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हिंदी न्यूज़ राजस्थानसचिन पायलट की दावेदारी पर सस्पेंस, गहलोत कैंप का दूसरा 'दांव'; पायलट को देगा 'दर्द'

सचिन पायलट की दावेदारी पर सस्पेंस, गहलोत कैंप का दूसरा 'दांव'; पायलट को देगा 'दर्द'

राजस्थान में जारी सियासी खींचतान खत्म होती नजर नहीं आ रही है। पायलट सीएम बनेंगे या गहलोत सीएम पद पर बने रहेंगे, इसको लेकर असंमजस बना हुआ है। कांग्रेस विधायक दो खेमों में बंटे हुए साफ दिखाई दे रहे हैं।

सचिन पायलट की दावेदारी पर सस्पेंस, गहलोत कैंप का दूसरा 'दांव'; पायलट को देगा 'दर्द'
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरSat, 26 Nov 2022 10:49 AM

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राजस्थान में जारी सियासी खींचतान खत्म होती नजर नहीं आ रही है। पायलट सीएम बनेंगे या गहलोत सीएम पद पर बने रहेंगे, इसको लेकर असंमजस बना हुआ है। कांग्रेस विधायक दो खेमों में बंटे हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। पायलट कैंप ने 80 विधायक होने का दावा किया है। जबकि सीएम गहलोत का कहना है कि पायलट के पास 10 विधायक भी नहीं है। गहलोत खेमे के विधायक पायलट का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस के रणनीतिकार और गांधी परिवार के समर्थक प्लान बी की चर्चा कर रहे हैं। गांधी परिवार के समर्थक इस पूरे राजनीति गतिरोध और आंतरिक कलह का हल ढूंढ़ रहे हैं। चर्चा यह भी है कि कांग्रेस आलाकमान गहलोत-पायलट के बजाय तीसरे पर दांव खेल सकता है। इस कड़ी में सीपी जोशी का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी हाल ही में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए थे। चर्चा है कि सीपी जोशी ने राहुल गांधी से अकेले में करीब 10 मिनट तक बात भी की है। सीपी जोशी केंद्रीय मंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके हैं। राहुल गांधी की गुड लिस्ट में बताए जा रहे हैं। 

जयराम रमेश बोले- दोनों की जरूरत

राजस्थान कांग्रेस के आंतरिक कलह पर कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी को गहलोत-पायलट दोनों की जरूरत है। जयराम ने पायलट को करिश्माई बताया, जबकि गहलोत गहलोत को अनुभवी। राजनीतिक विश्लेषक जयराम रमेश के बयान के अलग-अलग अर्थ निकाल रहे हैं। जयराम रमेश ने कहा कि सीएम गहलोत ने जिन शब्दों को प्रयोग किया वह अप्रत्याशित था। पायलट समर्थकों का कहना है कि जयराम रमेश ने इशारों में सीएम गहलोत को निशाने पर लिया है। जबकि गहलोत समर्थकों का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान बगावत करने वाले को सीएम नहीं बनाएगा। ऐसे में तीसरे व्यक्ति पर दांव खेला जा सकता है। सीएम गहलोत तीसरे व्यक्ति के लिए पद छोड़ने के लिए तैयार है। 

गहलोत समर्थकों क दावा- जातिगत समीकरण उल्टे पड़ेंगे

राजस्थान में धर्म से ज्यादा जातिगत वोटों के धुव्रीकरण की राजनीति होती रही है। राज्य में 272 जातियां हैं, लेकिन राज्य की राजनीति हर चुनाव में बड़ी जातियों के इर्द-गिर्द ही घूमती है। गुर्जर सिर्फ 30 से 40 सीटों को प्रभावित करते हैं। गुर्जर वोट कांग्रेस-बीजेपी में बंटता रहा है। गहलोत समर्थक एक विधायक ने नाम उजागर नहीं करने पर शर्त पर कहा-  कांग्रेस आलाकमान सचिन पायलट पर दांव खेलता है तो जातिगत समीकरण उल्टे पड़ सकते हैं। राजस्थान में जाति की गुत्थी सुलझाने के बजाय उलझ जाएगी। गहलोत समर्थक विधायक पंजाब का उदाहरण दे रहे हैं। कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी की सीएम बनाकर दलितों पर दांव खेला था। उल्टा पड़ गया। पायलट गुर्जर समाज से आते है। जिनकी आबादी करीब 9 फीसदी है। जबकि सीएम गहलोत ओबीसी से आते हैं। राजस्थान में 50 से अधिक वि)धायक हर बार ओबीसी से जीतकर आते हैं।