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28 अक्तूबर, 2020|5:51|IST

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राजस्थान का सियासी संग्रामः बागी विधायक बोले, हमारी लड़ाई कांग्रेस से नहीं, नेतृत्व से है

rajasthan cm ashok gehlot and former dy cm sachin pilot  file pic

राजस्थान में कांग्रेस पर आए संकट के बाद कांग्रेस के बागी विधायकों का कहना है कि उनकी लड़ाई कांग्रेस से ना होकर गहलोत से है। गहलोत ने पायलट को एसओजी को नोटिस दिलाया इसके बाद पायलट बागी हुए और गहलोत के नेतृत्व पर सवाल खड़े किए। पायलट के करीबी तीन विधायकों ने कहा कि उनकी लड़ाई आत्म सम्मान के लिए है और वे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ‘तानाशाहीपूर्ण’ कार्यशैली के खिलाफ लड़ेंगे।

गहलोत कह चुके है कि आलाकमान अगर बागी विधायकों को माफ कर दे तो वह इनको गले लगा सकते है। वहीं विधायक हेमाराम चौधरी ने कहा कि हम कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं और हमारी लड़ाई पार्टी के खिलाफ नहीं है। हम गहलोत के नेतृत्व में काम नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खुद कहा है कि उनकी सचिन पायलट के साथ बातचीत नहीं होती थी, ऐसे में सभी लोग देख सकते हैं वह किस तरह की सरकार चला रहे हैं।'

पायलट सहित 19 विधायकों के बागी रुख अपनाने के कारण राजस्थान में पिछले कुछ हफ्तों से राजनीतिक उठापठक चल रही है। कांग्रेस आलाकमान ने पायलट को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री पदों से हटा दिया था।

पायलट गुट के विधायक हेमाराम चौधरी ने कहा कि तत्कालीन डिप्टी सीएम को राजद्रोह का नोटिस भेजा जाना हम बर्दाश्त नहीं कर सकते। डेढ़ साल से पायलट का अपमान हो रहा है। ये लड़ाई उसी का नतीजा है। विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने कहा कि नियुक्तियों और आधिकारिक कार्यक्रमों और नौकरशाहों के तबादलों- पोस्टिंग में पायलट के करीबियों को जानकर निशाना बनाया गया है। हमारी लड़ाई इस अपमान के खिलाफ है।

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  • Web Title:Political struggle of Rajasthan rebel MLAs say our fight is not with Congress but with leadership