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sponsored storiesजब अमेज़न पर हिन्दी में खोजने पर मिली लखनवी चिकनकारी, अम्बाला की मनप्रीत की दूर हुई टेंशन सारी

HT Brand Studio,AmbalaPublished By: Pratyush Chaurasia
Fri, 30 Apr 2021 06:04 PM
जब अमेज़न पर हिन्दी में खोजने पर मिली लखनवी चिकनकारी, अम्बाला की मनप्रीत की दूर हुई टेंशन सारी

बीते दिनों ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करने वाली अम्बाला की गुरुप्रीत के सा​मने एक बड़ी समस्या आई. समस्या ये थी कि वो अपनी बहन की शादी में अम्बाला आई थीं और उन्हें वापस जाने से पहले अपनी सहेली के लिए लखनवी चिकनकारी कुर्तियां चाहिए थी. बेटी की समस्या देखते ही मां मनप्रीत कौर ने उसका चु​टकियों में समाधान कर दिया और वहीं बैठे अमेज़न पर ऑर्डर कर दिया 

अपनी मां को अमेज़न पर आसानी से शॉपिंग करते देखना गुरुप्रीत के लिए चौंकाने वाली बात थी. मनप्रीत 52 वर्षीय गृहिणी हैं, जो कि कुछ समय पहले तक ऑनलाइन शॉपिंग से घबराती थीं. उनके लिए बाज़ार जाकर घंटों धूप में शॉपिंग करना आसान था लेकिन घर बैठे ऑनलाइन शॉपिंग करना नहीं. वजह थी अंग्रेज़ी भाषा, जो उन्हें समझ नहीं आती थी. लेकिन गुरुप्रीत हैरान इस बात से थीं कि अचानक ऐसा क्या हो गया कि उनकी मम्मी ऐसे शॉपिंग करने लगीं. अपनी जिज्ञासा को शांत करने के लिए जब उन्होंने अपनी मम्मी से इस बारे में पूछा, तो मनप्रीत ने इसका राज़ बताते हुए अमे​ज़न पर हिन्दी भाषा का विकल्प अपनी बेटी को दिखा दिया. जब भाषा का दरवाज़ा खुला, तो मानों मनप्रीत के लिए शॉपिंग का नया आयाम ​खुल गया हो.

पाएं दुनियाभर की वैरायटी अमेज़न पर

दरअसल, बात ये थी कि बीती फरवरी गुरुप्रीत अपनी बहन की शादी के लिए अम्बाला आई, तो साथ में उनकी दोस्त ऐलीज़ा भी आई थी. ऐलीज़ा के लिए कुछ सालों पहले एक दोस्त लखनऊ की मशहूर चिकनकारी कुर्तियां ले गई थी, जो उसे और उसके परिवार वालों को काफी पसंद आई थी. ऐलीज़ा के घर से डिमांड आई थी कि इंडिया से लखनवी चिकनकारी कुर्तियां ज़रूर लाना. अब समस्या ये थी कि या तो चिकनकारी कुर्तियों के लिए लखनऊ जाएं या आस-पास के किसी बड़े शहर जैसे चंडीगढ़ या दिल्ली, जहां किसी इक्का-दुक्का शोरूम में वो कुर्ती मिले. अब एक कुर्ती के लिए इतनी दूर जाना और घर में शादी की वजह से समय की कमी, दोनों समस्याएं सामने थीं. ये बात जब गुरुप्रीत की मां मनप्रीत को पता चली तो उन्होंने झट से मोबाइल निकाला और अमेज़न पर जाकर लखनवी चिकनकारी वाली चार कुर्तियां ऑर्डर कर दीं.

शॉपिंग भी आसान और प्रोडक्ट बदलना भी आसान 

मनप्रीत के लिए ये काम आसान हुआ क्योंकि उन्हें अमेज़न पर हिन्दी भाषा का नया विकल्प मिला. मनप्रीत पहले की तरह अब धूप में घंटों शॉपिंग नहीं करतीं. वो घर पर सुकून से सोफे पर बैठ कर सुई-धागे से लेकर किचन के सिल-बट्टे तक सब मंगाती हैं. अब उन्हें लखनवी चिकनकारी के लिए किसी खास शोरूम की ना तलाश करनी पड़ती है और ना ही ज़्यादा पैसे देने पड़ते हैं. पूरे भारत की विविधता और रंग अमेज़न पर मिल जाते हैं, वो भी सही दाम पर. कोई सामान बदलवाना हो, तो उसकी भी टेंशन नहीं. बस बदलने का विकल्प चुनना है और घर बैठे-बैठे अमेज़न डिलीवरी ब्वॉय प्रोडक्ट ले जाएगा और नया प्रोडक्ट दे जाएगा.

तो मनप्रीत की तरह आप भी अमेज़न पर घर बैठे शॉपिंग करें, अंग्रेज़ी नहीं तो हिन्दी को अपनी भाषा चुनें. 

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