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राजस्थान के लिए सोना उगलेगी ये खदान, 1 लाख करोड़ रु का राजस्व मिलने का है अनुमान

खान विभाग ने राज्य की पहली सोने की खदानों के लिए 6 मार्च को ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू की। सफल बोलीदाताओं ने 16 मई को खनन पट्टे के लिए और 17 मई को समग्र लाइसेंस के लिए तकनीकी रूप से अर्हता प्राप्त की।

राजस्थान के लिए सोना उगलेगी ये खदान, 1 लाख करोड़ रु का राजस्व मिलने का है अनुमान
Sourabh Jainहिन्दुस्तान टाइम्स,बांसवाड़ा, राजस्थानTue, 25 Jun 2024 05:58 PM
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राजस्थान के बांसवाड़ा में स्थित राज्य की पहली सोने की खदान सरकार के लिए सचमुच सोना उगलने वाली है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि इस खदान से अगले 50 सालों में राज्य सरकार को 1 लाख करोड़ रुपए का राजस्व मिलने की उम्मीद है। इस खदान से सिर्फ सोना ही नहीं मिलेगा, बल्कि औद्योगिक निवेश, रोजगार और राजस्व के नए अवसर भी खुलेंगे। यहां करीब 113.52 मिलियन टन कच्चा सोना होने की उम्मीद है।

बांसवाड़ा के भुकिया जगपुरा में स्थित इस खदान से विभिन्न राजस्व स्रोतों जैसे प्रीमियम, रॉयल्टी, DMFT (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट) और NMET (राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट) के जरिए अगले 50 वर्षों तक सरकारी खजाना भरने की उम्मीद है। इसके अलावा इस परियोजना के माध्यम से राज्य में सोने के खनन और प्रसंस्करण गतिविधियों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 50 हजार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे, जो राज्य के आर्थिक विकास को गति देने का काम करेंगे।

इस बारे में जानकारी देते हुए खान सचिव आनंदी ने कहा, 'राज्य सरकार को भुकिया-जगपुरा के लिए खनन पट्टे की नीलामी से प्राप्त आय के अलावा, अग्रिम भुगतान के रूप में तीन किस्तों में 500 करोड़ रुपए मिलेंगे। जिसमें से 100 करोड़ रुपए की पहली किस्त 15 दिनों के अन्दर मिलने की उम्मीद है।'

खान विभाग ने 6 मार्च को राज्य की पहली सोने की खदानों के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू की। सफल बोलीदाताओं ने 16 मई को खनन पट्टे के लिए और 17 मई को समग्र लाइसेंस के लिए तकनीकी रूप से अर्हता प्राप्त की। राज्य की पहली सोने की खदान की नीलामी में 65.30% का प्रीमियम हासिल हुआ। 

आनंदी ने कहा कि 'बांसवाड़ा में भुकिया-जगपुरा और कांकरिया-गारा में राज्य की पहली सोने की खदानों से सोने के अलावा तांबा, कोबाल्ट, निकल जैसे अन्य सह-खनिज भी मिलेंगे। जिससे कि राज्य के भीतर एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरबैग और आभूषण क्षेत्र सहित विभिन्न उद्योगों में नए निवेश के आने की उम्मीद है।'

आगे उन्होंने कहा, 'इसके अलावा इन सह-खनिजों के निकलने से यहां तो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के रोजगार के अभूतपूर्व अवसर पैदा होने की उम्मीद है है, साथ ही इन सह-खनिजों से संबंधित उद्योगों में निवेश के प्रवाह से पर्याप्त राजस्व और राज्य भर में रोजगार की संभावनाएं बढ़ने की संभावना है।'

महिला अधिकारी ने बताया, 'बांसवाड़ा की घाटोल तहसील के भुकिया-जगपुरा क्षेत्र में सोने का विशाल भंडार है। मूल रूप से भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के भूवैज्ञानिकों द्वारा तांबे के लिए खोजे गए इस क्षेत्र में पहली बार सोने के अयस्क के संकेत मिले हैं। इलाके में की गई जांच-पड़ताल के बाद प्रारंभिक अनुमान 940.26 हेक्टेयर क्षेत्र में 113.52 मिलियन टन कच्चे सोने (अयस्क) की उपस्थिति का संकेत दे रहे हैं, जिसमें 222.39 टन शुद्ध सोने की धातु होने का अनुमान है। इसके अलावा यहां सोने के अयस्क के साथ-साथ विभिन्न सह-खनिजों के निकलने की भी उम्मीद है।'

खान निदेशक भगवती प्रसाद कलाल ने कहा अनुमान लगाया गया है कि कांकरिया-गारा के 205 हेक्टेयर क्षेत्र में 1.24 मिलियन टन स्वर्ण अयस्क मौजूद हो सकता है। कांकरिया-गारा खदानों में पांच प्रतिभागियों ने रुचि दिखाई है, तथा आवश्यक परीक्षण और मूल्यांकन के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।