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दोस्ती की मिसाल! साथी की 'शवयात्रा' के पीछे चलता रहा मोर, नम आंखों से दी विदाई; देखें VIDEO

मोहब्बत सिर्फ इंसानों के बीच नहीं होती, जितनी शिद्दत से इंसान मोहब्बत कर सकते हैं, उतनी ही शिद्दत जीव-जंतुओं की चाहत में भी होती है। इसका एक उदाहरण राजस्थान के नागौर जिले में देखने को मिला। यहां रहने...

दोस्ती की मिसाल! साथी की 'शवयात्रा' के पीछे चलता रहा मोर, नम आंखों से दी विदाई; देखें VIDEO
Vishva Gauravलाइव हिंदुस्तान,नागौर।Wed, 05 Jan 2022 09:15 PM

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मोहब्बत सिर्फ इंसानों के बीच नहीं होती, जितनी शिद्दत से इंसान मोहब्बत कर सकते हैं, उतनी ही शिद्दत जीव-जंतुओं की चाहत में भी होती है। इसका एक उदाहरण राजस्थान के नागौर जिले में देखने को मिला। यहां रहने वाले एक मोर के जोड़े के बीच बेपनाह मोहब्बत देखने को मिली। अपने साथी की मौत के बाद साथी मोर ने नम आंखों से विदाई देते हुए उसकी 'शवयात्रा' में हिस्सा लिया।

भारतीय वन सेवा से जुड़े परवीन कासवां से घटना से जुड़ा एक वीडियो ट्विटर पर शेयर किया है। जानकारी के मुताबिक, नागौर जिले के कुचेरा में रहने वाले वन एवं जीव रक्षा केन्द्र चलाने वाले राम स्वरूप बिश्नोई के घर में तीन मोर रहते थे। ये मोर यहां चार साल से रह रहे थे। रविवार शाम को आठ वर्षीय नर मोर ने बुढ़ापे और आंख की रोशनी चली जाने के चलते अंतिम सांस ली। नर मोर की मौत के बाद जब वहां के लोग उसका अंतिम संस्कार करने के लिए जब ले जा रहे थे तो साथी मोर उसके पीछे करीब तीन घंटे तक अपने साथी के शव के आसपास करीब तीन घंटे तक घूमता रहा।

अंतिम संस्कार के बाद वापस आया साथी मोर
इतना ही नहीं, जब वहां के लोग मोर के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने लगे तो उसका साथी मोर उस 'शवयात्रा' के पीछे चलने लगा। हिंदुस्तान लाइव से बातचीत में बिश्नोई ने बताया कि मृत मोर और उसके साथी हर रोज सुबह-शाम साथ ही खाना खाते थे। उन मोरों में बिल्कुल परिवार जैसा प्यार देखने को मिलता था। उन्होंने बताया, 'काफी देर तक साथी मोर ने मृत मोर के शव को नहीं ले जाने दिया। आखिरकार जब बच्चे मोर के शव को ले जाने लगे तो वह भी साथ में गया और अंतिम संस्कार के बाद साथ में ही वापस आया।'

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