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हिंदी न्यूज़ राजस्थानराज्यसभा चुनाव के बाद गहलोत कैबिनेट की बैठक आज, नाराज विधायकों को डिमांड पर होगा मंथन; इन निर्णयों पर लग सकती है मुहर

राज्यसभा चुनाव के बाद गहलोत कैबिनेट की बैठक आज, नाराज विधायकों को डिमांड पर होगा मंथन; इन निर्णयों पर लग सकती है मुहर

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में आज 2 बजे कैबिनेट की बैठक होगी। जयपुर में मुख्यमंत्री आवास पर होने वाली कैबिनेट की बैठक में आधे दर्जन से ज्यादा एजेंडे रखे जाएंगे।

राज्यसभा चुनाव के बाद गहलोत कैबिनेट की बैठक आज, नाराज विधायकों को डिमांड पर होगा मंथन; इन निर्णयों पर लग सकती है मुहर
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरSat, 11 Jun 2022 09:16 AM

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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में आज 2 बजे कैबिनेट की बैठक होगी। मुख्यमंत्री आवास पर होने वाली कैबिनेट की बैठक में आधे दर्जन से ज्यादा एजेंडे रखे जाएंगे। कैबिनेट की बैठक में शिक्षा, आयुर्वेद. डीओपी, आई़टी और कृषि विभाग के एजेंडों पर मुहर लगेगी। कैबिनेट की बैठक के आधे घंटे बाद 2:30 मंत्रिपरिषद की बैठक होगी। राज्यसभा चुनाव के ठीक एक दिन बाद ही होने वाली कैबिनेट अहम मानी जा रही है। कैबिनेट की बैठक में नाराज विधायकों की डिमांड पर चर्चा हो सकती है। मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद की बैठक में विधायकों की प्रमुख समस्याओं को लेकर खासतौर से चर्चा होगी। विशेष तौर से उन विधायकों की जो राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले अपने काम नहीं होने की वजह से नाराज हुए थे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इन सभी विधायकों को आश्वस्त किया था कि उनकी जो भी डिमांड है उसे पूरा किया जाएगा। अगर किसी डिमांड पूरी करने में कैबिनेट में अनुमति लेनी है तो लिया जाएगा। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि आज होने वाली कैबिनेट में कई ऐसे फैसले लिए जा सकते हैं जो विधायकों की डिमांड को पूरा करते हो।

बीटीपी और बीएसपी के विधायक हुए थे नाराज 

उल्लेखनीय है कि राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले सरकार में कांग्रेस का साथ दे रहे बीटीपी और बीएसपी से कांग्रेस में शामिल हुए विधायक नाराज हो गए थे। उनकी नाराजगी थी कि वह सरकार को समर्थन दे रहे हैं बावजूद उसके उनके क्षेत्र के काम नहीं हो रहे हैं। विधायकों की नाराजगी पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खुद ने मुलाकात कर इन सभी को आश्वस्त किया था कि राज्यसभा चुनाव के बाद उनकी जो भी डिमांड है उसे पूरा किया जाएगा। बीटीपी ने सीएम गहलोत से काकरी डूंगरी प्रकरण मामले में आदिवासी युवकों पर दर्ज केस वापस लेने की डिमांड रखी थी। जबकि बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं से सीएम गहलोत को अवगत कराया था। 

बसपा विधायक कर रहे हैं उचित सम्मान की मांग

पायलट गुट की बगावत के बाद बसपा विधायकों ने गहलोत सरकार बचाने में अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन जब नवंबर 2021 में कैबिनेट का विस्तार किया गया था। उसमें बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों और निर्दलीय विधायकों को मायूसी हाथ लगी थी। सिर्फ राजेंद्र गुढ़ा को ही मंत्री बनाया गया था। कैबिनेट विस्तार पर बसपा विधायकों ने खुलकर नाराजगी जताई थी। गहलोत ने डैमेज कंट्रोल करने की कवायद के तह कैबिनेट विस्तार के कुछ दिनों बाद प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए एक बार फिर से कैबिनेट विस्तार करने के संकेत दिए थे। गहलोत ने कहा कि संकट में समय हमारी मदद करने वाले विधायकों को कैबिनेट में स्थान नहीं मिल पाया है। कांग्रेस आलाकमान से फिर से कैबिनेट में फेरबदल करने का अनुरोध करूंगा। राज्यसभा चुनाव से पहले एक बार फिर बसपा विधायकों ने उचित सम्मान नहीं पर नाराजगी जताई है। सीएम गहलोत के हस्तक्षेप के बाद विधायकों की नाराजगी दूर हो गई है। 

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