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हिंदी न्यूज़ राजस्थानएक तस्वीर और परिवर्तन का इशारा, पायलट पर क्यों अचानक फट पड़े अशोक गहलोत; इनसाइड स्टोरी

एक तस्वीर और परिवर्तन का इशारा, पायलट पर क्यों अचानक फट पड़े अशोक गहलोत; इनसाइड स्टोरी

राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर घमासान के आसार बन गए हैं। कुछ दिनों की शांति के बाद जिस तरह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर सचिन पायलट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ?

एक तस्वीर और परिवर्तन का इशारा, पायलट पर क्यों अचानक फट पड़े अशोक गहलोत; इनसाइड स्टोरी
Sudhir Jhaलाइव हिन्दुस्तान,जयपुरThu, 24 Nov 2022 05:46 PM

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राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर घमासान के आसार बन गए हैं। कुछ दिनों की शांति के बाद जिस तरह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर सचिन पायलट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है उससे कांग्रेस में उठापटक तय माना जा रहा है। गहलोत ने पूर्व उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रहे सचिन पायलट को गद्दार कहते हुए साफ कर दिया है कि वह उन्हें कभी मुख्यमंत्री स्वीकार नहीं कर सकते हैं। लेकिन आखिर अचानक ऐसा क्या हो गया कि सोनिया गांधी से माफी मांगने के बाद से चुप्पी साधे रहे गहलोत फट पड़े? गुजरात चुनाव में कांग्रेस के अभियान की बागडोर संभाल रहे गहलोत को अचानक इस तरह आक्रामक होने की जरूरत क्यों पड़ी? राजनीतिक जानकार वजहें तलाशने में जुट गए हैं।

गहलोत ने पायलट पर बयानों की बमबारी ऐसे समय पर की है,जब राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा मध्य प्रदेश से गुजरते हुए राजस्थान की ओर बढ़ रही है। गुरुवार को पहली बार प्रियंका गांधी वाड्रा भी राहुल के साथ यात्रा में शामिल हुई। राहुल और प्रियंका के साथ सचिन पायलट की भी तस्वीरें सामने आईं तो राजस्थान को लेकर एक बार फिर अटकलें तेज होने लगीं। इसे गुजरात में संभावित बदलाव से जोड़कर पेश किया जाने लगा। माना जा रहा है कि गहलोत भी इसी 'तिकड़ी तस्वीर' से बेचैन हो उठे। 2020 में जब पायलट ने गहलोत के खिलाफ बगावत की और भाजपा में उनका जाना लगभग तय माना जा रहा था तो प्रियंका गांधी ने अहम भूमिका निभाते हुए राहुल गांधी से पायलट की मुलाकात कराई और खेल पलट गया।

कहा जाता है कि राहुल और प्रियंका ने पायलट से कुछ वादे किए थे, जिन्हें वह अभी तक पूरा नहीं कर पाए हैं। पिछले दिनों जब गहलोत को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की तैयारी चल रही थी तो माना गया कि उस वादे को पूरा करने का समय आ गया है। गहलोत समर्थक विधायकों ने हाईकमान के नाम एक लाइन का प्रस्ताव पास करने से इनकार कर दिया। इसके बाद गहलोत अध्यक्ष की रेस से बाहर हो गए और उन्हें सोनिया गांधी से माफी मांगनी पड़ी।

पायलट ने बताया 'परिवर्तन का इशारा'
सचिन पायलट ने राहुल और प्रियंका गांधी के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए ट्विटर पर जो लिखा उसके भी मयाने तलाशे जा रहे हैं। माना जा रहा है कि गहलोत की बेचैनी की यह भी एक वजह हो सकती है। पायलट ने लिखा, ''भारत जोड़ो यात्रा का आज एक नया दिन परंतु देश जोड़ने का संकल्प व जोश वही। मध्य प्रदेश के बोरगांव से आज आरंभ हुई भारत जोड़ो यात्रा में सम्मिलित हुआ। राहुल गांधी जी और प्रियंका गांधी जी के साथ उठता हर कदम एक सकारात्मक परिवर्तन की ओर इशारा करता है।''

पायलट के हक में उठ रहीं आवाजें
सचिन पायलट के समर्थक एक बार फिर उन्हें सीएम बनाए जाने की मांग जोरशोर से करने लगे हैं। गहलोत कैबिनेट के कुछ मंत्री भी इसमें शामिल हैं। इस बीच गुर्जर समुदाय के बड़े नेता विजय बैंसला ने भी पायलट को मुख्यमंत्री बनाने की मांग करते हुए कहा है कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो उनका समुदाय राहुल गांधी की यात्रा का विरोध करेगा। माना जा रहा है कि राहुल गांधी के राजस्थान में आने के बाद पार्टी में कलह तेज हो सकती है।