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हिंदी न्यूज़ राजस्थान'भावनाएं रखना बगावत नहीं', यूथ कांग्रेस अध्यक्ष गणेष घोघरा ने इशारों में किया गहलोत का समर्थन

'भावनाएं रखना बगावत नहीं', यूथ कांग्रेस अध्यक्ष गणेष घोघरा ने इशारों में किया गहलोत का समर्थन

राजस्थान यूथ कांग्रेस अध्यक्ष गणेश घोघरा ने कहा कि हमने अपनी भावनाएं रखी है। इसे बगावत नहीं कहा जा सकता है। गणेश घोघरा ने ट्वीट कर इशारों में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का समर्थन किया है।

'भावनाएं रखना बगावत नहीं', यूथ कांग्रेस अध्यक्ष गणेष घोघरा ने इशारों में किया गहलोत का समर्थन
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरTue, 27 Sep 2022 05:35 PM

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राजस्थान यूथ कांग्रेस अध्यक्ष गणेश घोघरा ने कहा कि हमने अपनी भावनाएं रखी है। इसे बगावत नहीं कहा जा सकता है। गणेश घोघरा ने ट्वीट कर लिखा- जब पहले सरकार गिरने की नौबत आई तब हम सब विधायक एक हुए और वे ही विधायक फिर रविवार को एक हुए तो मैं भी उनके साथ था। हमने अपनी भावनाएं रखी है। इसे बगावत नहीं कहा जा सकता है। सीएम कौन होगा। अध्यक्ष कौन होगा। ये सब आलाकमान तय करता है। इस बार वही करेगा। मेरे विधानसभा में सारे काम गहलोत ने पूरे किए है। पूरे प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से खुश है। हम 2023 में पुन वापसी करेंगे। उल्लेखनीय है कि रविवार को गहलोत कैंप के विधायकों ने विधायक दल की बैठक का बहिष्कार कर दिया था। गहलोत कैंप के विधायकों ने मंत्री शांति धारीवाल के घर बैठक की थी। बैठक के दो दिन बाद यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने अपनी तरफ से बयान जारी किया है। 

पायलट की गद्दारी को किया याद

गणेश घोघरा ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा कि भारतीय मीडिया को विरोध और गद्दारी दोनों शब्दों का गहन अध्ययन करने की जरूरत है। घोघरा ने गद्दारी शब्द का इस्तेमाल कर वर्ष 2020 में सचिन पायलट की बगावत की तरफ इशारा किया है। उल्लेखनीय है कि सचिन पायलट ने 2020 में गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत की थी। जिससी वजह से गहलोत सरकार संकट में आ गई। पायलट अपने समर्थक विधायकों संग गुड़गांव के मानसेर में एक होटल में चले गए थे। इसके बाद राजस्थान में कांग्रेस विधायकों की बाड़ाबंदी हुई थी। करीब  20 दिन तक सियासी संकट चला था। 

थम नहीं रही है बयानबाजी 

राजस्थान की राजनीति में बयानों का दौर जारी है। गहलोत समर्थक कई विधायक पाला बदलते हुए दिखाई दे रहे हैं। ये विधायक रविवार की रात मंत्री शांति धारीवाल के घर पर मौजूद रहे थे। लेकिन अब विधायक गंगादेवी और इंदिरा मीना का कहना है कि वह कांग्रेस आलाकमान के साथ है। इसी प्रकार गहलोत समर्थक विधायक एवं सीएम सलाहकार जितेंद्र सिंह का कहना है कि वह कांग्रेस आलाकमान के साथ है। 

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