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राजस्थान में भी एमपी-छत्तीसगढ़ वाला फॉर्मूला या ट्रेंड तोड़ेगी बीजेपी? सीएम रेस में शामिल हैं ये नाम

बीजेपी ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान करके सभी को चौंकाया है। आज राजस्थान की बारी है। माना जा रहा है कि यहां भी पार्टी सरप्राइज कर सकती है।सीएम रेस में कई नाम चल रहे हैं।

राजस्थान में भी एमपी-छत्तीसगढ़ वाला फॉर्मूला या ट्रेंड तोड़ेगी बीजेपी? सीएम रेस में शामिल हैं ये नाम
Sneha Baluniहिन्दुस्तान टाइम्स,जयपुरTue, 12 Dec 2023 01:02 PM
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्रियों के नामों की घोषणा कर दी है। आज यानी मंगलवार को राजस्थान की बारी है। पर्यवेक्षक पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों से साथ बैठक करेंगे। जिसके बाद राज्य में नए मुख्यमंत्री पद पर जारी सस्पेंस खत्म हो जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पार्टी नेताओं विनोद तावड़े और सरोज पांडे - जिन्हें भाजपा ने पर्यवेक्षक नियुक्त किया है - के साथ जयपुर में भाजपा कार्यालय में शाम 4 बजे के आसपास विधायक दल की बैठक करेंगे।

भाजपा के राज्य महासचिव और विधायक भजनलाल शर्मा ने कहा, 'भाजपा विधानयक दल की बैठक मंगलवार शाम 4 बजे भाजपा प्रदेश कार्यालय में बुलाई गई है। भाजपा के सभी नवनिर्वाचित विधायकों का पंजीकरण दोपहर 1.30 बजे शुरू होगा।' संभावित सीएम पद के लिए कई नाम रेस में शामिल हैं जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, गजेंद्र सिंह शेखावत और अश्विनी वैष्णव शामिल हैं। हालांकि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पार्टी ने सीएम का ऐलान करके चौंकाया है। ऐसे में माना जा रहा है कि राजस्थान में भी यही फॉर्मूला अपनाया जाएगा। 

वसुंधरा राजे- सीएम पद के मुख्य दावेदारों में दो बार की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का नाम सबसे आगे है। उन्होंने विधानसभा चुनावों के दौरान पार्टी के लिए आक्रामक प्रचार किया था। झालावाड़ से 70 साल की विधायक ने हाल ही में कई भाजपा विधायकों से मुलाकात की, जिसे समर्थन के प्रदर्शन के रूप में देखा गया। राजे ने दिल्ली में पार्टी नेताओं से भी मुलाकात की। राजे ने अपना राजनीतिक करियर 1984 में शुरू किया था। राजे की मां, विजया राजे सिंधिया, भाजपा के संस्थापकों में से एक थीं। वह 1989 में झालवाड़ से लोकसभा सदस्य बनीं और बाद में प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री के रूप में कार्य किया।

अर्जुन राम मेघवाल- केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को मुख्यमंत्री रेस का एक कड़ा दावेदार माना जा रहा है। पूर्व नौकरशाह और तीन बार सांसद रहे मेघवाल को राज्य के दलित चेहरों में से एक माना जाता है। वह बीकानेर के बुनकर परिवार से आते हैं। 2009 में बीकानेर से लोकसभा चुनाव जीतने से पहले उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी के पद से इस्तीफा दिया था।

गजेंद्र सिंह शेखावत- मुख्यमंत्री पद के लिए दूसरा चेहरा केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का माना जा रहा है। भाजपा के राजपूत चेहरे शेखावत को प्रसिद्धि तब मिली जब उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में जोधपुर से अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को हराया। 56 वर्षीय नेता को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का करीबी माना जाता है।

अश्विनी वैष्णव- केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का नाम भी सीएम रेस में है। पूर्व नौकरशाह, वैष्णव को 2019 में ओडिशा से राज्यसभा सांसद बनाया गया था। 22वें कैबिनेट फेरबदल में, वैष्णव को रेल मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और संचार मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई थी।

सीपी जोशी- चित्तौड़गढ़ से दो बार सांसद रहे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सीपी जोशी भी दावेदारों में से एक माने जा रहे हैं। 2019 में उन्होंने कांग्रेस के गोपाल सिंह शेखावत को हराकर 5,76,000 वोटों के अंतर से लोकसभा चुनाव जीता था। उन्हें लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का करीबी माना जाता है। हालांकि जोशी का कहना है कि वह सीएम रेस में नहीं हैं।

इसके अलावा विधानसभा चुनाव जीतने के बाद लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा देने वाले तीन सांसद- बाबा बालकनाथ, दीया कुमारी और किरोड़ी लाल मीना भी सीएम दावेदारों में शामिल हैं। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिपरिषद का शपथ ग्रहण समारोह संभवत: शुक्रवार को होगा। भाजपा ने राजस्थान में 199 सीटों पर हुए चुनाव में से 115 सीटें जीतकर कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करके परंपरा को जारी रखा है।

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