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गहलोत संग विवाद को भूल गए हैं सचिन पायलट? बताया कांग्रेस हाईकमान से क्या मिली सलाह

राजस्थान में कुछ सालों पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच सत्ता को लेकर संघर्ष देखा गया। अब दोनों एक मंच पर दिखते हैं। इसे लेकर पायलट ने बड़ा बयान दिया है।

गहलोत संग विवाद को भूल गए हैं सचिन पायलट? बताया कांग्रेस हाईकमान से क्या मिली सलाह
Sneha Baluniलाइव हिन्दुस्तान,जयपुरTue, 21 Nov 2023 08:59 AM
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राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने में कुछ ही दिनों का समय बचा है। ऐसे में अशोक गहलोत और सचिन पायलट का साथ दिखना सुर्खियां बटोर रहा है क्योंकि दोनों नेताओं के बीच सत्ता को लेकर खींचतान रही है। सत्ता की कमान अपने हाथ में रखने के लिए तीन साल पहले पायलट ने अपनी ही सरकार के खिलाफ एक विद्रोह का नेतृत्व किया था। जिसके चलते सरकार लगभग गिर गई थी। आज पायलट फिर से अपनी पारंपरिक सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और काफी लंबे समय तक अपने प्रतिद्वंदी रहे गहलोत के साथ मंच साझा करते, साथ खड़े दिखाई देते हैं। जिससे कांग्रेस की जीत और बीजेपी की हार सुनिश्चित की जा सके। 

पिछले तीन दशक में राजस्थान की जनता ने किसी सरकार को दोबारा अपना प्रतिनिधित्व करने के लिए नहीं चुना है। जनता हर पांचसाल में सरकार बदल देती है। कांग्रेस 2023 के चुनाव में इस परंपरा को खत्म करने की कोशिश में है। वहीं बीजेपी भी सत्ता में वापसी के लिए अपनी ताकत झोंक रही है। इसी बीच एनडीटीवी ने पायलट से बातचीत की। कांग्रेस नेता ने कहा, 'डबल इंजन...डबल इंजन। कैसा डबल इंजन?' पायलट ने एक रैली में गरजते हुए लोकसभा और विधानसभा दोनों चुनावों में भगवा पार्टी को वोट देने वाले राज्यों के विकास के लिए भाजपा के वादे पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, 'एक इंजन हिमाचल प्रदेश में विफल हो गया... दूसरा कर्नाटक में।'

पायलट ने कहा, 'कांग्रेस को राजस्थान में सकारात्मक परिणाम का भरोसा है और पिछले महीने एनडीटीवी के चुनाव पूर्व सर्वेक्षण से पता चलता है कि उनके पास पॉजिटिव रहने का कारण है। 76 फीसदी मतदाता अपनी सरकार से संतुष्ट नजर आ रहे हैं। पार्टी ऊर्जावान है। हमने राजस्थान में कभी भी एक के बाद एक चुनाव नहीं जीते हैं। अब हमारी कोशिश इस चक्र को को तोड़ने का है (और) हम ऐसा करने के लिए अच्छी तरह से तैयार हैं। जनता के मूड में बदलाव है।'

अशोक गहलोत के साथ अपने विवाद को लेकर पायलट ने कहा, 'यह अतीत की बात है। हमने (कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन) खड़गे और (राहुल) गांधी से मुलाकात की। पार्टी ने (मेरी चिंताओं का) संज्ञान लिया। पार्टी आलाकमान ने मुझसे कहा कि माफ करो, भूल जाओ और आगे बढ़ो।' इससे पहले जुलाई में भी, सचिन पायलट ने गहलोत को लेकर 'माफ करो और भूल जाओ' वाली बात कही थी। उन्होंने पीटीआई को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा था, 'अगर थोड़ा भी इधर-उधर होता है तो यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है क्योंकि पार्टी और जनता किसी भी व्यक्ति से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। मेरा ध्यान अब साथ मिलकर काम करने पर है। कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। हमने राजस्थान में 30 साल से लगातार चुनाव नहीं जीता है। क्यों? हमें इस पर आत्ममंथन करने की जरूरत है।'