हमें बर्तन तक धोने पड़े, मुंह बंद रखने को धमकाया गया; पाकिस्तान के हॉकी कप्तान का छलका दर्द
पाकिस्तान हॉकी टीम के कप्तान शकील अम्माद बट ने ऑस्ट्रेलिया के उथल-पुथल भरे दौरे से लौटने के बाद राष्ट्रीय महासंघ की जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस दौरे के दौरान उनकी टीम को न केवल होटल में बुकिंग नहीं होने के कारण सड़कों पर भटकना पड़ा, बल्कि मैच खेलने के लिए जाने से पहले बर्तन भी धोने पड़े।

पाकिस्तान हॉकी टीम के कप्तान शकील अम्माद बट ने ऑस्ट्रेलिया के उथल-पुथल भरे दौरे से लौटने के बाद राष्ट्रीय महासंघ की जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस दौरे के दौरान उनकी टीम को न केवल होटल में बुकिंग नहीं होने के कारण सड़कों पर भटकना पड़ा, बल्कि मैच खेलने के लिए जाने से पहले बर्तन भी धोने पड़े। उन्होंने कहा कि हॉकी महासंघ की तरफ से उन्हें अपना मुंह बंद रखने के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई की धमकी दी गई।
बट ने बुधवार को सुबह लाहौर हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा कि पाकिस्तान हॉकी महासंघ (पीएचएफ) उनसे झूठ बोल रहा था और ‘अब पानी सिर के ऊपर से बाहर चला गया है।’
बट ने कहा, ‘हम महासंघ के मौजूदा प्रबंधन के रहते हुए खेलना जारी नहीं रख सकते। जब खिलाड़ियों को मैच खेलने जाने से पहले रसोई साफ करनी पड़ती है और बर्तन धोने पड़ते हैं तो आप हमसे कैसे अच्छे परिणाम की उम्मीद कर सकते हैं।’
सरकारी स्वामित्व वाले पाकिस्तान खेल बोर्ड (पीएसबी) ने यह पुष्टि की थी कि उसने ऑस्ट्रेलिया में राष्ट्रीय टीम के होटल में ठहरने की व्यवस्था के लिए पीएचएफ को एक करोड़ से अधिक पाकिस्तानी रुपये दिए थे। इसके बाद पीएचएफ को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है।
पाकिस्तान हॉकी टीम को कैनबरा जाने वाली अपनी अगली उड़ान से पहले सिडनी हवाई अड्डे पर 13-14 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इससे भी अधिक चिंताजनक खबरें तब सामने आईं जब टीम एफआईएच प्रो लीग मैचों से पहले अपने होटल में पहुंची थी।
खिलाड़ियों को बताया गया कि उनकी कोई बुकिंग नहीं है क्योंकि होटल को किसी तरह का अग्रिम भुगतान नहीं किया गया था।
खिलाड़ियों को घंटों इंतजार करना पड़ा और होटल की व्यवस्था होने से पहले वे सड़कों पर भटकते रहे। अगले दिन दोपहर को उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना पहला मैच खेलना था, जिसमें टीम 2-3 से हार गई। ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान पाकिस्तान ने मेजबान टीम के अलावा जर्मनी के खिलाफ भी मैच खेले लेकिन वह सभी मैच हार गया।
बट ने कहा, ‘सबसे दुखद बात यह थी कि एयरबीएनबी ने केवल 10 दिन के लिए होटल बुक किया था, जबकि हमें 13 दिन तक रुकना था। दस दिन के बाद हमें एक सस्ते होटल में रुकना पड़ा।’
पीएसबी के महानिदेशक नूर उस सबाह ने मीडिया को बताया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं और वह एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। शरीफ पीएचएफ के मुख्य संरक्षक हैं।
बट ने खुलासा किया कि पीएचएफ ने खिलाड़ियों को चेतावनी दी थी कि अगर वे मीडिया से बात करेंगे तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया में हमने जो कुछ झेला है उसी के चलते मैं अपनी बात कह रहा हूं। अगर हमें आगे बढ़ना है तो हमें विदेशी कोच की जरूरत है। हमारे पास अच्छे खिलाड़ी हैं लेकिन हमें एक विदेशी कोच और अच्छे प्रबंधन की जरूरत है।’
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय, असिस्टेंट एडिटर
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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