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Rajasthan Election: 5 फैक्टर, जिनके जरिए अशोक गहलोत अनुमानों को गलत साबित कर सकते हैं

राजस्थान में चुनाव से पहले कई ओपिनियन पोल और सर्वे में बीजेपी के बहुमत की ओर बढ़ने के संकेत दिए हैं। लेकिन गहलोत के पांच फैक्टर ऐसे है जो बाजी पलट सकते हैं। मुकाबला कांटे का हो रहा है।

Rajasthan Election: 5 फैक्टर, जिनके जरिए अशोक गहलोत अनुमानों को गलत साबित कर सकते हैं
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरSat, 11 Nov 2023 07:52 AM
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राजस्थान में चुनाव से पहले कई जनमत सर्वेक्षणों में कांग्रेस के लिए अच्छी खबर नहीं है। कई ओपिनियन पोल और सर्वे में बीजेपी के बहुमत की ओर बढ़ने के संकेत दिए हैं। वैसे भी राजस्थान में कभी सत्तारूढ़ दल ने सत्ता बरकरार नहीं रख पाई है। ऐसे में शायद कांग्रेस के लिए इस बार सबसे बड़ी चुनौती है। राजस्थान में चुनाव प्रचार जारी है। 1993 के बाद से कोई मुख्यमंत्री सत्ता बरकरार रखने में सक्षम नहीं रहा है। यहां हम आपको ऐसे 5 फैक्टर बता रहे हैं, जो राजस्थान  के चुनाव नतीजों को बदल सकते हैं।

सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत अपनी सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का जिक्र करते है। हर सभा औऱ रैली में इनका जिक्र हो रहा है। पुरानी पेंशन बहाली, फ्री में इलाज, वृद्धावस्था पेंशन में बढ़ोतरी, 500 रुपये में सिलेंडर, फ्री मोबाइल योजना, शहरी रोजगार गारंटी योजना। सीएम गहलोत का दावा है कि पूरे देश में उनकी योजनाओं की तारीफ हो रही है। सीएम गहलोत यह भी कह चुके हैं कि पूरे देश में इन योजनाओं को लागू करना चाहिए। कोई भी भूखा नहीं रहे। इसके लिए प्रदेश में 8 रुपये में भोजन की थाली दी जा रही है। सियासा जानाकारों का कहना है कि सीएम गहलोत अपनी योजनाओं के सहारे सरकार रिपीट होने का दावा कर रहे हैं। 

कांग्रेस की 7 गारंटी 

कांग्रेस ने राजस्थान के लोगों को 7 गारंटियां दी है। इनके माध्यम से काग्रेस के रणनीतिकार सत्ता वापसी का दावा कर रहे है। गोधन योजना जिसके तहत किसानों से 2 रुपए प्रति किलो गोबर खरीदी जाएगी। कॉलेज में एडमिशन लेने वाले हर स्टूडेंट को पहले वर्ष फ्री लैपटॉप। प्रदेश के हर छात्र को अंग्रेजी मीडियम से शिक्षा की गारंटी। प्राकृतिक आपदा के शिकार होने वाले हर परिवार का 15 लाख रुपए का बीमा। महंगाई से राहत देने के लिए प्रदेश के 1.05 करोड़ परिवारों को 500 रुपए में घरेलू गैस सिलेंडर। गृहलक्ष्मी गारंटी योजना के तहत हर परिवार की महिला मुखिया को सालाना 10 हजार रुपए। सरकारी कर्मचारियों के लिए ओपीएस का कानून बनाने की गारंटी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कांग्रेस की इन 7 गारंटी पर पूरा भरोसा है कि यह गारंटियां कांग्रेस को फिर से सत्ता में वापसी करवा सकती है। कांग्रेस इन 7 गारंटीयों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सातों संभाग में यात्रा भी निकल रही है। जिसके लिए वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग संभागों की जिम्मेदारी सौंप गई है। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को अजमेर के जिम्मेदारी दी गई है, तो वहीं उदयपुर की जिम्मेदारी सीपी जोशी के कंधों पर है।

अशोक गहलोत की छवि

तमामा सर्वे में भले ही कांग्रेस की सीटें कम आ रही हो लेकिन, सीएम गहलोत की छवि बरकरार है। लोगों की पहली पंसद के तौर पर सीएम गहलोत सबसे आगे है। गहलोत के बाद वसुंधरा राजे, सचिन पायलट और गजेंद्र सिंह शेखावत का नाम आता है। सियासी जानकारों का कहना है कि गहलोत का छवि का कांग्रेस को फायदा मिल सकता है। गहलोत पर किसी जाति विशेष का ठपा नहीं लगा हुआ है। उन्हें सभी जातियों का समर्थन मिलता रहा है। खुद सीएम गहलोत कहते रहे हैं कि वह जाति से माली-सैनी है। उनकी जाति का एकमात्र विधायक है। वह भी मुख्यमंत्री है। 

गहलोत-पायलट की सुलह 

राजस्थान में चुनाव से पहले कांग्रेस आलाकमान ने सीएम गहलोत औऱ सचिन पायलट में सुलह करा दी है। कांग्रेस के लिए यह बड़ी राहत की बात है। सियासी जानकारों का कहना है कि इसका फायदा कांग्रेस को मिल सकता है। पूरे पांच साल सचिन पायलट ने सरकार की नाम में दम कर रखा था। 2020 में सीएम गहलोत को बगावत का भी सामना करना पड़ा था। लेकिन चुनव से पहले कांग्रेस आलाकमान ने दोनों वरिष्ठ नेताओं में सुलह करा दी है। 

बीजेपी में गुटबाजी 

राज्स्थान बीजेपी में गुटबाजी हावी है। वसुंधरा राजे को सीएम फेस घोषित नहीं करने पर गुटबाजी और तेज हो गई है। इस बार बीजेपी बिना सीएम फेस के चुनावी मैदान में है। पीएम मोदी के चेहरे पर ही चुनाव लड़ा जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि कमल के फूल पर ही चुनाव लड़ेंगे। जाहिर सी बात है वसुंधरा राजे कैंप इससे नाराज है। लेकिन पूर्व सीएम खामोश है। रिजल्ट के बाद ही वसुंधरा राजे कैंप की रणनीति का पत चल पाएगा। सियासी जानकारों का कहना है कि बीजेपी आलाकमान विधायकों की राय पर सीएम बनाता है तो वसुंधरा राजे सबसे आगे है। लेकिन अभी तक ऐसा लग रहा है कि वसुंधरा राजे का धुर विरोधी धड़ा विरोध में। ऐसा माना जा रहा है कि बहुमत मिलने पर वसुंधरा राजे को सीएम नहीं बनाया जाता है तो पायलट जैसी बगावत हो सकती है। 

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