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11 अगस्त, 2020|6:01|IST

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राजस्थान में कांग्रेस सरकार पर संकट बरकरार, विधायक दल की बैठक से तय होगा भविष्य

ashok gehlot   pti file photo

राजस्थान में कांग्रेस सरकार पर संकट बरकरार है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर भाजपा पर सरकार को अस्थिर करने के आरोप लगाया है। वहीं, उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के समर्थको के साथ दिल्ली आने से संकट गहरा गया है। इस बीच, मुख्यमंत्री ने सोमवार (13 जुलाई) सुबह पार्टी विधायक दल की बैठक बुलाई है।

उप मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट समर्थकों का दावा है कि उनके साथ एक दर्जन से अधिक विधायक हैं। मानेसर और उसके आसपास के होटलों में ठहरे इन विधायकों का कहना है कि वह सभी हर स्थिति में पायलट के साथ हैं। सरकार पर आए संकट से निपटने के लिए पार्टी नेता रणदीप सुरजेवाला और अजय माकन राजस्थान प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय के साथ जयपुर पहुंच चुके हैं।

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तमाम नाराजगी के बावजूद कांग्रेस लगातार दावा कर रही है सचिन पायलट साथ हैं। हालांकि, पायलट समर्थक पुलिस के विशेष कार्यबल (एसओजी) के नोटिस को लेकर नाराज हैं। उनकी दलील है कि इसके जरिए सरकार को पायलट पर निगरानी रखने का अधिकार मिल जाएगा। इसलिए, मुख्यमंत्री को यह आश्वासन देना चाहिए कि ऐसा नहीं होगा।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार को स्थिर रखने के साथ भाजपा की साजिश को भी बेनकाब करना चाहते हैं। उन्होंने सभी विधायकों को रविवार (12 जुलाई) रात रात्रिभोज देने के बाद मुख्यमंत्री ने सोमवार (13 जुलाई) सुबह साढ़े दस बजे विधायक दल की बैठक बुलाई है। पार्टी के मुख्य सचेतक महेश जोशी का दावा है कि सरकार को कोई खतरा नहीं है।

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इस बीच, कांग्रेस नेतृत्व ने सचिन पायलट को जयपुर जाने के निर्देश दिए हैं। सचिन पायलट प्रदेश प्रभारी के साथ जयपुर पहुंचकर कांग्रेस की तरफ से भेजे जा रहे पर्यवेक्षकों के साथ बैठक कर सकते हैं। इसके साथ उन्हें सोमवार को होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक में भी हिस्सा लेने के लिए कहा गया है। सभी विधायकों और नेताओं से चर्चा करने के बाद पार्टी पर्यवेक्षक अजय माकन और रणदीस सुरजेवाला अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंपेगे।

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वैसे उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की नाराजगी नई नहीं है। वह कई बार पहले भी अपनी नाराजगी जता चुके हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से भी उन्होंने कई बार इस बारे में बात की है, पर स्थितियां नहीं बदलीं। विधायकों की खरीद फरोख्त की जांच कर रहे पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के नोटिस को पायलट समर्थक साजिश के तौर पर देख रहे हैं, ताकि उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया जा सके।

क्या है गणित
दो सौ विघायकों वाली राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस के पास 107 विधायक हैं। इसमें बसपा के छह विधायक भी शामिल हैं, जो अपनी पार्टी छोडकर कांग्रेस में आए हैं। इसके अलावा 13 स्वतंत्र विधायकों और एक रालोद विधायक का समर्थन भी गहलोत सरकार को हासिल है। दूसरी तरफ भाजपा के पास 72 सीट है। ऐसे में भाजपा को बहुमत जुटाने के लिए कम से कम 29 विधायकों के समर्थन की जरुरत है।

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  • Web Title:Rajasthan Political Drama BJP Wait and Watch After Sachin Pilot Meet Jyotiraditya Scindia