ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News राजस्थानराजस्थान में क्लैश, वसुंधरा राजे नहीं तो फिर कौन होगा मुख्यमंत्री ? कहां फंसा पेच

राजस्थान में क्लैश, वसुंधरा राजे नहीं तो फिर कौन होगा मुख्यमंत्री ? कहां फंसा पेच

राजस्थान में  सीएम पद को लेकर बने सस्पेंस के बीच वसुंधरा राजे के शक्ति प्रदर्शन ने पार्टी आलाकमान की चिंता बढ़ा दी है। वसुंधरा राजे के आलास पर 37 विधायक पहुंचे। सभी राजे की सीएम बनाने की मांग की है।

राजस्थान में क्लैश, वसुंधरा राजे नहीं तो फिर कौन होगा मुख्यमंत्री ? कहां फंसा पेच
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान ज,जयपुरTue, 05 Dec 2023 06:42 AM
ऐप पर पढ़ें

राजस्थान में  सीएम पद को लेकर बने सस्पेंस के बीच वसुंधरा राजे के शक्ति प्रदर्शन ने पार्टी आलाकमान की चिंता बढ़ा दी है। वसुंधरा राजे के आलास पर 37 विधायक पहुंचे। सभी ने पार्टी से वसुंधरा राजे को सीएम बनाने की मांग की है। हाला्ंकि, वसुंधरा समर्थकों ने 47 विधायक पहुंचने का दावा किया है। सियासी जानकारों का कहना है कि राजस्थान के रण में बीजेपी ने चुनाव तो जीत लिया है। लेकिन परीक्षा अब शुरू होने वाली है। क्योंकि सीएम फेस को लेकर मामला फंसा हुआ है। मोदी-अमित शाह वसुंधरा राजे को नहीं चाहते है। ओम माथुर पहली पंसद बताए जा रहे हैं। सियासी जानकारों का कहना है कि राजस्थान में बीजेपी की चुनावी जीत में इसके कई दिग्गज नेताओं की ख़ासी भूमिका रही। इसमें महंत बालकनाथ का नाम सबसे आगे है। राजे समर्थक बालकनाथ का विरोध कर रहे हैं। दोनों नेता राजे को पंसद करते को फिर सीएम फेस ही घोषित कर देते। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विधानसभा चुनाव पीएम मोदी के चेहरे पर ही लड़ा गया।  

समर्थकों को टी-पार्टी के बहाने बुलाया

सियासी जानकारों का कहना है कि वसुंधरा राजे ने जिस तरह से अपने समर्थकों को टी-पार्टी के बहाने बुलाया है। उससे साफ जाहिर है कि वह आसानी से हार मानने वाली नहीं है। राजे सीधे टकराव के मूड में दिखाई दे रही है। बता दें चुनाव के दौरान भी राजे ने केवल अपने समर्थकों के क्षेत्रों में ही चुनाव प्रचार किया था। राजे के करीब 60 समर्थकों को टिकट मिले। उनमें से करीब 50 के आसपास चुनाव जीतने में सफल रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि वसुंधरा राजे की पार्टी आलाकमान अनदेखी नहीं कर सकता है। सियासी जानकारों का कहना है कि अनदेखी करता है तो फिर लड़ाई-झगड़े शुरू हो सकते है।

आख़िर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कौन बैठेगा?

सियासी जानकारों का कहना है कि राजस्थान में बीजेपी ने किसी को भी सीएम चेहरा बना कर चुनाव नहीं लड़ा, इसलिए अब ये सवाल काफ़ी अहम हो गया है कि आख़िर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कौन बैठेगा? जानकारों का कहना है कि इस बार पार्टीआलाकमान वसुंधरा राजे के सीएम बनाने के कतरा रहा है। ऐसे में पार्टी के वरिष्ठ नेता ओम माथुर, जयपुर राजघराने से जुड़ी दीया कुमारी, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और अलवर के तिजारा से महंत बालकनाथ के नाम सबसे आगे चल रहे है। चर्चा है कि मोदी-शाह ओम माथुर को पंसद करते है। ओम माथुर को जहां भेजा गया। जीत मिली। यूपी और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में ओम माथुर की रणनीति सफल रही। जबकि आऱएसएस इस बार वसुंधरा राजे को एक औऱ मौका देने के पक्ष में है। सूत्रों के अनुसार हालांकि, महंत बालकनाथ और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को लेकर पार्टी असमंजस की स्थिति  में है। 
 

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें