दुनिया में सिर्फ एक जगह होती है रावण के भाई की पूजा, कहां है 5 हजार साल पुराना मंदिर

Mar 05, 2026 09:45 am ISTMohammad Azam लाइव हिन्दुस्तान, कोटा
share

दुनिया में सिर्फ एक जगह है जहां रावण के भाई विभीषण की पूजा होती है। यह मंदिर राजस्थान के कोटा में स्थित है और यह 5 हजार साल पुराना मंदिर माना जाता है।

दुनिया में सिर्फ एक जगह होती है रावण के भाई की पूजा, कहां है 5 हजार साल पुराना मंदिर

राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने यहाँ कोटा जिले के कैथुन कस्बे में धुलेंडी के दिन प्रति वर्ष आयोजित होने वाले पारम्परिक विभीषण मेले का उदघाटन किया।आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि पिछले 45 सालों से आयोजित हो रहे इस मेले मे हिरणयाकश्यप का पुतला बनाया जाता है। आसपास क्षेत्र के मंदिरों से देव विमान शोभायात्रा के साथ विभीषण मंदिर पहुंचते हैं। विधिविधान से पूजन के बाद सभी देव विमान मेला स्थल पहुंचते हैं। जहाँ आतिशबाज़ी के बाद मुख्य अतिथि द्वारा हिरणयाकश्यप के पुतले का दहन किया जाता है।

5 हजार साल पुराना है मंदिर

राजस्थान के कोटा के निकट कैथून में स्थित विभीषण मंदिर दुनिया का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहाँ रावण के भाई विभीषण की पूजा होती है। यह करीब पांच हजार वर्ष पुराना माना जाता है। कहा जाता है कि रामराज्याभिषेक के बाद, विभीषण ने भगवान शिव और हनुमान जी को भारत भ्रमण कराने की इच्छा जताई। वे एक विशाल कांवड़ में उन्हें बिठाकर निकले। कैथून (प्राचीन नाम कौथुनपुर या कनकपुरी) में जब विश्राम के लिए कांवड़ जमीन पर टिकी, तो शर्त के अनुसार वे यहीं रुक गए। माना जाता है कि चौरचौमा में महादेव और रंगबाड़ी में हनुमान जी स्थापित हुए, जबकि कैथून में विभीषण रुक गए। यह प्रतिमा धड़ से ऊपर की है और शेष भाग जमीन में धंसा हुआ है। यह मंदिर पांच हजार वर्ष पुराना माना जाता है।

होली के दिन लगता है मेला

यहाँ हर साल होली के आसपास सात दिवसीय मेला लगता है। यह देश का इकलौता स्थान है जहाँ होलिका दहन के बाद धुलंडी पर हिरण्यकश्यप के पुतले का दहन किया जाता है। मंदिर के वर्तमान ढांचे के बारे में कहा जाता है कि इसे करीब 1770-1821 में महाराव उम्मेदसिंह प्रथम ने बनवाया था।

दिलावर थे मुख्य अतिथि

सूत्रों ने बताया कि इस बार शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर मेले मे मुख्य अथिति थे। दिलावर ने पहले विभीषण मंदिर पहुंचकर विभीषणजी के दर्शन किये और उसके बाद मेला स्थल पहुंचकर हिरणयाकश्यप के पुतले का दहन किया! इस अवसर पर दिलावर ने कहा कि मेले हमारी संस्कृति के अभिन्न अंग हैं। मेलों से समाज में मेल-जोल बढ़ता है। मेले का अर्थ ही मिलाप है। उन्होंने कहा कि विभीषण जी धर्मात्मा थे और प्रभु राम के बड़े भक्त थे। अधर्म के पथ पर चल रहे अपने भाई का साथ छोड़कर उन्होंने प्रभु श्री राम का साथ दिया!

क्या बोले मदन दिलावर

मदन दिलावर ने कहा कि इस मंदिर की भूमि को कालांतर में वक्फ की संपत्ति बताकर कब्जा कर लिया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने नए वक्फ संशोधन कानून को पारित किया है, जिसके आधार पर अब केवल वही संपत्ति वक्फ के नाम दर्ज होगी जो मुस्लिम समाज द्वारा दान की गई हो। इसके अतिरिक्त कोई संपत्ति या जमीन वक्फ बोर्ड में दर्ज नहीं होगी। इसी कानून के सहारे से वर्षों से न्यायालय में मुकदमा लड़ रहे हिंदू समाज के लोगों को जीत मिली और कब्जाई गई विभीषण मंदिर की जमीन वापस हिंदू समाज को सौंपने के आदेश न्यायालय ने दिए। उन्होंने कहा कि मंदिरों की जमीन पर कोई कब्जा न कर सके इसके लिए राज्य सरकार ने आदेश निकाल दिया है कि अब आबादी क्षेत्र में स्थित सभी मंदिरों को उनकी जमीन के पट्टे सरकार देगी। जिससे मंदिरों की जमीन पर मंदिर का मालिकाना हक होगा और कोई भी अवैध अतिक्रमण नहीं कर सकेगा। साथ ही यह प्रावधान किया गया है कि मंदिर के नाम की जमीन का पट्टा किसी व्यक्ति के नाम न होकर मंदिर की मूर्ति के नाम होगा। श्री दिलावर ने घोषणा की कि राज्य के सभी मंदिरों की जमीनों का सर्वेक्षण कर लिया गया है। शीघ्र ही राज्य में मंदिरों को पट्टे बनाकर दिए जाएंगे।

Mohammad Azam

लेखक के बारे में

Mohammad Azam

संक्षिप्त विवरण

मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।


राजनीतिक पत्रकारिता में आजम

आजम की देश की राजनीति में काफी रुचि है। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद की राजनीतिक घटनाओं की कई किताबों का अध्ययन होने के चलते अच्छी समझ है। यही कारण रहा कि आजम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीतिक बीट से की। राजनीति के साथ आजम क्राइम और सोशल मीडिया पर वायरल चल रही खबरों में भी अच्छी महारत हासिल है।


पत्रकारिता का उद्देश्य

आजम का मानना है कि पत्रकारिता जनपक्षीय होनी चाहिए। पत्रकारिता के दौरान अपनी भावनाओं को काबू में रखकर तथ्य आधारित पत्रकारिता आजम को जिम्मेदार बनाती है। पत्रकारिता में आजम तथ्य आधारित सूचनाएं पहुंचाने के साथ ही, साहित्यिक लेखन में भी महारत हासिल है।


विशेषज्ञता ( Area of Expertise )

पॉलिटिकल और क्राइम की खबरें
राजनीति से जुड़े लोगों के इंटरव्यू
क्राइम और वायरल खबरें
पॉलिटिकल एक्सप्लेनर

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Rajasthan News, Jaipur News, Jodhpur News, Alwar News, Ajmer News, Udaipur News और Kota News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।