ट्रेंडिंग न्यूज़

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ राजस्थानविधानसभा में अटका Right To Health Bill, चर्चा के बाद प्रवर समिति को भेजा; जानिए क्यों

विधानसभा में अटका Right To Health Bill, चर्चा के बाद प्रवर समिति को भेजा; जानिए क्यों

राजस्थान विधानसभा में आज बहुप्रतिक्षित राजस्थान स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक अटक गया है। विधेयक के पारित हो जाने के बाद हर राजस्थानी का इलाज के साथ शुद्ध खाना-पानी और सफाई की गांरटी मिलती।

विधानसभा में अटका  Right To Health Bill, चर्चा के बाद प्रवर समिति को भेजा; जानिए क्यों
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरFri, 23 Sep 2022 08:28 PM

इस खबर को सुनें

0:00
/
ऐप पर पढ़ें

राजस्थान विधानसभा में आज बहुप्रतिक्षित राइट टू हेल्थ बिल (राजस्थान स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक 2022) पारित नहीं हो पाया है। इस बिल को चर्चा के बाद प्रवर समिति को भेजा गया है। वहीं इससे पहले विधानसभा में बिल पर चर्चा के दौरान बीजेपी ने आरोप लगाते हुए कहा कि 'राइट टू हेल्थ बिल' जल्दबाजी में क्रेडिट लेने के लिए लाया गया है। सरकार ने गुरुवार को सदन में रखा था। विधेयक के पारित हो जाने के बाद हर राजस्थानी का इलाज के साथ शुद्ध खाना-पानी और सफाई की गांरटी मिलती। प्रावधानों के अनुसार कोताही पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना होगा। जिसे तय करने के लिए जिला एवं राज्य स्तर पर स्वास्थ्य प्राधिकरण बनाए जाएंगे। विधेयक के प्रावधानों के अनुसार अस्पताल की दरों पर नियंत्रण की मंशा भी जाहिर की गई है। विधेयक में जनस्वास्थ्य का माॅडल तैयार करने का इरादा जताया है। वहीं, जैव आतंकवाद, रासायनिक हमले और महामारी को स्वास्थ्य से संबंधित आपात स्थिति में शामिल किया गया है। 

स्वास्थ्य को लेकर यह गांरटी 

पूछ सकेंगे रोग की प्रकृति, कारण तथा इलाज के परिणाम और खर्च। आपात स्थिति में अग्रिम इलाज के लिए अग्रिम फीस और पुलिस का इंतजार नहीं। उपचार की गोपनीयता। बिना सहमति आॅपरेशन, सर्जरी और कीमो थैरेपी नहीं। इससे पहले देनी होगी पूरी जानकारी। चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी पुरुष होने पर महिला रोगी की जांच अन्य महिला की मौजूदगी में ही। हर स्तर पर चिकित्सक, नर्स व अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता की उपब्धता। सुरक्षित खाद्य पदार्थ व पेयजल व स्वास्थ्य की गारंटी। 

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण का गठन इस प्रकार होगा। चेरयर्पसन- सयुंक्त सचिव व आईएएस अधिकारी। सदस्य सचिव- जन स्वास्थ्य निदेशक। राज्य प्राधिकरण का कार्य- जन स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं पर सरकार को सलाह देना। शुद्ध खाना-पानी व सफाई के मानकों के क्रियान्वयन के लिए रणनीति तैयार करना। स्वास्थ्य लक्ष्य कर पंचायती राज और शहरी निकायों के जनादेश में शामिल कराना। जन स्वास्थ्य आपातकाल और महामारी की स्थिति से निपटने के लिए रणनीति। गुणवत्तापूर्ण हेल्थकेयर के लिए नियमित आडिट का तंत्र विकसित करना। राज्य प्राधिकरण के गठन के एक माह के भीतर जिला स्वास्थ्य प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। 


 

epaper