 2018 में अर्जेंटीना राउंड ऑफ़ 16 में ही बाहर हो गया; उन्हें बाद में चैंपियन बनने वाली फ़्रांस की टीम ने हराया। अर्जेंटीना के पहले मैच में आइसलैंड के ख़िलाफ़ मैच जिताने वाला पेनल्टी गोल न कर पाने के बावजूद, लियोनेल मेसी अर्जेंटीना के लिए सबसे शानदार खिलाड़ी साबित हुए, जबकि दक्षिण अमेरिकी टीम के लिए यह कैंपेन निराशाजनक रहा।

टूर्नामेंट में मेसी का एकमात्र गोल ग्रुप के आख़िरी मैच में आया। नाइजीरिया के खिलाफ़ गोल करके उन्होंने 2-1 से जीत की नींव रखी। नॉकआउट में जगह बनाने के लिए दोनों टीमों के बीच यह एक तरह का प्लेऑफ़ मैच था। दिलचस्प बात यह है कि 2018 के टूर्नामेंट में नाइजीरिया के खिलाफ़ गोल करके मेसी इतिहास के ऐसे पहले खिलाड़ी बन गए जिन्होंने अपनी टीन्स (13-19 साल), ट्वेंटीज़ (20-29 साल) और थर्टीज़ (30-39 साल) की उम्र में फीफा वर्ल्ड कप में गोल किए। फ्रांस के खिलाफ़ क्वार्टर-फ़ाइनल (अंतिम-8) मुकाबले में 4-3 से हार के बावजूद, मेसी ही थे जिन्होंने अर्जेंटीना की उम्मीदों को अंत तक ज़िंदा रखा; उन्होंने अपनी टीम के तीन में से दो गोल में असिस्ट किया।

कतर 2022 में शानदार कामयाबी

35 साल के लियोनेल मेसी कतर में हुए फीफा वर्ल्ड कप 2022 में बहुत उम्मीदों के साथ उतरे और शानदार प्रदर्शन करते हुए इतने ही मैचों में सात गोल किए। वह किलियन एम्बाप्पे के गोलों की संख्या से एक गोल पीछे रह गए और गोल्डन बूट नहीं जीत पाए, लेकिन अर्जेंटीना को 36 साल बाद तीसरा ऐतिहासिक वर्ल्ड कप खिताब दिलाने के लिए यह काफ़ी था। उनके दो गोल फ़ाइनल में फ्रांस के खिलाफ़ आए और इस टूर्नामेंट में मेसी ने चारों नॉकआउट राउंड में गोल किए - ऐसा फीफा वर्ल्ड कप में पहले कभी नहीं हुआ था।

लियोनेल मेसी की FIFA वर्ल्ड कप हैट्रिक

लियोनेल मेसी ने कंसास सिटी में अल्जीरिया के खिलाफ़ 3-0 की जीत में हैट्रिक लगाकर अर्जेंटीना के फीफा वर्ल्ड कप खिताब बचाने के अभियान की शानदार शुरुआत की। अर्जेंटीना के कप्तान ने 17वें, 60वें और 76वें मिनट में गोल करके राष्ट्रीय टीम के लिए अपने 200वें मैच में पहली वर्ल्ड कप हैट्रिक पूरी की। इस मैच के साथ मेसी छह फीफा वर्ल्ड कप में खेलने वाले पहले खिलाड़ी भी बन गए।

उनकी इस हैट्रिक के बाद आज के गोल से वर्ल्ड कप में उनके गोलों की संख्या 17 हो गई, जिससे वह टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे ज़्यादा गोल करने वालों की सूची में मिरोस्लाव क्लोज़ से आगे निकल गए। मेसी ने वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज़्यादा गोल में योगदान (गोल और असिस्ट मिलाकर) का नया रिकॉर्ड भी बनाया; वह 25 के आँकड़े तक पहुँचे हैं और पेले के 21 के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

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Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

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