ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News राजस्थानराजस्थान को मिलेगा 4 लाख मीट्रिक टन कोयला, दूर होगा बिजली संकट; सीएम के प्रयास ने लाया रंग

राजस्थान को मिलेगा 4 लाख मीट्रिक टन कोयला, दूर होगा बिजली संकट; सीएम के प्रयास ने लाया रंग

जल्द ही चार लाख मीट्रिक टन कोयला मिलने जा रहा है। इससे बिजली उत्पादन की क्षमता बढ़ जाएगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सक्रिय प्रयासों के बाद छत्तीसगढ़ सरकार इसके लिए तैयार हो गई है।

राजस्थान को मिलेगा 4 लाख मीट्रिक टन कोयला, दूर होगा बिजली संकट; सीएम के प्रयास ने लाया रंग
leader
Subodh Mishraवार्ता,जयपुरThu, 20 Jun 2024 07:14 PM
ऐप पर पढ़ें

इस भीषण गर्मी में बिजली कटौती से परेशान राजस्थान के लोगों के लिए अच्छी खबर है। दरअसल, राज्य को जल्द ही चार लाख मीट्रिक टन कोयला मिलने जा रहा है, जिससे बिजली उत्पादन की क्षमता बढ़ जाएगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सक्रिय प्रयासों के बाद छत्तीसगढ़ में फंसा चार लाख मीट्रिक टन (लगभग 100 रैक्स) कोयला राजस्थान को जल्द मिलेगा।

इस कोयले से प्रदेश के पावर प्लांट्स में कोयले के भंडार बढ़ेंगे, जिससे उत्पादन बढ़ेगा और आमजन को पर्याप्त बिजली उपलब्ध हो सकेगी। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम ने छत्तीसगढ़ के कोरबा में आर्यन कोल बेनिफिकेशन इंडिया लिमिटेड (एसीबीईएल) को साउथ इस्टर्न कोल फिल्ड लिमिटेड (एसईसीएल) की खदान से सूरतगढ़ और छबड़ा थर्मल पावर प्लांट के लिए कोयला सप्लाई का पांच वर्ष के लिए कार्यादेश दिया था।

हालांकि, जुलाई 2022 में छत्तीसगढ़ के राज्य कर (जीएसटी) विभाग, खनिज विभाग, राजस्व विभाग एवं पर्यावरण विभाग की संयुक्त कार्यवाही के कारण एसीबीईएल की वाशरीज को सील कर दिया गया। इससे राजस्थान का लगभग चार लाख मीट्रिक टन कोयला वाशरीज में फंस गया।

राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस प्रकरण का तुरंत संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं केंद्र सरकार से संपर्क किया और कोयले को रिलीज करने का आग्रह किया। शर्मा के अथक प्रयासों के के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने कोल रिलीज करवाने में गंभीरता से त्वरित कार्रवाई की। हाल ही में जिला कलक्टर कोरबा ने राजस्थान के लिए चार लाख मीट्रिक टन कोयले को रिलीज करने का आदेश दिया।

इस चार लाख मीट्रिक टन कोयले से राजस्थान को लगभग 100 कोल रैक्स की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, जिससे उत्पादन निगम के पावर प्लांट्स को कोयला भंडार बढ़ाने में मदद मिलेगी।