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हिंदी न्यूज़ राजस्थानजयपुर में 15 दिन से धरने पर बैठे हैं हजारों बेरोजगार, भूखे रहकर शहीद स्मारक पर ही मनाएंगे दिवाली

जयपुर में 15 दिन से धरने पर बैठे हैं हजारों बेरोजगार, भूखे रहकर शहीद स्मारक पर ही मनाएंगे दिवाली

जयपुर, लाइव हिंदुस्तानManish Sharma
Thu, 28 Oct 2021 01:17 PM
जयपुर में 15 दिन से धरने पर बैठे हैं हजारों बेरोजगार, भूखे रहकर शहीद स्मारक पर ही मनाएंगे दिवाली

रीट, एसआई सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल के खिलाफ सख्त कानून बनाने सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हजारों बेरोजगार 15 दिन से जयपुर में धरना दे रहे हैं। बेरोजगारों युवकों का कहना है कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वे भूखे रहकर शहीद स्मारक पर ही दीपावली मनाएंगे।

राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ की ओर से लंबित भर्तियों को पूरा करने, नई भर्तियां निकालने सहित अन्य विभिन्न मांगों को लेकर शहीद स्मारक पर चल रहा धरना आज 15 दिन भी जारी रहा। बेरोजगारों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल के खिलाफ सख्त कानून बनाने की उनकी प्रमुख मांग है। प्रतियोगी परीक्षाओं के में अनुचित साधनों के उपयोग पर 7 साल की सजा करने, गैर जमानती अपराध मानने के साथ-साथ फर्जी डिग्री और डमी व्यक्तियों पर कार्यवाही की भी उनकी मांगे हैं। ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द अपना वादा निभाते हुए ऑर्डिनेंस लाकर कानून बनाना चाहिए। 

सरकार चुप क्यों है?

बेरोजगार युवकों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी और यूं ही अड़ियल रवैया बनाए रखा तो वे शहीद स्मारक पर ही भूखे रहकर दिवाली मनाएंगे। महासंघ के अध्यक्ष उपेन यादव ने बताया कि रीट, एसआई भर्ती की जांच सीबीआई से करवाने और पेपर लीक के दोषी सभी अभियुक्तों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करके पूरे मामले का खुलासा सरकार को करना चाहिए। उन्होंने सवाल भी उठाया है कि हजारों बेरोजगार दिन-रात डेंगू जैसी बीमारी के प्रकोप के बावजूद धरने पर बैठे हुए हैं, यहां तक कि कई बेरोजगारों को इस बीमारी ने अपनी चपेट में भी ले लिया है इसके बावजूद सरकार चुप क्यों है?


ये हैं मुख्य मांगें

रीट 2021, एसआई भर्ती 2021 की जांच सीबीआई से तत्काल करवाई जाए। भविष्य में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गैर जमानती कानून के साथ दोषियों के खिलाफ सख्त सजा और संपत्ति जब्त करने का कानून भी बनाया जाए। पेपरलीक के सरगना बत्तीलाल ने किस-किस को पेपर भेजा है और उसे राजनीतिक संरक्षण देने वाले राजनेताओं का भी जल्द से जल्द खुलासा किया जाए।

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