DA Image
31 अक्तूबर, 2020|7:55|IST

अगली स्टोरी

जानें, राजस्थान के सियासी रण में किसमें कितना दम?

rajasthan political crisis ashok gehlot sachin pilot battle

राजस्थान में चल रहे सियासी बवंडर का अंत कैसा होगा? इस पर अब सभी की नजरें है। साथ ही विधानसभा सत्र 14 अगस्त से चलेगा। ऐसे में लोगों के मन में सवाल यह भी होगा कि फ्लोर टेस्ट हो गया नही? यदि फ्लोर टेस्ट होगा तो उसका क्या रूप होगा? इस सवाल के बीच सियासी दल और उनके विभिन्न गुट अपने-अपने हर संभव प्रयास कर रहे है। पिछले कई दिनों से राजनीतिक घटनाक्रम देख रही जनता के मन में भी सवाल उठ रहे हैं कि अब कौन सा दल अगला एक्शन क्या लेगा?

फ्लोर टेस्ट पर रहेगी नजर
माना जा रहा है कि सरकार सत्र के पहले ही दिन 14 अगस्त को फ्लोर टेस्ट कराने की तैयारी में है। उस दिन स्थिति अनुकूल नहीं रही तो 15 व 16 को अवकाश है। ऐसी स्थिति में 17 अगस्त को फ्लोर टेस्ट होगा। यदि फ्लोर टेस्ट हुआ तो गहलोत सरकार सुरक्षित होगी या नहीं यह उस दिन देखने वाली बात होगी। कहा जा रहा है कि सरकार के पास 102 वोट है। लेकिन स्पीकर तभी वह डालेंगे जब दोनों खेमों के वोट बराबर हो। वहीं, मंत्री भंवरलाल मेघवाल अस्वस्थ है। इसके कारण उनका सदन में पहुंचना मुश्किल है। ऐसी स्थिति में केवल 100 वोट अशोक गहलोत खेमें के पास रह जाते हैं।

जानें कौन-किसके साथ
अशोक गहलोत का दावा है कि उनके पास कांग्रेस के 82, बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए 6, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के 1, आरएलडी के 1, बीटीपी के 2 और निर्दलीय 10 विधायकों का समर्थन है। इस तरह से यह कुल आंकड़ा 102 का हो जाता है। जबकि पायलट खेमें में कांग्रेस के 19 बागी विधायक है और तीन निर्दलीयों का समर्थन है। ऐसी स्थिति में पायलट के पास कुल 22 विधायक हैं। हालांकि, जो निर्दलीय गहलोत गुट का समर्थन दे रहे हैं, उनमें कई पुराने कांग्रेसी हैं। जिनके गहलोत से अच्छे रिश्ते रहे हैं। साथ ही कई पिछली गहलोत सरकार के कार्यकाल में मंत्री व विधायक भी रह चुके हैं। हालांकि निर्दलीय विधायकों की कुछ कमजोरियां भी है। ऐसे में अशोक गहलोत की रणनीति होगी कि अधिक निर्दलीयों को एकजुट कर सरकार को बचाया जाए।

वहीं, सचिन पायलट गुट का समर्थन कर रहे तीन निर्दलीय विधायक पायलट और भाजपा गुट के साथ से सत्ता परिवर्तन करने की उम्मीद में है। साथ ही केंद्र में भारतीय जनता पार्टी होने से यहां पर उन्हें डटे रहने में मदद मिल रही है। हालांकि पायलट अभी तक की संख्या को देखते हुए भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने में सक्षम नहीं दिखाई दे रहे है। साथ ही इन निर्दलीय विधायकों को मामला दर्ज होने के कारण भी डर है।

भारतीय जनता पार्टी की बात करें कुल 75 विधायक है। इनमें 72 भाजपा और 3 राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के विधायक है। माना जाता है कि इनमें 45 विधायक वसुंधरा राजे गुट के हैं। जबकि 7 विधायक उप नेता राजेंद्र राठौड़ और प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया गुट के हैं। जबकि 20 विधायक संघ की पृष्ठभूमि से आते हैं। इनमें नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया का नाम सबसे ऊपर आता है।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Rajasthan Political crisis Ashok Gehlot Sachin Pilot battle