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सत्ता में दिव्यांगों को भागीदारी देने वाला देश का पहला राज्य बना राजस्थान, निगमों में किए मनोनीत

पेबल टीम,जयपुुरPublished By: Surya Prakash
Thu, 17 Jun 2021 09:14 AM
सत्ता में दिव्यांगों को भागीदारी देने वाला देश का पहला राज्य बना राजस्थान, निगमों में किए मनोनीत

राजस्थान देश का ऐसा पहला राज्य है जिसने दिव्यांगों को भी सत्ता में भागीदारी प्रदान की है। राजस्थान सरकार ने प्रदेश के सभी 200 से अधिक नगर परिषद्, नगर पालिका और नगर निगमों में मनोनीत सदस्यों के लिए सीट आरक्षित की है। इस सौगात के बाद राज्य सरकार ने दो दिन पहले 33 निकायों में 196 मनोनीत पार्षद सदस्यों की घोषणा की थी, इसमें 33 दिव्यांग हैं। सरकार ने इन सभी 33 निकायों में एक-एक दिव्यांग सदस्यों को पार्षद सदस्य मनोनीत किया है। गौरतलब है कि दिव्यांगजन करीब 10 साल से सत्ता में भागीदारी की डिमांड कर रहे थे।

सरकार के इस फैसले से प्रदेश के सभी निकायों में करीब 300 दिव्यांगों को मनोनीत सदस्य बनने का मौका मिलेगा। दिव्यांगजन अधिकार महासंघ लंबे समय से दिव्यांगों को सत्ता में भागीदारी की मांग कर रहा था। इसे लेकर विशेष योग्यजन न्यायालय में परिवाद भी दायर किया गया था, जिसके बाद सरकार ने आदेश जारी करके दिव्यांगों को मनोनीत पार्षद बनाने की घोषणा की थी। सत्ता में भागीदारी को लेकर दिव्यांग संगठनों ने सीएम को कई बार ज्ञापन और मांग पत्र भेजे थे। इसके बाद विशेष योग्यजन न्यायालय में भी याचिका दायर की गई। जिसके बाद स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक और विशिष्ट सचिव दीपक नंदी ने विशेष योग्यजन न्यायालय के उपायुक्त को पत्र लिखकर जानकारी दी थी।

अब पंचायतों में भी कोटे की मांग कर रहे हैं दिव्यांग संगठन
राज्य सरकार की ओर से प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में मनोनीत सदस्यों में दिव्यांगों के लिए सीट आरक्षित कर दी गई है, लेकिन अब भी पंचायतीराज चुनावों में दिव्यांगजनों को भागीदारी का इंतजार है। ऐसे दिव्यांगजनों द्वारा पंचायत की सत्ता में भागीदारी की मांग की जा रही है। माना जा रहा है कि नगर निकाय में सीटें रिजर्व किए जाने के बाद पंचायतों में भी दिव्यांग जनों की मांग जोर पकड़ सकती है। हालांकि पंचायतों में इस प्रकार का रिजर्वेशन देना कठिन होगा क्योंकि वह मनोनीत करने की व्यवस्था नहीं है।

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