CWG में कल कौन-कौन जीता भारत के लिए पदक? एक गोल्ड और 3 सिल्वर समेत जीते कुल इतने मेडल

Bhasha, ग्लास्गो
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भारत के लिए राष्ट्रमंडल खेलों का चौथा दिन शानदार उपलब्धियों से भरा रहा, जहां दिन की सबसे बड़ी कहानी पैरा एथलेटिक्स से आई। चालीस वर्षीय शर्मिला ने 9.81 मीटर का सत्र का सर्वश्रेष्ठ थ्रो लगाकर स्वर्ण पदक जीता

Sharmila Dhankar Team India x
शर्मिला धनकर ने CWG में गोल्ड जीता

नल मेशर्मिला धनकर ने महिला शॉट पुट एफ57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक के साथ इतिहास रचा, जबकि भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव और वल्लुरी अजय बाबू ने राष्ट्रमंडल खेलों में सोमवार को रजत पदक जीतकर भारत के अभियान को यादगार बनाया। सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की ऊंची कूद स्पर्धा में दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। बिंदयारानी देवी और शिल्पा के शायला ने कांस्य पदक कब्जाए। इस तरह दिन में कुल 6 पदक भारत को मिले और भारत के पदकों की संख्या इस टूर्नामेंट में पांच दिन के खेल के समापन के बाद 10 हो गई। वहीं, एथलेटिक्स में कुछ अन्य खिलाड़ियों ने फाइनल और मुक्केबाजों ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाकर देश के लिए पदकों की उम्मीदें बढ़ा दीं।

भारत के लिए राष्ट्रमंडल खेलों का चौथा दिन शानदार उपलब्धियों से भरा रहा, जहां दिन की सबसे बड़ी कहानी पैरा एथलेटिक्स से आई। चालीस वर्षीय शर्मिला ने 9.81 मीटर का सत्र का सर्वश्रेष्ठ थ्रो लगाकर स्वर्ण पदक जीता और राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के पैरा एथलेटिक्स पदक के 20 साल के इंतजार को खत्म किया। इस स्पर्धा में एक और भारतीय खिलाड़ी शिल्पा शायला को विवाद के बाद कांस्य पदक प्रदान किया गया। शिल्पा ने 7.26 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया था।

विवादों से भरा रहा शिल्पा का मेडल

शुरुआत में नाइजीरिया की यूचेरिया इयियाजी कांस्य पदक की स्थिति में थीं, लेकिन भारतीय दल की आपत्ति और आधिकारिक समीक्षा के बाद उनके एकमात्र वैध प्रयास को फाउल करार दिया गया। इसके बाद चौथे स्थान पर रहीं शिल्पा शायला को कांस्य पदक मिल गया। पदक में बदलाव की घोषणा के बाद भावुक शिल्पा ने शर्मिला के साथ जश्न मनाया। इस तरह भारत ने इस स्पर्धा में दो पदक हासिल किए।

एफ57 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए होता है जिनके निचले अंगों में अक्षमता, अंगों की कमी या मांसपेशियों की ताकत में कमी होती है। भारोत्तोलन के महिला 53 किग्रा वर्ग में एशियाई चैंपियनशिप कांस्य पदक विजेता ज्ञानेश्वरी ने लगातार बनते-बिगड़ते रिकॉर्ड के बीच सोमवार को रजत पदक जीता। छत्तीसगढ़ के भोंडिया गांव की 23 साल की ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में 88 किलो और क्लीन एंड जर्क में 111 किलो समेत कुल 199 किलो वजन उठाया।

CWG का रिकॉर्ड टूटा

नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला ने राष्ट्रमंडल और राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड तोड़कर 206 किलो वजन उठाते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने स्नैच में 93 किलो और क्लीन एंड जर्क में 113 किलो वजन उठाया। आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के रहने वाले 21 वर्षीय अजय बाबू ने स्नैच में 149 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 181 किग्रा वजन उठाकर कुल 330 किग्रा का भार दर्ज किया। उन्होंने दोनों वर्गों में राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड बनाया, लेकिन स्वर्ण पदक से वह मामूली अंतर से चूक गए।

अनुभवी भारतीय भारोत्तोलक बिंद्यारानी देवी ने अच्छी चुनौती दी, लेकिन क्लीन एंड जर्क में दो नाकाम प्रयासों के कारण उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। बिंद्यारानी ने स्नैच में 87 और क्लीन एंड जर्क में 112 समेत कुल 199 किलो वजन उठाया। राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की ऊंची कूद स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बनकर इन खेलों में इतिहास रच दिया।

कुशारे ने 2.25 मीटर की ऊंचाई पार कर दूसरा स्थान हासिल किया। जमैका के रोमेन बेकफोर्ड ने स्वर्ण पदक जीता। दोनों खिलाड़ी 2.25 मीटर के बाद 2.28 मीटर पार करने में असफल रहे, लेकिन काउंटबैक नियम के आधार पर बेकफोर्ड को विजेता घोषित किया गया। इंग्लैंड के जैक किमानी ने 2.20 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता।

अन्य भारतीय खिलाड़ी आदर्श राम 2.15 मीटर की छलांग के साथ पांचवें स्थान पर रहे। इससे पहले राष्ट्रमंडल खेलों में ऊंची कूद में भारत का एकमात्र पदक तेजस्विन शंकर ने 2022 बर्मिंघम खेलों में कांस्य पदक के रूप में जीता था, लेकिन 31 वर्षीय कुशारे ने रजत पदक जीतकर उस उपलब्धि को पीछे छोड़ दिया। तेजस्विन ने भी सोमवार को स्पर्धा में हिस्सा लिया, लेकिन बृहस्पतिवार से शुरू होने वाली पुरुषों की डेकाथलॉन स्पर्धा की तैयारी को देखते हुए उन्होंने 2.05 मीटर के पहले प्रयास में असफल रहने के बाद हटने का फैसला किया।

फाइनल में पहुंचे श्रीशंकर

भारत के लंबी कूद के खिलाड़ी एम. श्रीशंकर ने क्वालीफाइंग स्तर पार करके राष्ट्रमंडल खेलों के फाइनल में जगह बनाई, जबकि लोकेश सत्यनाथन भी शीर्ष 12 में जगह बनाकर आगे बढ़ने में सफल रहे। श्रीशंकर ने ग्रुप-ए में अपने पहले ही प्रयास में 8.01 मीटर की दूरी तय करके सीधे फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया। उनका सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8.38 मीटर है। फाइनल के लिए क्वालीफाइंग स्तर आठ मीटर या सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कम से कम 12 खिलाड़ी थे।

सत्ताइस साल के श्रीशंकर ग्रुप-ए से सीधे क्वालीफाई करने वाले एकमात्र खिलाड़ी रहे। इस ग्रुप से पांच अन्य खिलाड़ियों ने शीर्ष 12 में जगह बनाकर फाइनल में प्रवेश किया। ग्रुप-बी में चुनौती पेश कर रहे सत्यनाथन ने अपने पहले ही प्रयास में 7.77 मीटर की दूरी तय की। वह ग्रुप-बी में रेगन कोरिन (7.84 मीटर) के बाद चौथे स्थान पर रहे। फाइनल 29 जुलाई को होगा। भारतीय फर्राटा धावक गुरिंदरवीर सिंह उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए और 10.39 सेकंड के निराशाजनक समय के साथ हीट (शुरुआती दौर) में 28वें स्थान पर रहने के बाद पुरुषों की 100 मीटर दौड़ की स्पर्धा से बाहर हो गए।

गुरिंदरवीर 100 मीटर दौड़ में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के करीब भी नहीं पहुंच पाए और पहले दौर में ही बाहर हो गए। गुरिंदरवीर ने हीट-4 की पांचवीं लेन में अच्छी शुरुआत की। वह शुरू में जमैका के रोहन वॉटसन के साथ बने रहे, लेकिन जमैका के खिलाड़ी ने अंतिम 30-35 मीटर में तेजी दिखाई और 10.13 सेकंड के साथ पहला स्थान हासिल किया। भारतीय खिलाड़ी ने अपनी हीट में दूसरा स्थान हासिल किया, लेकिन वह कुल मिलाकर 28वें स्थान पर रहे और इस तरह सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गए।

मुक्केबाजी में पूर्व विश्व युवा चैंपियन सचिन सिवाच, उभरते हुए युवा मुक्केबाज अंकुश और साक्षी चौधरी ने क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। छब्बीस साल के सचिन ने प्री-क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड के विलियम हेविट को 4-1 से हराया। भारतीय खिलाड़ी ने इंग्लैंड के मुक्केबाज के खिलाफ धैर्य बरकरार रखते हुए जीत दर्ज की। पांच जजों में से चार ने भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में फैसला दिया। इस जीत से सचिन राष्ट्रमंडल खेलों में पदक से सिर्फ एक जीत दूर हैं। अब उनका अगला मुकाबला क्वार्टर फाइनल में बोत्सवाना के ट्रेजर मोरेमी से होगा।

अंकुश ने प्री-क्वार्टर फाइनल में एकतरफा मुकाबले में एंटीगा एवं बारबुडा के यान जेलान को सर्वसम्मत फैसले में 5-0 से हराया। हरियाणा के इस 20 वर्षीय मुक्केबाज को भी पदक पक्का करने के लिए सिर्फ एक और जीत की दरकार है। वहीं, पूर्व विश्व युवा और जूनियर चैंपियन साक्षी ने 51 किग्रा वर्ग में बोत्सवाना की लेथाबो मोडुकानेले को 5-0 से हराया। अब वह उत्तरी आयरलैंड की कैटलिन फ्रायेर्स से खेलेंगी। पुरुषों के 70 किलोग्राम वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल में हालांकि सुमित को उत्तरी आयरलैंड के जॉन मैककोनेल के खिलाफ 1-4 के विभाजित फैसले से करीबी हार का सामना करना पड़ा।

तैराकी में दो बार के ओलंपियन साजन प्रकाश पुरुषों की 200 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में आठवें स्थान पर रहे। उन्होंने इससे पहले सभी हीट (शुरुआती दौर) में कुल छठे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। आर्यन नेहरा पुरुषों की 800 मीटर फ्रीस्टाइल के फाइनल में 8:07.26 मिनट का समय लेकर आठवें स्थान पर रहे। ऑस्ट्रेलिया के सैम शॉर्ट ने 7:39.81 मिनट के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता।

पैरा तैराक स्वातिक पटिल राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुषों की 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एसबी9 स्पर्धा के फाइनल में पांचवें स्थान पर रहे। उन्होंने 1 मिनट 15.82 सेकंड का समय निकाला। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक ऑस्ट्रेलिया के ब्यू मैथ्यूज ने 1 मिनट 09.41 सेकंड के समय के साथ जीता। एसबी9 वर्ग उन पैरा तैराकों के लिए निर्धारित है, जिनके पैरों में हल्की कमजोरी होती है या जिनका एक या दोनों पैर घुटने के नीचे से नहीं होते, अथवा जिनके कूल्हों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है।

भारत की महिला व्हीलचेयर तीन गुणा तीन बास्केटबॉल टीम को पूल-बी के अपने अंतिम मुकाबले में नाइजीरिया के खिलाफ 6-7 से करीबी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारत का क्वार्टर फाइनल में पहुंचने का सपना भी टूट गया। रीना गुप्ता, रितु चानू और मीनाक्षी जाधव ने संघर्षपूर्ण प्रदर्शन किया, लेकिन नाइजीरिया की टीम अंत तक अपनी मामूली बढ़त बनाए रखने में सफल रही। इससे पहले भारतीय टीम को स्कॉटलैंड और वेल्स के खिलाफ भी हार का सामना करना पड़ा था।

Vikash Gaur

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Vikash Gaur

विकाश गौड़: डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर कम असिस्टेंट मैनेजर, स्पोर्ट्स


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विकाश गौड़ पिछले 8 वर्षों से हिंदी डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के स्पोर्ट्स सेक्शन में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर (असिस्टेंट मैनेजर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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