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Hindi News राजस्थानRajasthan Politics: राजस्थान में नुकसान की जिम्मेदारी मोदी की या सीएम भजनलाल शर्मा की?

Rajasthan Politics: राजस्थान में नुकसान की जिम्मेदारी मोदी की या सीएम भजनलाल शर्मा की?

राजस्थान में बीजेपी के खराब प्रदर्शन को लेकर प्रदेश भाजपा नेता बोलने से बच रहे है। कांग्रेस ने बीजेपी से 11 सीटें छीन ली है।हार से बीजेपी में अंदरूनी टकराव बढ़ने के आसार है। फिलहाल बीजेपी नेता चुप है।

Rajasthan Politics: राजस्थान में नुकसान की जिम्मेदारी मोदी की या सीएम भजनलाल शर्मा की?
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरSat, 08 Jun 2024 07:48 AM
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राजस्थान में बीजेपी के खराब प्रदर्शन को लेकर प्रदेश भाजपा नेता बोलने से बच रहे है। कांग्रेस ने बीजेपी से 11 सीटें छीन ली है। बीजेपी को 14 सीटों पर जी जीत मिल पाई है। बीजेपी की हार पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सीपी जोशी ने मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बचाव किया है। हालांकि कैबिनेट मंत्री झाबर सिंह खर्रा का कहना है कि 25 में से 11 सीटों पर हुई हार के लिए कोई एक या दो नेता जिम्मेदार नहीं हैं बल्कि पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता समान रूप से जिम्मेदार हैं। खर्रा ने कहा कि आरक्षण सहित कई मामलों में कांग्रेस ने भ्रम फैलाया था जिसे हम दूर नहीं कर सके। उन्होंने हार के कारणों की समीक्षा करने की बात कही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राजस्थान में 25 लोकसभा सीटों से घटकर 14 रह जाने पर भाजपा के भीतर घबराहट है, जबकि विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया था। पार्टी की योजनाओं के केंद्र में सीएम भजनलाल शर्मा हैं, जिनसे 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा के लिए अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद थी, लेकिन परिणाम निराशाजनक आए।

सियासी जानकारों क कहना है कि भाजपा की पूरी रणनीति विफल रही, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ध्यान केंद्रित करने के कारण वह जाति, किसानों के गुस्से और दलितों के असंतोष जैसे मुद्दों पर ध्यान देने में विफल रही। सियासी जानकार हार की एक बड़ी गहलोत सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं को बंद करने या फिर कमजोर करने को भी जिम्मेदार मान रहे है। उदाहरण के लिए, मुख्यमंत्री चिरंजीवी बीमा स्वास्थ्य योजना। 25 लाख रुपये तक का इलाज कराने का प्रावधान था, लेकिन सरकार ने योजना को स्वरुप ही बदल दिया है। गहलोत सरकार की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं में बजट की कटौती कर दी है। जिसके वजह से एक बड़ा वर्ग वंचित हो गया है। 

सियासी जानकारों का कहना है कि वसुंधरा राजे की अनदेखी भी बीजेपी को भारी पड़ी है। वसुंधरा राजे ने खुलकर कभी नराजगी जाहिर नहीं की है, लेकिन चुनाव प्रचार से दूरी बनाए रखीं। सियासी जानकार बीजेपी के निराशाजनक प्रदर्शन के पीछे बड़ी वजह वसुंधरा फैक्टर भी मान रहे है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने लगातार 2 बार सभी 25 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस बार के लोकसभा चुनाव से पहले सीएम भजनलाल शर्मा सहित पार्टी के तमाम नेता मिशन 25 को कामयाब करने के दावे कर रहे थे लेकिन कामयाबी नहीं मिली। सभी 25 सीटों रिकॉर्ड मतों से जीतने का दावा करने वाली भाजपा 25 से सीधे 14 पर सिमट गई। सीएम भजनलाल के नेतृत्व परिवर्तन पर सवाल उठने के बाद कैबिनेट मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि हार की जिम्मेदारी सामुहिक है। नेतृत्व परिवर्तन पर खर्रा ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि फिलहाल कोई नेतृत्व परिवर्तन होगा।