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जूनियर अकाउटेंट-तहसील रवेन्यू अकाउंटेंट भर्ती 2023 के परिणाम पर रोक, हाईकोर्ट का आदेश

राजस्थान हाईकोर्ट ने जूनियर अकाउंटेंट और तहसील रेवेन्यू अकाउंटेंट भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी करने पर हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी हैं। ऐसे में फिलहाल के लिए 5388 पदों पर हो रही भर्ती अटक गई।

जूनियर अकाउटेंट-तहसील रवेन्यू अकाउंटेंट भर्ती 2023 के परिणाम पर रोक, हाईकोर्ट का आदेश
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरFri, 23 Feb 2024 10:01 PM
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राजस्थान हाईकोर्ट ने जूनियर अकाउंटेंट और तहसील रेवेन्यू अकाउंटेंट भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी करने पर हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी हैं। जिसके चलते अब इस भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी नहीं हो सकेगा। ऐसे में फिलहाल के लिए करीब 5388 पदों पर हो रही भर्ती अटक गई हैं। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने आज पंकज कुमावत व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह रोक लगाई हैं। याचिकाओं में कहा गया था कि राजस्थान स्टॉफ सलेक्शन बोर्ड (आरएसएसबी) ने भर्ती परीक्षा में अयोग्य और शैक्षणिक योग्यता नहीं रखने वाले अभ्यर्थियों को भी शामिल किया हैं। ऐसे में भर्ती परीक्षा को रद्द किया जाए। 

भर्ती परीक्षा में अपात्र अभ्यर्थियों को शामिल किया
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता रघुनंदन शर्मा ने बताया कि भर्ती परीक्षा में कुल पदों के 15 गुणा अभ्यर्थियों को शामिल किया गया था। ऐसे में आरसेट (राजस्थान कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट) परीक्षा के टॉप 15 गुणा अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में शामिल हुए थे। लेकिन भर्ती परीक्षा और आरसेट परीक्षा की आयु सीमा और शैक्षणिक योग्यताएं अलग-अलग थी। भर्ती परीक्षा में 21 साल से 40 साल के ग्रेजुएट और कम्प्यूटर दक्षता रखने वाले अभ्यर्थी ही शामिल हो सकते हैं। वहीं आरसेट परीक्षा में 18 से 40 साल के ग्रेजुएट अभ्यर्थी शामिल हुए थे। लेकिन आरएसएसबी ने आरसेट परीक्षा के टॉप 15 गुणा अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा में शामिल किया। इससे कई ऐसे अभ्यर्थी इस भर्ती परीक्षा में शामिल हो गए। जिनकी उम्र 21 साल से कम है। वहीं उनके पास पूरी शैक्षणिक योग्यता नहीं है। नियुक्ति के समय ऐसे अभ्यर्थी जरूर बाहर हो जाएंगे। लेकिन इनकी वज़ह से कई योग्य अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल ही नहीं हो सके। अगर लिखित परीक्षा से पहले ही इनकी स्क्रूटनिंग हो जाती तो कई योग्य अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में शामिल हो सकते थे। 

आरसेट है एंट्रेस टेस्ट
दरअसल भर्ती परीक्षाओं में धांधली रोकने और अभ्यर्थियों की प्रारंभिक स्तर पर ही स्क्रूटनिंग करने के लिए केन्द्र की तर्ज पर राज्य सरकार ने राजस्थान कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट शुरू किया था। इस टेस्ट के दो लेवल हैं। पहला ग्रेजुएशन और दूसरा सीनियर सैंकडरी लेवल। अब बोर्ड की अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में बैठने से पहले हर अभ्यर्थी को आरसेट का एग्ज़ाम पास करना होता है। उसके बाद ही वह भर्ती परीक्षाओं के लिए आवेदन कर सकता हैं। आरसेट से पहले अभ्यर्थी सीधे भर्ती परीक्षा का फॉर्म भरकर उसमें शामिल हो सकते थे। लेकिन अब आरसेट क्वालीफाई अभ्यर्थी ही भर्ती परीक्षा का फॉर्म भर सकता हैं।

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