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राजपाल सिंह शेखावत हटे, वसुंधरा राजे का नाम लेकर किस पर निशाना साध गए; जानें

राजस्थान विधानसभा चुनाव में बागियों को मनाने में बीजेपी को आज बड़ी सफलता मिली है। वसुंधरा राजे कैंप के पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने आज नामांकन पत्र वापस ले लिया है। इशारों में निशाना भी साधा।

राजपाल सिंह शेखावत हटे, वसुंधरा राजे का नाम लेकर किस पर निशाना साध गए; जानें
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरThu, 09 Nov 2023 03:34 PM
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राजस्थान विधानसभा चुनाव में बागियों को मनाने में बीजेपी को आज बड़ी सफलता मिली है। वसुंधरा राजे कैंप के पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने आज नामांकन पत्र वापस ले लिया है। जयपुर की झोटवाड़ा से राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को टिकट दिए जाने से नाराज थे। राजपाल सिंह शेखावत ने आज प्रेस वार्ता में नाम वापसी का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा- बनीपार्क से मैं जीता, जहां से बीजेपी कभी नहीं जीती थी। झोटवाड़ा से दो बार चुनाव जीता। खुशी है कि मुझे वसुंधरा राजे और भैरोसिंह शेखावत के साथ मंत्री बनने का मौका मिला। मैं अपना नामांकन पत्र वापस लेने की घोषणा करता हूं। 

इशारों में निशाना साध गए 

बता दें जयपुर की झोटवाड़ा से इस बार बीजेपी ने सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को टिकट दिया है। इससे राजपाल सिंह नाराज हो गए। निर्दलीय नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। बुधवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राजपाल सिंह को सम्मान की गारंटी। इसके बाद बुधवार को ही राजपाल ने नामांकन पत्र वापस लेने के संकेत दिए दिए। प्रेस वार्ता में राजपाल सिंह ने वसुंधरा राजे का नाम लेकर बीजेपी के नए प्रदेश नेतृत्व पर इशारों में निशाना साध गए। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में वसुंधरा राजे के बाद उभरे नए नेतृत्व से राजे कैंप के नेता चिंतित है। शायद यही वजह कै वसुंधरा राजे कैंप के अशोक परनामी, युनूस खान, राजपाल सिंह शेखावत और भवानी सिंह राजावत को टिकट नहीं दिया गया है। 

शाह ने कार्यकर्ताओं के सम्मान की गारंटी दी

इससे पहले बुधवार को झोटवाड़ा से पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने बुधवार को गोकुलपुरा में अपने समर्थकों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि मेरे पास केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह का फोन आया था। मैंने अनुरोध कर दिया कि- मैं कार्यकर्ताओं की भावना से जुड़ा हुआ हूं। कार्यकर्ता और जनता निर्णय करेगी कि मैं चुनाव लडूं या नहीं। शेखावत ने यह कहते हुए नामांकन वापिस लेने के संकेत दे दिए कि, जिनकी गारंटी पूरा भारत मानता है, उन अमित शाह ने कार्यकर्ताओं के सम्मान की गारंटी दी है। पार्टी ने यहां से सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को प्रत्याशी बनाया है। इससे नाराज होकर राजपाल ने बगावत कर दी और नामांकन भर दिया। शेखावत यहां से 2008 और 2013 में विधायक चुने गए थे और 2018 में कांग्रेस के लालचंद कटारिया से हार गए थे। पिछली वसुंधरा सरकार में शेखावत के पास यूडीएच जैसा बड़ा महकमा भी था।

 

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