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Hindi News राजस्थानजिस फाइल को छूता हूं घोटाला निकलता है, इस्तीफे के कयासों के बीच बोले किरोड़ी लाल मीणा

जिस फाइल को छूता हूं घोटाला निकलता है, इस्तीफे के कयासों के बीच बोले किरोड़ी लाल मीणा

राजस्थान के कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने अपने विभाग के भीतर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। मंत्री ने कहा कि वह जो भी फाइल देखते हैं, उसमें घोटाला मिलता है।

जिस फाइल को छूता हूं घोटाला निकलता है, इस्तीफे के कयासों के बीच बोले किरोड़ी लाल मीणा
Subodh Mishraलाइव हिन्दुस्तान,जयपुरMon, 17 Jun 2024 06:32 PM
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राजस्थान के कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने अपने विभाग के भीतर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। पहले इस्तीफे का संकेत देने के बाद मीणा ने कहा कि उनके कृषि विभाग में कई योजनाएं हैं जो सब्सिडी प्रदान करती हैं। बीज निगम भी उन्हीं के दायरे में है, लेकिन इसके हर मामले में घोटाला है। वह जो भी फाइल देखते हैं, उसमें घोटाला मिलता है। कृषि मंत्री की यह टिप्पणियां विभाग के सामने मौजूद गहरी चुनौतियों को रेखांकित करती हैं। 
 
सिरोही जिले के ब्रह्माकुमारी आश्रम में आयोजित किसान सम्मेलन में मीणा ने कहा, ''मेरा मानना ​​है कि राजनीति अब सेवा का माध्यम नहीं रह गई है, यह एक उद्योग बन गई है। मेरे पास बहुत से लोग आते हैं। हमारे कृषि विभाग में अनेक योजनाएं हैं, जिसमें सब्सिडी मिलता है। बीज निगम भी मेरे दायरे में है, लेकिन हर मामले में घोटाला है। इस निगम में तीन अधिकारी ऐसे थे, जिन्होंने तीन शासन बदलने के बावजूद 20 साल तक अपना पद नहीं छोड़ा। जब मैंने उन्हें हटाया, तो भूकंप आ गया।"

मीणा ने कहा, ''मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि अगर मैं ईमानदारी से किसानों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध हूं और गांव का विकास करना चाहता हूं तो पैसे की कोई कमी नहीं है। कहा कि अगर जन प्रतिनिधि और सरकार भ्रष्टाचार को रोकने में सफल हो जाएं तो गांव के विकास और किसानों की समृद्धि में कोई बाधा नहीं आ सकती। गांव और किसान निःसंदेह प्रगति करेंगे।''
 
मंत्री ने राज्य विधानसभा में प्रवचन सत्र आयोजित करने पर भी जोर दिया। कहा कि हम राजनीतिक जीवन में हैं और सामाजिक जीवन में जो कुछ भी आता है वह हमारे मूल्यों को प्रभावित करता है। कहा कि यहां आश्रम में जिस तरह प्रवचन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ऐसे कार्यक्रम जयपुर विधानसभा में आयोजित किए जाने चाहिए। मैं चाहूंगा कि राजस्थान विधानसभा सत्र के दौरान सभी विधायकों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री को इसमें शामिल करते हुए प्रवचन आयोजित करने के बारे में अध्यक्ष से बात की जाए। हम इससे मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। कहा कि हमारा उद्देश्य गांवों और राष्ट्र के विकास में ईमानदारी से योगदान देना है। कहा कि राजस्थान के मंत्री के रूप में मैं यहां से प्रेरणा लेकर ग्रामीण विकास को आगे बढ़ाने का प्रयास करूंगा।

मीणा ने पूर्वी राजस्थान में भाजपा के लोकसभा सीटें हारने पर इस्तीफा देने की प्रतिज्ञा की थी। वह पिछले दस दिनों से न तो कार्यालय जा रहे हैं और न ही अपने आधिकारिक वाहन का उपयोग कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान मीणा ने दौसा में मतदाताओं को आश्वासन दिया था कि अगर भाजपा दौसा, जयपुर ग्रामीण, अलवर, भरतपुर, धौलपुर करौली, झालावाड़ और टोंक-सवाई माधोपुर में से कोई भी सीट हार गई तो वह इस्तीफा दे देंगे। चुनाव के बाद भाजपा दौसा, भरतपुर, धौलपुर करौली और टोंक-सवाई माधोपुर में हार गई।

उधर, मीणा पर टिप्पणी करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता स्वर्णिम चतुवेर्दी ने कहा कि वह हर दिन अपने बयान बदल रहे हैं। उन्होंने इस्तीफा देने की घोषणा की है, लेकिन अभी तक इस्तीफा नहीं दिया है। अब मंत्री के तौर पर कह रहे हैं कि राजस्थान की प्रगति को आगे बढ़ाने का प्रयास करूंगा। उन्होंने मीना के रामचरितमानस के उद्धरण वाले ट्वीट का जिक्र करते हुए सवाल किया कि जनता जानना चाहती है कि वे इस्तीफा देंगे या नहीं, या फिर उनका बयान सिर्फ एक स्टंट था।

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