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Hindi News राजस्थानआतंकवादियों ने सबकुछ छीन लिया, हमें शांति चाहिए; धरने पर बैठा रियासी हमले में मारे गए लोगों का परिवार

आतंकवादियों ने सबकुछ छीन लिया, हमें शांति चाहिए; धरने पर बैठा रियासी हमले में मारे गए लोगों का परिवार

हजारों लोगों ने स्थानीय पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया और आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ एक करोड़ रुपए मुआवजे की भी मांग की।

आतंकवादियों ने सबकुछ छीन लिया, हमें शांति चाहिए; धरने पर बैठा रियासी हमले में मारे गए लोगों का परिवार
Aditi Sharmaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 11 Jun 2024 06:27 PM
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जम्मू-कश्मीर के रियासी में हुए आतंकी हमले ने कई परिवारों को बिखेर कर रख दिया है। रविवार को शिवखोड़ी से कटरा जा रही यात्रियों की बस को आतंकवादियों ने निशाना बनाया। इस दौरान बस के ड्राइवर को गोली लगी जिससे वह नियंत्रण खो बैठा और बस खाई में जा गिरी। इस घटना में 10 लोगों की मौत हो गई थी। इन 10 लोगों में जयपुर के वे 4 लोग भी शामिल थे जिनका परिवार आज इंसाफ की गुहार लगाते हुए सड़कों पर उतर आया है। इन सभी लोगों ने स्थानीय पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया और आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ एक करोड़ रुपए मुआवजे की भी मांग की।

मृतकों में से एक राजेंद्र प्रसाद सैनी के बड़े भाई ओम प्रकाश सैनी ने कहा, "हम शांति चाहते हैं। हम इस आतंकवाद का अंत चाहते हैं। इस एक घटना में मेरा पूरा परिवार खत्म हो गया। मेरे भतीजे और भतीजी ने अपने माता-पिता को खो दिया। सरकार को दोषियों को पकड़ना चाहिए। हमारी एकमात्र मांग मेरे भाई के बच्चों का भविष्य को सुरक्षित करने के लिए 10,000,000 का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी है ”। 

'आतंकवादियों ने मेरा सब छीन लिया'

राजेंद्र (43), उनकी पत्नी ममता सैनी (40), भतीजी पूजा सैनी (27) और उनका दो साल का बेटा लिवंश सैनी उन नौ तीर्थयात्रियों में से थे, जो रविवार को कटाराजाते समय आतंकवादी हमले के कारण मारे गए। इस बीच, पूजा के पति पवन सैनी (30) भी घायल हो गए और घटना के बाद उन्हें कश्मीर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। अंतिम संस्कार के लिए उनके शव उनके घर पहुंचे तो गुस्साए लोग धरने पर बैठ गए। पवन सैनी को एक एंबुलेंस में वहां पहुंचाया गया। उन्होंने कहा, आतंकवादियों ने मुझसे सब कुछ छीन लिया। मैं चाहता हूं कि सरकार अब आतंकवादियों को गिरफ्तार करे। मैं देश में शांति चाहता हूं। मेरी कोई और मांग नहीं है।

बाजार बंद, गाड़ियों में तोड़फोड़

चोमू एसीपी अशोक चौहान के अनुसार, "मंगलवार सुबह हजारों लोग चोमू और मुरलीपुरा पुलिस स्टेशनों के सामने इकट्ठे हुए, जहां पीड़ितों के शव रखे गए थे और धरना देना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने दोनों क्षेत्रों में स्थानीय बाजार भी बंद कर दिया। तनाव बढ़ने पर पुलिस ने पूरे इलाके में अतिरिक्त बल भी तैनात कर दिया है।  उन्होंने बताया कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हल्का बल भी प्रयोग किया। कुछ लोगों ने मुख्य सर्कल को ब्लॉक कर दिया और रोडवेज वाहनों में भी तोड़फोड़ की, जिससे भारी जाम लग गया। हमने पहले ही कुछ जगहों पर यातायात को डायवर्ट कर दिया था। लेकिन, अब हमें भीड़ को हटाने के लिए हल्का बल लगाना पड़ा।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत, स्थानीय विधायक शिखा मील, पूर्व विधायक रामलाल शर्मा सहित अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कुंवर राष्ट्रदीप, पुलिस उपायुक्त अमित बुढानिया और सहायक पुलिस आयुक्त अशोक चौहान मौके पर पहुंचे. उन्होंने परिजनों से मुलाकात भी की। 

सांसद गहलोत ने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार पीड़ित परिवारों को उनकी मांगी गई मुआवजा राशि और नौकरी उपलब्ध कराएगी. "वे हमारे परिवार का हिस्सा थे। उनके साथ जो हुआ वह बेहद निराशाजनक है। मैंने पहले ही इस मामले के बारे में सीएम (भजन लाल शर्मा) से बात की है और वह राजेंद्र और पूजा दोनों के परिवारों को 5,000,000 रुपये प्रदान करने पर सहमत हुए हैं। एक सरकारी नौकरी दी जाएगी उनके परिवार के किसी एक सदस्य को सचिवालय या नगर पालिका में अनुबंध के आधार पर एक डेयरी बूथ भी उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार किसी भी स्थिति में परिवारों के साथ है।"