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हिंदी न्यूज़ राजस्थानगहलोत-पायलट की सियासी जंग में राजस्थान में बीजेपी तलाश रही है 'आपदा में अवसर', जानें क्यों

गहलोत-पायलट की सियासी जंग में राजस्थान में बीजेपी तलाश रही है 'आपदा में अवसर', जानें क्यों

राजस्थान में गहलोत-पायलट की सियासी जंग में विभिन्न धड़ों में बंटी बीजेपी आपदा में अवसर तलाश रही है।राष्ट्रपति चुनाव लगाने की मांग कर रही है। बीजेपी को उम्मीद है कि कांग्रेस की गुटबाजी का फायदा मिलेगा।

गहलोत-पायलट की सियासी जंग में राजस्थान में बीजेपी तलाश रही है 'आपदा में अवसर', जानें क्यों
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरTue, 27 Sep 2022 10:47 AM

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Rajasthan BJP: राजस्थान में गहलोत-पायलट की सियासी जंग में विभिन्न धड़ों में बंटी बीजेपी  आपदा में अवसर तलाश रही है। बीजेपी नेता राज्य में राष्ट्रपति चुनाव लगाने की मांग कर रहे हैं। बीजेपी को उम्मीद है कि कांग्रेस की गुटबाजी का फायदा मिलेगा। चुनाव में पार्टी को बंपर जीत मिलेगी। बीजेपी नेता सरकार बनाने की बात नहीं कह रहे हैं। क्योंकि राजस्थान में एक गुट सरकार बनाने के विरोध में है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 में सचिन पायलट ने जब बगावत की थी उस समय भी बीजेपी में सरकार बनाने पर सहमति नहीं बन पाई थी। कमोबेश ऐसे ही हालात अब बन गए है। जबकि राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए सवा साल बचे हैं। राजस्थान में 2023 में चुनाव होने है। राजस्थान बीजेपी का सीएम फेस कौन होगा। इसका जवाब बीजेपी नेताओं के पास नहीं है। बीजेपी नेता पीएम मोदी के चेहरे पर लड़ने की बात कहते रहे हैं। सियासी संकट पर बीजेपी  प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने विधानसभा चुनावों में बीजेपी की जीत का दावा किया है। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने सियासी संकट पर मीडिया से कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। 

बीजेपी में सीएम फेस को लेकर खींचतान

उल्लेखनीय है कि बीजेपी में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को सीएम फेस घोषित करने की मांग उठती रही है। वसुंधरा राजे ने अपने जन्मदिन पर शक्ति प्रदर्शन कर अपनी मंशा भी जाहिर कर दी थी।  पूर्व सीएम हमेश की तरह चुनाव से एक-सवा साल पहले प्रदेश के दौरे पर निकलती रहीं है। लेकिन इस बार विरोधी खेमा ज्यादा सतर्क है। वसुंधरा राजे के उदयपुर दौरे के दौरान समर्थकों ने केसरिया में हरा-हरा, राजस्थान में वसुंधरा के नारे लगाए। जिस समय यह नारेबाजी हो रही थी उस समय नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया भी वसुंधरा राजे के साथ मौजूद रहे थे। लेकिन राजस्थान में तेजी से सियासी समीकरण बदल रहे हैं। बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने राजस्थान के बीजेपी नेताओं को बयानबाजी नहीं करने के निर्देश दिए है।

राजस्थान की राजनीति में दो ही चेहरे रहे हैं 

राजस्थान की राजनीति में पिछले 20 साल से गहलोत और वसुंधरा राजे ही प्रमुख चेहरा रहे हैं। सीएम गहलोत तीसरी बार सीएम बने है। जबकि वसुंधरा राजे दो बार सीएम रह चुकी है। वसुंधरा राजे समर्थक तीसरी बार भी सीएम फेस घोषित करने की मांग कर रहे हैं। पार्टी आलाकमान का तय करना है कि राजस्थान में बीजेपी का सीएम फेस कौना होगा। राजस्थान प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह पीएम मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ने की बात कह चुके हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया विरोधी गुट के नेता माने जाते हैं। राजस्थान की राजनीति में आने वाले दिन काफी अहम माने जा रहे हैं। बीजेपी नेता वेट एंड वाच की स्थिति में दिखाई दे रहे हैं। 

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