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हिंदी न्यूज़ राजस्थानगहलोत के खेलमंत्री ने ब्यूरोक्रसी पर फिर साधा निशाना, अशोक चांदना बोले- टकाराव होता रहेगा

गहलोत के खेलमंत्री ने ब्यूरोक्रसी पर फिर साधा निशाना, अशोक चांदना बोले- टकाराव होता रहेगा

राजस्थान के खेल मंत्री अशोक चांदना ने फिर कहा कि है कि राज्य की ब्यूरोक्रेसी से टकराव आगे भी चलता रहेगा। यह नजरिए का टकराव है। जो हमेशा चलता आया है। आगे भी चलता रहेगा। हमारी 5 साल बाद परीक्षा होत है।

गहलोत के खेलमंत्री ने ब्यूरोक्रसी पर फिर साधा निशाना, अशोक चांदना बोले- टकाराव होता रहेगा
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरMon, 25 Jul 2022 05:42 PM

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राजस्थान के खेल मंत्री अशोक चांदना ने फिर ब्यूरोक्रेसी पर निशाना साधा है। खेलमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य की ब्यूरोक्रेसी से टकराव आगे भी चलता रहेगा। यह नजरिए का टकराव है। जो हमेशा चलता आया है। आगे भी चलता रहेगा। राज्य में किसी भी दल की सरकार हो। हमेशा नजरिए का टकराव चलता रहा है। चांदना ने कहा कि मंत्रियों का अफसरों से टकराव कोई नई बात नहीं है। राजधानी जयपुर में मीडिया से बात करते हुए खेलमंत्री ने कहा कि हमारी परीक्षा हर पांच साल में होती है। नेताओं के देखने का नजरिया अलग होता है। हमारे पास रोजान नए मुद्दे आते हैं। जब नजरिया अलग होता है तो टकराव होता है। यह कोई नई बात नहीं है। पहले भी टकराव हुए है। आगे भी होते रहेंगे। 

गहलोत के प्रमुख शासन सचिव से हुआ था टकराव 

उल्लेखनीय है कि खेलमंत्री अशोक चांदना ने कुछ महीने पर सीएम गहलोत के प्रमुख शासन सचिव कुलदीप रांका के खिलाफ मोर्चा खोला था। चांदना ने अपने अपने इस्तीफे की पेशकश तक कर दी थी। चांदना ने कहा कि सभी विभागों के मंत्री सीएम के प्रमुख शासन सचिव है। चांदना के ट्वीट के बाद राज्य की राजनीति में तूफान आ गया था। सीएम गहलोत ने विवाद पर कहा था कि खेलमंत्री पर काम का बहुत बोझ है। कुछ कारण रहे होंगे। विवाद बढ़ने के बाद सीएम गहलोत ने अशोक चांदना को अपने राजकीय आवास पर वार्ता के लिए बुलाया और नाराजगी दूर कर दी थी।

गहलोत कैंप के माने जाते हैं खेलमंत्री 

खेलमंत्री गहलोत कैंप के माने जाते हैं। साल 2020 में पायलट गुट की बगावत के समय अशोक चांदना ने सीएम गहलोत का साथ दिया था। उल्लेखनीय है कि अशोक चांदना और सचिन पायलट गुर्जर जाति से आते हैं। गहलोत का साथ देने पर मंत्री अशोक चांदना को नारजगी भी झेलनी पड़ी थी। इसके जवाब में अशोक चांदना ने कहा था कि उनके कांग्रेस पहली प्राथमिकता है। पार्टी के साथ दगाबाजी नहीं कर सकते। खेल मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि मैंने एक अधिकारी के बारे में लिखा था। जनता की जो समस्याएं होती है, उनको एक ब्यूरोक्रेट अलग नजरिए से देखता है। हम नेताओं को रोज जनसुनवाई करनी पड़ती है। हम उन्हीं समस्याओं को अलग नजरिए से देखते हैं। यह नजरिये का टकराव है, यह शुरू से चलता आया है। सरकार भले ही किसी की रही हो और यह आगे भी चलता रहेगा यह कभी बंद नहीं होगा। इसकी कोई गारंटी नहीं है कि 2 दिन बाद दोबारा यह टकराव नहीं होगा। 

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