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Hindi News राजस्थानहाई कोर्ट ने 50 डिग्री पर जताई चिंता, कहा- हीट वेव को आपदा घोषित करने की जरूरत; सरकार को नसीहत

हाई कोर्ट ने 50 डिग्री पर जताई चिंता, कहा- हीट वेव को आपदा घोषित करने की जरूरत; सरकार को नसीहत

राजस्थान हाई कोर्ट ने इन दिनों पड़ रहे भीषण गर्मी और उससे हो रही मौतों पर स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने क्लाइमेट चेंज के कारण देश में पड़ रही भीषण गर्मी पर चिंता जताते हुए सरकार को नसीहतें भी दीं।

हाई कोर्ट ने 50 डिग्री पर जताई चिंता, कहा- हीट वेव को आपदा घोषित करने की जरूरत; सरकार को नसीहत
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Subodh Mishraलाइव हिन्दुस्तान,जयपुरFri, 31 May 2024 06:44 AM
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राजस्थान हाई कोर्ट ने इन दिनों पड़ रहे भीषण गर्मी और उससे हो रही मौतों पर स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने क्लाइमेट चेंज के कारण देश भर में पड़ रही भीषण गर्मी पर चिंता जताते हुए केंद्र और राजस्थान सरकार को नसीहतें भी दी हैं। 

हाई कोर्ट के जज अनूप कुमार धंद ने क्लाइमेट चेंज के कारण तापमान में भारी बढ़ोतरी और इस वजह से होने वाली मौतों पर स्वतः संज्ञान लिया। कोर्ट ने इस समस्या से तेजी से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को कई तरीके भी सुझाए। लाइव लॉ की एक रिपोर्ट के अनुसार कोर्ट ने तापमान के 50 डिग्री से भी उपर चले जाने पर चिंता जताई। कोर्ट ने पृथ्वी को बचाने की अहमियत को समझाते हुए कहा कि सिर्फ पृथ्वी ही एक मात्र ऐसा ग्रह है जहां जीवन संभव है। कोर्ट ने कहा कि क्लाइमेट चेंज, मानव द्वारा प्रकृति से छेड़छाड़ और बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई बॉयोडायवर्सिटी को डिस्टर्ब कर रहे हैं। 

कोर्ट ने पाया कि इस समस्या से अगर जल्द नहीं निपटा गया तो यह भविष्य में इससे भी बड़ा खतरा बनकर उभरेगा। इन बातों पर गौर करते हुए कोर्ट ने  केंद्र और राजस्थान सरकार को कुछ सुझाव दिए हैं। कोर्ट ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे धरती को बचाने के लिए कुछ न कुछ उपाय करें। कोर्ट ने कहा कि धरती को बचाना और भविष्य को बचाना एक अहम जिम्मेदारी होनी चाहिए, जो नैतिक रूप से, वास्तविक रूप से और लंबे समय तक चलने वाली प्रक्रिया के रूप में दिखे। 

कोर्ट ने वातावरण की अशुद्धता और जानलेवा खाद्य पदार्थों को मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा बताया। कोर्ट ने इसके लिए कुछ लालची लोगों को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि कोर्ट ने फिर क्लाइमेट चेंज पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका कुप्रभाव सबसे ज्यादा गरीब लोगों पर पड़ा है जो चिलचिलाती धूप और हाड़ कंपाने देने वाली ठंड में काम करते हैं। कोर्ट ने हीट वेव और कोल्ड वेव को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की जरूरत बताया है।

कोर्ट ने क्लाइमेट चेंज के प्रभाव को कम करने के उपायों पर नजर डालते हुए कहा कि अभी इस दिशा में बहुत कुछ किया जाना बाकी है। कोर्ट ने 2015 में बने प्रीवेंशन ऑफ डेथ ड्यू टू हीट एंड कोल्ड वेव बिल (लू या बफीले तूफान से होने वाली मौत से सुरक्षा बिल) का जिक्र भी किया, जो आज तक पारित नहीं हो सका।कोर्ट ने स्वास्थ्य मंत्रालय के हीट वेव से बचने के लिए की गई व्यवस्थाओं पर नजर डालते हुए कहा कि सरकार द्वारा प्री हीट (गर्मी ले पहले), पोस्ट हीट (गर्मी के बाद) और ड्यूरिंग हीट (गर्मी के दौरान) के लिए किया गया प्लान सही से क्रियान्वित नहीं होने के कारण फेल साबित हो रही है।

कोर्ट ने दिल्ली हीट वेव एक्शन प्लान 2023 पर गौर किया जिसे दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी और दिल्ली हेल्थ डिपार्टमेंट ने मिलकर बनाया था। इन सब चीजों पर गौर करते हुए कोर्ट ने हीट वेव से जल्द राहत पाने के लिए केंद्र और राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों को कई निर्देश भी जारी किए।