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अशोक गहलोत की एक और योजना बंद? दो महीने से नहीं मिले रहे अन्नपूर्णा फूड पैकेट 

क्या राजस्थान में मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना बंद हो गई? इसको लेकर जब विधानसभा में सवाल पूछा गया तो सरकार की तरफ से गोलमाल जबाव दिया गया था। दो महीने हो गए लेकिन पैकेट नहीं मिल रहे हैं।

अशोक गहलोत की एक और योजना बंद? दो महीने से नहीं मिले रहे अन्नपूर्णा फूड पैकेट 
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरSun, 25 Feb 2024 02:13 PM
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Rajasthan Free Food Packet Yojana:  क्या राजस्थान में मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना बंद हो गई? इसको लेकर जब विधानसभा में सवाल पूछा गया तो सरकार की तरफ से गोलमाल जबाव दिया गया था। सरकार ने हां या ना में जवाब नहीं दिया। लेकिन योजना के तहत फूड पैकेट मिले दो महीने हो गए है। दिसंबर के महीने में फूड पैकेट मिले थे। हालांकि, सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। लेकिन जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गहलोत की योजनाओं बंद नहीं करने की बात कहते है। लेकिन शाम होते-होते बंद होने के आदेश भी जारी हो जाते है। अंतरिम बजट के दौरान विधानसभा में फ्री मोबाइल योजना को लेकर जब सवाल पूछा गया राजवर्धन सिंह राठौड़ ने विधायक इंदिरा मीणा को सीधे जवाब नहीं दिया। सिर्फ इतना कहा कि जनहित में योजना को बंद नहीं किया जाएगा। लेकिन जिन लोगों को मोबाइल नहीं मिले है। आज तक इंतजार कर रहे हैं। यही हाल अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना को रहा है। सरकार की तरफ से आधिकारिक बयान भी नहीं आ रहा है। जबकि फूड पैकेट भी नहीं मिल रहे है। 

राज्य में सरकार बदलते ही अशोक गहलोत की फोटो हटा दी गई थी। एक राशन डीलर ने नाम नही छापने की शर्त पर बताया कि दिसंबर में पैकेट मिले थे। लेकिन जनवरी-फरवरी में नहीं मिले। अब मार्च शुरू होने वाला है। हमें तो सरकार देगी तो बांट देंगे। जानकारों का कहना है कि सरकार लोकसभा चुनाव को ध्यान रखकर फिलहाल फूड पैकेट दे सकती है। लेकिन जिस तरह से डिले हो रहा है, उससे साफ जाहिर है कि लोकसभा चुनाव बाद योजना पूरी तरह से बंद हो सकती है। जैसी फ्री मोबाइल योजन बंद हो गई। 

फूड पैकेट की योजना गहलोत ने शुरू की थी

उल्लेखनीय है कि 15 अगस्त को तत्कालिन सीएम अशोक गहलोत ने फूड पैकेट का वितिरण करते हुए इस योजना का शुभारम्भ किया था। गहलोत ने इसे आजादी का अन्नपूर्णा महोत्सव नाम दिया। इस महोत्सव के महायज्ञ में एक करोड़ से अधिक वंचित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।प्रदेश में कोई भूखा न सोए के संकल्प को साकार करने वाली इस योजना के तहत पूरी खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। अन्नपूर्णा फूड पैकेट में एक एक किलो चना दाल, एक किलो चीनी, आयोडाइज्ड नमक, एक लीटर सोयाबीन रिफाइण्ड खाद्य तेल, 100-100 ग्राम मिर्च पाडडर और धनिया पाउडर और 50 ग्राम हल्दी पाउडर निःशुल्क मिलेगा। मुख्यमंत्री ने राशन डीलरों का कमिशन भी 4 रुपए से बढ़रकर 10 रुपए प्रति पैकेट कर दिया है। भारत सरकार द्वारा संचालिय खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित लाभार्थी अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना के पात्र माने गए हैं। जो परिवार खाद्य सुरक्षा योजना के तहत हर महीने मुफ्त गेहूं प्राप्त कर रहे हैं।

गहलोत को मुख्यमंत्री को लिखना पड़ा पत्र 

सियासी जानाकारों का कहना है कि अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना का हाल भी राजीव गांधी स्कॉलर्शिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना की तरह हो सकता है। योजना बंद नहीं हुई है लेकिन छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है।  गहलोत ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा-हमारी सरकार द्वारा 500 बच्चों को विदेश में निशुल्क पढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई राजीव गांधी स्कॉलर्शिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना भी नई सरकार में अटक गई है। इससे विदेश में पढ़ाई कर रहे बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 346 विद्यार्थियों को योजना में चयन के बावजूद स्कॉलर्शिप नहीं मिल पा रही है।पूर्व में मेरे से मिलने आए विद्यार्थियों ने मुझे ये जानकारी दी तो मैंने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा को इस संदर्भ में पत्र लिखा था। अब पुन: विद्यार्थियों एवं उनके परिजनों ने मिलकर बताया है कि एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उन्हें स्कॉलर्शिप नहीं मिली है। मैं मुख्यमंत्री श्री भजनलाल जी से पुन: आग्रह करना चाहूंगा कि अविलंब राजीव गांधी स्कॉलर्शिप विद्यार्थियों को दी जाए क्योंकि जो विद्यार्थी पहले ही पहुंच चुके हैं उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तय समय के बाद भी स्कॉलर्शिप नहीं आने से इन बच्चों की शिक्षा व कैरियर दोनों पर असर पड़ेगा।

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