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शिक्षा के क्षेत्र में सरस्वती का क्या योगदान? विवाद में दोनों पक्षों ने दर्ज कराया मामला

राजस्थान के बारां जिले में 26 जनवरी  ग्रामीणों व विद्यालय की एक शिक्षिक द्वारा मां सरस्वती की तस्वीर नहीं लगाने के मामले ने तूल पकड़ लिया। दोनों पक्षों ने थाने में मामला दर्ज कराया है।

शिक्षा के क्षेत्र में सरस्वती का क्या योगदान?  विवाद में दोनों पक्षों ने दर्ज कराया मामला
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरSun, 28 Jan 2024 04:15 PM
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राजस्थान में मां सरस्वती की तस्वीर नहीं लगाने का मामला थम नहीं रहा है। बारां जिले के ग्राम लकड़ाई में गणतंत्र दिवस पर मां सरस्वती की तस्वीर नहीं रखने की बात पर विवाद हो गया था। अब इस मामले में थाने में तीन मामले दर्ज हुए है। मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक को सौंपी है। नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम लकड़ाई में गणतंत्र दिवस पर मां सरस्वती की तस्वीर नहीं लगाने को लेकर हुए विवाद में दोनों पक्षों की ओर से मामला दर्ज करवाया गया है। बैरवा समाज की ओर से भी ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है। विद्यालय के स्टाफ हंसराज सेन ने शिक्षिका के खिलाफ शिकायत दी है। पुलिस सभी मामलों की जांच कर रही है। 

शिक्षिका ने रिपोर्ट दर्ज कराई 

थानाधिकारी देवकरण चौधरी ने कहा कि शिक्षिका की ओर से दी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान गांव के हंसराज नागर, राधेश्याम नागर, भरत नागर, किशन नागर के साथ अन्य सदस्य और विद्यालय स्टाफ के हंसराज सेन और भूपेंद्र सेन ने सरस्वती पूजा को लेकर उनको प्रताड़ित किया. साथ ही, गांव के लोगों ने भी उन्हें जातिसूचक शब्दों से प्रताड़ित किया। थानाधिकारी ने बताया कि शिक्षिका की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया है, जिसकी जांच पुलिस उपाधीक्षक की ओर से की जाएगी।

ग्रामीण बोले- धार्मिक भावनाएं हुई आहत

दूसरे पक्ष लकड़ाई निवासी हंसराज नागर, फूलसिंह गुर्जर, राधेश्याम नागर और चंद्र गुर्जर ने रिपोर्ट देकर बताया कि विद्यालय में गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अध्यापिका हेमलता बैरवा ने शिक्षा की देवी मां सरस्वती की तस्वीर हटाकर उनके बारे में अपमानजनक टिप्पणी की, जिनसे हमारी धार्मिक और राष्ट्रीय भावनाएं आहत हुई है। साथ ही शिक्षिका हेमलता के साथ हजारीलाल बैरवा, नवल बैरवा सहित अन्य 2 भाई और लालचंद बैरवा, नवल बैरवा, रामदेव, नरेंद्र सहित अन्य 20-25 लोगों, परिवारजनों और समाज विशेष के लोगों ने गाली-गलौज कर उन्हें धमकाया।
 

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