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राजस्थान में सीएम कौन? सवाल पर वसुंधरा ने साधी चुप्पी, मोदी को जीत का श्रेय, क्या हैं इसके मायने?

Who Will Be CM in Rajasthan: राजस्थान में सीएम कौन होगा? इस सवाल पर वसुंधरा राजे ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है। उन्होंने जीत का श्रेय पीएम मोदी को दिया है। क्या हैं इसके मायने...

राजस्थान में सीएम कौन? सवाल पर वसुंधरा ने साधी चुप्पी, मोदी को जीत का श्रेय, क्या हैं इसके मायने?
Krishna Singhलाइव हिंदुस्तान,जयपुरSun, 03 Dec 2023 04:03 PM
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राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने रविवार को राजस्थान में पार्टी की बढ़त का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण और विकास को दिया। राज्य में पार्टी की बढ़त पर मीडिया को संबोधित करते हुए राजे ने कहा- यह जीत पीएम मोदी द्वारा दिए गए 'सबका साथ, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र की है। यह पीएम द्वारा दी गई गारंटी की जीत है। यह अमित शाह द्वारा दी गई रणनीति और नड्डा जी द्वारा दिए गए कुशल नेतृत्व की भी जीत है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं की जीत है जिन्होंने पीएम मोदी के सपने को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत की है। 

राजस्थान में सीएम कौन? नहीं दिया जवाब
राजस्थान में भाजपा की कद्दावर नेता वसुंधरा राजे ने भाजपा को चुनने के लिए मतदाताओं को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा- यह राजस्थान के लोगों की जीत है जिन्होंने कांग्रेस के कुशासन को खारिज कर दिया है। राजस्थान के लोगों ने भाजपा के सुशासन को चुना है। यह प्रधानमंत्री मोदी को 2024 में फिर से देश की सेवा करने का एक और मौका देने की जीत है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि वसुंधरा राजे ने सीएम उम्मीदवार के चेहरे पर पूछे गए सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया। 

सीएम पद पर क्यों नहीं बोल रहे नेता
भाजपा खुद को अनुशासित पार्टी के रूप में खुद को पेश करती रही है। खासकर पीएम मोदी के दौर में भाजपा ने अपनी रणनीतियों में बड़े बदलाव किए हैं। भाजपा अब अधिकांश विधानसभा चुनावों में सीएम फेस घोषित करने से बचती है। इन चुनावों में भी भाजपा ने किसी राज्य में सीएम फेस डिक्लेयर नहीं किया था। पार्टी नेतृत्व की ओर से क्षेत्रीय नेताओं को साफ निर्देश था कि चुनावों में एक ही चेहरा होगा, वह भी पीएम मोदी का। यही वजह है कि चुनावी कैंपेन से लेकर अब तक कोई नेता सीएम फेस के मसले पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।  

BJP शीर्ष नेतृत्व जिसे चाहेगा वही होगा सीएम
भाजपा के नेताओं का कहना है कि पार्टी में सीएम तय करने की एक निर्धारित प्रक्रिया है। जीत के बाद विधायक दल की बैठक होगी। उसके बाद केंद्रीय नेतृत्व नामों पर मंथन होगा। अंत में पार्टी की ओर से एक नाम को फाइनल किया जाएगा। वहीं चुनावी विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा नेता कुछ भी कहें लेकिन इतना तय है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व जिसका नाम तय करेगा उसे वरीयता मिलनी तय है। यही वजहें हैं कि पार्टी का कोई भी नेता खुद को सीएम पद का दावेदार नहीं बता रहा है। ऐसे में नजरें अब भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर जाकर टिक गई हैं। 

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