जैसलमेर में रेतीले बवंडर का कहर; राजस्थान में बार-बार क्यों आ रहा ऐसा तूफान
आज जैसलमेर में आया ये रेतीला तूफान इतना भीषण था कि पूरा आसमान लाल रंग में बदल गया। भीषण गर्मी के बीच मौसम में आए बदलवा से तापमान में गिरावट तो आई है लेकिन इसी के साथ-साथ ट्रैफिक व्यवस्था भी कई इलाकों में ठप हो गई।
राजस्थान के कई हिस्सों में बिगड़ते मौसम और तूफान का कहर जारी है। इस बीच जैसलमेर को लगातार दूसरे दिन रेत के बवंडर ने अपनी चपेट में ले लिया। चिलचिलाती धूप के बीच अचानक अंधेरा छा गया और फिर एक बार काली-पीली आंधी शुरू हो गई। ये रेतीला तूफान इतना भीषण था कि पूरा आसमान लाल रंग में बदल गया। भीषण गर्मी के बीच मौसम में आए बदलवा से तापमान में गिरावट तो आई है लेकिन इसी के साथ-साथ ट्रैफिक व्यवस्था भी कई इलाकों में ठप हो गई। इससे पहले 30 मई यानी शनिवार को भी राजस्थान के कई जिलों में काली-पीली आंधी के चलते लोगों को काफी परेशानी हुई थी। इसमें कई ढांचों को नुकसान पहुंचा था। अचानक आते इस रेतीले तूफान को देखते हुए स्थानीय प्रशासन अलर्ट है।
31 मई को आए तूफान का बड़ा कारण पिछले कुछ चल रही लू को माना जा रहा है। इस लू ने रेगिस्तानी जमीन को काफी ज्यादा तपा दिया था। कई दिनों की तेज गर्मी और लू के चलते जमीन के ऊपर की गर्म हवा फैलने लगती है और तेजी से ऊपर उठती है। इससे जमीन के पास एक लॉ प्रेशर पॉकेट बन जाता है। इसके बाद इस खाली जगह को भरने के लिए आसपास की तेज हवाएं काफी आक्रामक तरीके से इस ओर बढ़ती हैं जिससे जमीन पर मौजूद ढीली रेत सीधे आसमान में उठ जाती और धूल की बड़ी दीवार बना देती है। यही दीवार कई किलोमीटर तक फैल जाती है और बड़े तूफान का रूप ले लेती है जिसमें विजिबिलिटी भी लगभग जीरो हो जाती है।
कई जिले हुए प्रभावित
इससे पहले 30 मई को पश्चिमी विक्षोभ के कारण आई आंधी ने चूरू, हनुमानगढ़, गंगानगर, बीकानेर, नागौर, डीडवाना-कुचामन, अलवर और सीकर जैसे जिलों को प्रभावित किया। राज्य की राजधानी जयपुर में भी हवाओं के बाद बारिश हुई। इस आंधी की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जयपुर हवाई अड्डे पर 76 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली और बारिश हुई। धूल के विशालकाय गुबार ने दोपहर बाद कई सीमावर्ती इलाकों में गांव, कस्बों और शहरों को ढ़क लिया। दृश्यता इतनी कम हो गई कि वाहन चालकों को दिन के समय भी अपनी गाड़ियों की 'हेडलाइट' जलानी पड़ी।
अधिकारियों ने बताया कि हवाओं की गति सबसे पहले हनुमानगढ़ और गंगानगर इलाकों में बढ़ी जहां लगभग 56 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल उड़ी। बवंडर के कारण कई जगह पेड़ उखड़ने और बिजली सप्लाई बाधित होने की खबरें मिलीं। जयपुर में शाम के समय लगभग 10 मिनट तक धूल भरी आंधी चली और उसके बाद बारिश हुई।
मौसम विभाग के अनुसार दोपहर के समय उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनू, जयपुर और नागौर जिलों तथा आसपास के इलाकों में 70-80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से धूल भरी आंधी चल रही थी।
उदयपुर समेत कई जिलों में भी बारिश हुई।
अधिकारियों ने बताया कि चूरू में 14.8 मिलीमीटर, पिलानी में 10.4 मिलीमीटर और हनुमानगढ़ के संगरिया में 3.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। हालांकि मौसम में आए इस अचानक बदलाव से लोगों को पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण लू से राहत मिली।
मौसम केंद्र (जयपुर) के अनुसार राज्य के कुछ हिस्सों में आंधी एवं बारिश की गतिविधियां अगले चार पांच दिन जारी रहने की संभावना है। ऐसे में अगले कुछ दिन अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री से नीचे रहने तथा 'लू' से राहत बने रहने का अनुमान है।
भाषा से इनपुट


