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राजस्थान में बदल सकता था रिवाज लेकिन...गहलोत पर ओएसडी के बड़े आरोप, विधायकों की बगावत पर भी दावा

कभी अशोक गहलोत के ओएसडी रहे लोकेश शर्मा ने राजस्थान चुनाव में हार के साथ ही उनकी आलोचना शुरू कर दी है। लोकेश शर्मा ने रविवार को एक्स पर एक पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने पूर्व सीएम पर निशाना साधा है।

राजस्थान में बदल सकता था रिवाज लेकिन...गहलोत पर ओएसडी के बड़े आरोप, विधायकों की बगावत पर भी दावा
Deepakलाइव हिन्दुस्तान,जयपुरSun, 03 Dec 2023 10:01 PM
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राजस्थान में हार के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आलोचकों के निशाने पर तो हैं ही। वहीं, कभी उनके अपने रहे लोग भी उन पर सियासी बाण चलाने लगे हैं। ऐसा ही एक नाम है लोकेश शर्मा। कभी अशोक गहलोत के ओएसडी रहे लोकेश शर्मा ने राजस्थान चुनाव में हार के साथ ही उनकी आलोचना शुरू कर दी है। लोकेश शर्मा ने रविवार को सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री पर जमकर निशाना साधा है। लोकेश शर्मा ने न सिर्फ राजस्थान में चुनाव में रणनीतियों को लेकर गहलोत को आड़े हाथों लिया है, बल्कि 25 सितंबर की घटना को लेकर भी कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। उन्होंने लिखा है कि 25 सितंबर की घटना भी पूरी तरह से प्रायोजित थी, जब आलाकमान के खिलाफ़ विद्रोह कर अवमानना की गई और उसी दिन से शुरू हो गया था खेल।

नतीजों से अचंभित नहीं हूं
लोकेश शर्मा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में लिखा है कि लोकतंत्र में जनता ही माई-बाप है और जनादेश शिरोधार्य है, विनम्रता से स्वीकार है। मैं नतीजों से आहत जरूर हूं, लेकिन अचंभित नहीं हूं। उन्होंने आगे लिखा कि कांग्रेस पार्टी राजस्थान में निःसंदेह रिवाज बदल सकती थी लेकिन अशोक गहलोत जी कभी कोई बदलाव नहीं चाहते थे। यह कांग्रेस की नहीं बल्कि अशोक गहलोत जी की शिकस्त है। लोकेश शर्मा लिखते हैं कि गहलोत के चेहरे पर, उनको फ्री हैंड देकर, उनके नेतृत्व में पार्टी ने चुनाव लड़ा और उनके मुताबिक प्रत्येक सीट पर वे स्वयं चुनाव लड़ रहे थे। न उनका अनुभव चला, न जादू और हर बार की तरह कांग्रेस को उनकी योजनाओं के सहारे जीत नहीं मिली और न ही अथाह पिंक प्रचार काम आया।

मनमानी करने का आरोप
कभी अशोक गहलोत के ओएसडी रहे लोकेश ने लिखा है कि तीसरी बार लगातार सीएम रहते हुए गहलोत ने पार्टी को फिर हाशिये पर लाकर खड़ा कर दिया। आज तक पार्टी से सिर्फ लिया ही लिया है, लेकिन कभी अपने रहते पार्टी की सत्ता में वापसी नहीं करवा पाए गहलोत। लोकेश शर्मा के मुताबिक आलाकमान के साथ फरेब, ऊपर सही फीडबैक न पहुंचने देना, किसी को विकल्प तक न बनने देना, अपरिपक्व और अपने फायदे के लिए जुड़े लोगों से घिरे रहकर आत्ममुग्धता में लगातार गलत और आपाधापी में फैसले लिए जाते रहे। उन्होंने आगे लिखा कि तमाम फीडबैक और सर्वे को दरकिनार कर गहलोत अपनी मनमर्जी और अपने पसंदीदा प्रत्याशियों को उनकी स्पष्ट हार को देखते हुए भी टिकट दिलवाने की जिद पकड़े रहे। शर्मा ने लिखा है कि आज के ये नतीजे तय थे। मैं स्वयं मुख्यमंत्री को यह पहले बता चुका था, कई बार आगाह कर चुका था लेकिन उन्हें कोई ऐसी सलाह या व्यक्ति अपने साथ नहीं चाहिए था जो सच बताए। 

प्रयोग नहीं कर पाए
लोकेश शर्मा के मुताबिक मैं छः महीने लगातार घूम-घूम कर राजस्थान के कस्बों-गांव-ढाणी में गया। लोगों से मिला, हजारों युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किये। लगभग 127 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्ट सीएम को लाकर दी। जमीनी हकीकत को बिना लाग-लपेट सामने रखा, ताकि समय पर सुधारात्मक कदम उठाते हुए फैसले किये जा सकें जिससे पार्टी की वापसी सुनिश्चित हो... मैंने खुद भी चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी। पहले बीकानेर से, फिर सीएम के कहने पर भीलवाड़ा से, जिस सीट को हम 20 साल से हार रहे थे, लेकिन ये नया प्रयोग नहीं कर पाए। उन्होंने कहाकि बीडी कल्ला जी के लिए मैंने 6 महीने पहले बता दिया था कि वे 20 हजार से ज्यादा वोटों से चुनाव हारेंगे और वही हुआ।

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