ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News राजस्थानपहले सीएम अब मंत्री बनने की रेस में क्यों पिछड़े बाबा बालकनाथ, जानिए ये वजह

पहले सीएम अब मंत्री बनने की रेस में क्यों पिछड़े बाबा बालकनाथ, जानिए ये वजह

राजस्थान में सीएम के प्रबल दावेदार माने जाने वाले बाबा बालकनाथ को कैबिनेट में जगह नहीं मिली है। भजनलाल कैबिनेट में बालकनाथ समेत तीन संतों को जगह नहीं मिली है। अलग-अलग कयास लगाए जा रहे है।

पहले सीएम अब मंत्री बनने की रेस में क्यों पिछड़े बाबा बालकनाथ, जानिए ये वजह
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरSat, 30 Dec 2023 05:43 PM
ऐप पर पढ़ें

राजस्थान में सीएम के प्रबल दावेदार माने जाने वाले बाबा बालकनाथ को कैबिनेट में जगह नहीं मिली है। भजनलाल कैबिनेट में बालकनाथ समेत तीन संतों को जगह नहीं मिली है। बीजेपी ने चुनाव में हिंदुत्व कार्ड खेला था। जिसके तहत किसी भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया गया था। जबकि तीन संतों को टिकट दिया गया। तीनों ही संत चुनाव जीते। महंत प्रताप पुरी पोकरण विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीते। हवा महल से बालमुकुंद आचार्य को भी पार्टी ने टिकट दिया है। बालमुकुंद ने कहा कि पार्टी ने सनातनी कार्यकर्ता पर विश्वास किया है। पिछले पांच साल से वह परकोटे में काम कर रहे है। वही अलवर के सांसद बाबा बालक नाथ को तिजारा से मैदान में उतारा गया था। तीनों संतों ने शानदार जीत हासिल की थी। 

तीनों संतों को जगह नहीं मिली 

सियासी जानकारों का कहना है कि कैबिनेट में संतुलन बनाने के चक्कर में तीनों संतों को जगह नहीं मिली है। पहले यह माना जा रहा था कि किसी एक संत को मंत्री बनाया जा सकता है। जिसमें बालकनाथ का नाम सबसे आगे चल रहा था। सियासी जानकारों का कहना है कि बाबा बालकनाथ मीडिया ट्रायल के शिकार हो गए है। सीएम रेस के बाद अब मंत्री बनने से चूक गए है। बता दें बालकनाथ अलवर के सांसद थे। लेकिन बाद में तिजारा से विधानसभा का चुनाव लड़ा। कांग्रेस के इमरान खान को करीब 6 हजार वोटों से हराया। 

कुल 22 मंत्रियों ने ली शपथ

किरोड़ीलाल मीणा और राज्यवर्धन सिंह राठौड़ समेत कुल 12 कैबिनेट मंत्री बनाए गए। कैबिनेट मंत्री-किरोड़ी लाल मीणा, गजेंद्र सिंह खींवसर , राज्यवर्धन राठौड़, बाबू लाल खराड़ी, मदन दिलावर, जोगाराम पटेल, सुरेश रावत, अविनाश गहलोत, जोगाराम कुमावत, हेमंत मीणा, कन्हैया लाल चौधरी और सुमित गोदारा बनाए गए है। जबकि  राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)-संजय शर्मा, गौतम कुमार दक, झाबर सिंह खर्रा, सुरेंद्र पाल सिंह टीटी और हीरा लाल नागर। राज्यमंत्री- ओटाराम देवासी, डॉ. मंजू बाघमार, विजय सिंह चौधरी, केके विश्नोई और जवाहर सिंह बेडम। 
 

 

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें