हॉकी विश्व कप में एक बार फिर इतिहास रचने से चूका भारत, सेमीफाइनल की उम्मीदों को लगा झटका

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हॉकी विश्व कप 2026 में भारतीय टीम इतिहास रचने से चूक गई है। वर्ल्ड कप के अब तक के 50 से अधिक वर्षों के इतिहास में कभी भी टीम इंडिया ने नीदरलैंड को शिकस्त नहीं दी थी। ऐसे में उन्हें पहली बार हराने और इतिहास रचने का मौका था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। मेजबान टीम ने 3-1 से जीत दर्ज की है।

India misses out on making history
इतिहास रचने से चूका भारत (फाइल फोटो)

शनिवार को एम्स्टेलवीन में खेले गए एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 दूसरे चरण के मुकाबले में भारतीय टीम इतिहास रचने से चूक गई है। विश्व कप के अब तक के 50 से अधिक वर्षों के इतिहास में टीम इंडिया ने कभी भी नीदरलैंड को शिकस्त नहीं दी थी। ऐसे में उन्हें पहली बार हराने और इतिहास रचने का मौका था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। भारतीय टीम मुकाबला 1-3 से हार गई है। इसी के साथ इस विश्व कप संस्करण के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को भी झटका लगा है। हालांकि, टीम पूरी तरह से बाहर नहीं हुई है, लेकिन अब यहां से सेमीफाइनल में प्रवेश करना मुश्किल होगा।

हाफ टाइम तक अच्छा खेले, लेकिन बाद में प्रदर्शन लचर

भारत और नीदरलैंड के बीच दो क्वार्टर यानी हाफ टाइम तक गेम एकदम टाइट रहा, कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। पहले क्वार्टर में 12वें मिनट में नीदरलैंड को पेनल्टी कॉर्नर मिला था, लेकिन मेजबान टीम इसे गोल में तब्दील नहीं कर सकी। दूसरे क्वार्टर में भी दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं। इस क्वार्टर की शुरुआत में नीदरलैंड को तीन बार पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारत के डिफेंस के आगे उनकी एक नहीं चली। हाफ-टाइम तक स्कोर 0-0 रहा। 40वें मिनट में यानी तीसरे क्वार्टर में ड्यूको ने पहला गोल दागा और नीदरलैंड को को 1-0 की बढ़त दिलाई। चौथे क्वार्टर में नीदरलैंड ने दो गोल दागकर भारत को गेम से बाहर कर दिया। हालांकि, भारतीय टीम ने आखिरी क्वार्टर में एक गोल दागा और हार के अंतर को कुछ कम किया। 50वें मिनट में जेप ने गोल दागा और नीदरलैंड को 2-0 की बढ़त दिलाई। 51वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने गोल दागा, जिसकी वजह से स्कोर 2-1 हो गया। हालांकि, 54वें मिनट में दिस डैम ने गोल दागकर नीदरलैंड को 3-1 की बढ़त दिलाई। फुल टाइम इसी स्कोर के साथ समाप्त हुआ। भारत को करारी हार झेलनी पड़ी।

भारत बनाम नीदरलैंड, हॉकी विश्व कप फुल टाइम स्कोर

भारत -1 , नीदरलैंड- 3

इंग्लैंड और नीदरलैंड सामने था इतिहास रचने का मौका, चूके

विश्व कप में भारत और नीदरलैंड की टीम 7 बार आमने- सामने हुई हैं, जिसमें से 6 मैच नीदरलैंड की टीम ने जीते हैं और 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। भारतीय टीम ने एक भी मैच नहीं जीता है। हालांकि प्रो लीग या अन्य द्विपक्षीय सीरीज में भारत ने नीदरलैंड को हराया है, लेकिन विश्व कप में जीत नहीं मिली है। विश्व कप के इस संस्करण में भारत ने पूल डी में वेल्स को 3-1 से और पाकिस्तान को 5-3 से हराया, जबकि इंग्लैंड से हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में भारत के पास 32 साल के जीत के सूखे को खत्म करके इतिहास रचने का मौका था, लेकिन वहां पर भी टीम इंडिया चूक गई।

भारत को हराकर सेमीफाइनल में पहुंची नीदरलैंड

पहले चरण में इंग्लैंड से हारने के कारण भारतीय टीम दूसरे दौर में उसके खिलाफ नहीं खेलेगी, जबकि इंग्लैंड पहले दौर के तीन अंक लेकर इस दौर में पहुंची है, इसके मायने हैं कि भारत को बाकी दोनों टीमों से जीतना ही था। हालांकि, एक मैच भारत हार गई है। ऐसे में सेमीफाइनल की उम्मीदें लगभग ध्वस्त हो गई हैं। दूसरी तरफ नीदरलैंड की टीम ने अभी तक शानदार प्रदर्शन किया है, उसने न्यूजीलैंड को 5-1, अर्जेंटीना को 3-1 और जापान को 4-1 से हराकर तीनों मैच में अपना दबदबा बनाया। अब भारत को भी 3-1 से हराकर 6 अंकों के साथ सेमीफाइनल में एंट्री कर ली है। नए प्रारूप के तहत पूल डी की दोनों शीर्ष टीमें और पूल ए की दो शीर्ष टीमों से पूल ई बना है, जिसमें से पहली दो टीमें सेमीफाइनल में जाएंगी। वहीं पूल बी और सी की शीर्ष दो टीमें पूल एफ में एक दूसरे से खेलेंगी और पहले दो स्थान की टीमें अंतिम चार में पहुंचेंगी।

तीन बार की विश्व चैंपियन के सामने टीम इंडिया ने खूब प्रयास किया लेकिन मुकाबला जीतने में सफल नहीं हो सकी।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

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Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

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