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राजस्थान: अब कांग्रेस विधायक ने छेड़ा बगावत का सुर, कहा- दलितों की सुनवाई नहीं, राहुल गांधी से मांगा जवाब

Pebble,जयपुर।Published By: Rajesh Kumar
Wed, 14 Oct 2020 11:55 PM
राजस्थान: अब कांग्रेस विधायक ने छेड़ा बगावत का सुर, कहा- दलितों की सुनवाई नहीं, राहुल गांधी से मांगा जवाब

राजस्थान कांग्रेस में बगावत के सुर अभी ठंडे नहीं पड़े हैं। अब कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक बाबूलाल बैरवा ने आरोप लगाया है कि सरकार में न तो दलित विधायकों की बात सुनी जाती है और न ही कर्मचारियों की कोई सुनवाई होती है। बैरवा ने कहा कि अशोक गहलोत सरकार में दलितों के काम नहीं होते। सरकार में जो ब्राह्मण मंत्री बैठे हुए हैं, वे दलितों के काम नहीं करते हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि सीएम गहलोत की जाति के माली मतदाताओं ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को वोट नहीं दिए थे। गुर्जरों ने कांग्रेस को वोट दिए थे। पायलट ने मुझे भी वोट दिलवाए थे इसलिए मैं उनका सम्मान करता हूं।

बैरवा ने कहा कि चार माह पहले जब पायलट ने बगावत की तो हम सरकार बचाने के लिए गहलोत के साथ होटल में रहे। मुझे पायलट ने गुर्जरों के वोट दिलवाए, फिर भी मैं गहलोत के साथ रहा। उन्होंने कहा कि पायलट का मुझ पर बड़ा अहसान है। मैं गुर्जरों के वोटों से जीता हूं, मालियों ने तो वोट ही नहीं दिए।

चौथी बार विधायक बने बैरवा ने कहा कि मैंने 6 बार चुनाव जीत चुके वरिष्ठ विधायक परसराम मोरदिया सहित अन्य दलित विधायकों से बात की तो सभी ने कहा कि सरकार में हमारे काम नहीं हो रहे हैं।

बैरवा ने कहा है कि जब भी मैं दलितों के काम के लिए कोई कागज देता हूं, वह काम नहीं होता है। अभी स्वास्थ्य विभाग में ही चार ट्रांसफर दिए थे, जिसमें से एक ब्राह्मण थे और 3 दलित। ब्राह्मण का नाम देखकर उसका ट्रांसफर कर दिया गया, जबकि तीनों दलितों का ट्रांसफर नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कहते हैं कि भाजपा दलितों और अल्पसंख्यकों को इंसान नहीं समझती है मगर यहां भी कांग्रेस सरकार में यही हाल है तो क्या कहेंगे। बैरवा ने इस संबंध में राहुल गांधी को पत्र लिखा है। विधायक का अपनी सरकार पर सवाल उठाना प्रदेश में पार्टी की अंतर्कलह को एक बार उजागर कर रही है। करीब चार माह पूर्व सचिन पायलट खेमे की बगावत कांग्रेस आलाकमान के हस्तक्षेप के बाद थम गई थी।

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