फ्रेंच ओपन से बाहर होने पर फूटा नोवाक जोकोविच का गुस्सा, कैमरामैन पर निकाली भड़ास, देखें VIDEO
फ्रेंच ओपन से एलिमिनेट होने के बाद 24 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता नोवाक जोकोविच ने कोर्ट के किनारे मौजूद एक कैमरामैन पर जमकर गुस्सा निकाला। दरअसल, वह कैमरामैन जोकोविच की हार के बाद बेहतर फुटेज के लिए टेनिस स्टार के और पास आ रहा था। देखिए वीडियो में क्या कहा।

24 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता सर्बिया के स्टार टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच के लिए इस साल का फ्रेंच ओपन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। कहां तो उन्होंने जीत के सपने के साथ इस सफर की शुरुआत की थी, कहां उन्हें तीसरे दौर में ही हार का सामना करना पड़ा। हार के बाद नोवाक जोकोविच काफी निराश थे और इसी निराशा में उन्होंने कैमरामैन को भी गुस्से में कुछ ऐसे शब्द कह दिए जो कैमरामैन को बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा होगा।
फ्रेंच ओपन 2026 में उम्मीदों से कहीं पहले ही सफर समाप्त होने के बाद नोवाक जोकोविच निराश और गुस्से में नजर आए। तीसरे दौर में ब्राजील के युवा खिलाड़ी जोआओ फोन्सेका ने उन्हें 4-6, 4-6, 6-3, 7-5, 7-5 से हराकर बाहर कर दिया। रोमांचक मुकाबले में शुरुआती सेटों में दबदबा बनाने और 2-0 की बढ़त हासिल करने के बावजूद जोकोविच हार गए।
हार के बाद 24 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता ने कोर्ट के किनारे मौजूद एक कैमरामैन पर जमकर गुस्सा निकाला। दरअसल वह कैमरामैन जोकोविच की हार के बाद बेहतर फुटेज के लिए वह टेनिस स्टार के और पास आ रहा था। वह टेनिस स्टार की बॉडी लैंग्वेज और चेहरे के एक्सप्रेशन को फोटो के माध्यम से कैप्चर करना चाहता था, ताकि उनके इमोशन को आगे कहानी में बताया जा सके। बेहतर फुटेज के लिए टेनिस स्टार के पास आने की कोशिश कर रहे कैमरा ऑपरेटर से भिड़ते हुए जोकोविच ने कहा ने गुस्से में जो कहा अब वह वायरल है। पास आते कैमरामैन से जोकोविच ने गुस्से भरे अंदाज में कहा-"क्या आप मेरे चेहरे में और अंदर घुस सकते हैं? भगवान के लिए थोड़ी जगह बनाएं।" उनकी इस प्रतिक्रिया का वीडियो नीचे है।
द मिरर की रिपोर्ट के अनुसार , जोकोविच की गुस्से भरी प्रतिक्रिया से कैमरामैन के लिए और भी मुश्किलें खड़ी हो गईं, जिसके बाद उसे कोर्ट फिलिप चैटियर से हटा दिया गया। रिपोर्ट में कमेंटेटर निक मिलिंस के हवाले से कहा गया है, जिन्होंने टीएनटी स्पोर्ट्स पर बोलते हुए कहा: "मैं अभी उस बेचारे पुराने कैमरामैन को देख रहा था जिसे नोवाक से खरी-खोटी सुननी पड़ी, क्योंकि कैमरा लेंस उनके (नोवाक के) बहुत करीब था। सहायक रेफरी में से एक, सेड्रिक मौरियर, कोर्ट के किनारे बैठे कैमरामैन को यह समझाने के लिए बाहर आए कि 'आप करीब जा सकते हैं लेकिन आप केवल उतनी ही करीब जा सकते हैं'। उस कैमरामैन को बदल दिया गया है, वहां एक नया कैमरामैन मौजूद है।"
जोकोविच के आगे खेलने पर अनिश्चितता
जोकोविच ने कहा कि उन्हें पक्का नहीं पता कि वह अगले साल रोलैंड गैरोस की लाल मिट्टी पर वापसी करेंगे या नहीं। 39 वर्षीय जोकोविच ने यह पूछे जाने पर कि क्या वह फिर से रोलैंड गैरोस में खेलेंगे, जवाब दिया, "मुझे नहीं पता।" उन्होंने मैच के बाद कोर्ट पर हुई बातचीत में कहा "मैच के अंत में कुछ ऐसे मौके आए जब मुझे लगा कि मैं मुश्किल से अपने पैरों पर खड़ा हो पा रहा हूं।"
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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