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अलवर में CI-कॉन्स्टेबल को पुलिसवालों ने ही हनी ट्रैप में फंसाया, मामले में आया नया मोड़

राजस्थान के अलवर शहर में राजस्थान पुलिस के इंस्पेक्टर और एक सिपाही हनी ट्रैप के शिकार हुए। फंसाकर 90 लाख रुपए स्ए ज्यादा ठगे। पड़ताल में सामने आया कि इस पूरे गिरोह में 2 पुलिसकर्मी शामिल है।

अलवर में CI-कॉन्स्टेबल को पुलिसवालों ने ही हनी ट्रैप में फंसाया, मामले में आया नया मोड़
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,अलवरWed, 07 Feb 2024 06:00 PM
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Rajasthan News: राजस्थान के डीग जिले के कुम्हेर थानाधिकारी महेंद्र कुमार राठी और जयपुर जिले के जोबनेर थाने के कॉन्स्टेबल रोहिताश रैगर को हनी ट्रैप में फंसाकर एक करोड़ से ज्यादा वसूले गए। पड़ताल में सामने आया कि इस पूरे गिरोह में 2 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। कुम्हेर के हेड कॉन्स्टेबल गंगाधर और खोह (भरतपुर) थाने के कॉन्स्टेबल विनोद कुमार को हिरासत में लिया गया है। इस गिरोह की सरगना महिला है, जिसे मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था। पीड़ित पुलिसकर्मियों ने अलवर शहर के अरावली विहार थाने में सोमवार को अलग-अलग मुकदमा दर्ज कराया था।अरावली विहार (अलवर) थानाधिकारी पवन चौबे ने यह जानकारी दी। 

 दरअसल अलवर शहर में राजस्थान पुलिस के इंस्पेक्टर और एक सिपाही हनी ट्रैप के शिकार हुए। जिसमें इंस्पेक्टर को फंसाकर 90 लाख रुपए और सिपाही से 6.5 लाख रुपए ठगे गए है। इस मामले में 3 महिला सहित 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। अलवर पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा ने बताया कि राजस्थान पुलिस के इंस्पेक्टर और एक सिपाही ने अलवर के अरावली विहार थाना में उपस्थित होकर एक रिपोर्ट दी, जिसमें बताया कि वह अलवर की एक महिला के संपर्क में सोशल मीडिया के माध्यम से वर्ष 2022 में जुड़े और फिर महिला से मिलना जुलना हुआ। हालांकि बाद में महिला ने आपत्ति जनक फोटो और वीडियो बना लिए, उसके बाद में ब्लैकमेलिंग करने लगी। महिला पैसे न देने पर दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने की धमकी देने लगी। इस मामले में महिला और उसके भाई-बहन भी शामिल थे।

इंस्पेक्टर ने उधार लेकर दिए 90 लाख 

महिला के परिजन बार-बार फोन करके पीड़ित से पैसे ऐंठते थे, पैसे न मिलने पर वीडियो और फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देते थे. इस डर की वजह से इंस्पेक्टर ने 90 लाख रुपए दिए. 50 लाख रुपए नेट बैंकिंग और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन किया और कुछ पैसे चेक के द्वारा भी दिए. बाकी के पैसे अपने साथियों से उधार लेकर दिए। जिसके सर्पोटिंग डॉक्युमेंट्स उन्होंने प्रस्तुत किए हैं।

सिपाही से भी वसूले साढ़े 6 लाख

उधर सिपाही ने 6.5 लाख रुपए दिए, उन्होंने फोन चैटिंग सहित अन्य सबूत पेश किया। इस मामले में कुल आठ आरोपी हैं. यह महिला पहले भी दुष्कर्म, मारपीट और खुद के पति पर भी दहेज प्रताड़ना समेत 7 मुकदमे दर्ज करा चुकी है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने महिला के घर पर रेड डाली। जहां से आपत्तिजनक सामग्री सहित अन्य दस्तावेज जप्त किए गए। पुलिस ने महिला और उसके भाई-बहन को हिरासत में लिया गया। अलवर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी महिला ने इसी अरावली विहार थाने में कार्यरत एक एएसआई के खिलाफ भी दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था जिसमें उसे अदालत द्वारा सजा हुई थी। उसे नौकरी से बर्खास्त किया गया था। उन्होंने बताया कि दुष्कर्म में  सजा वाले मामले में महिला खुद पीड़िता थी लेकिन हनी ट्रैप वाले मामले में महिला आरोपी है। इंस्पेक्टर द्वारा 90 लाख रुपए के भुगतान के मामले में आयकर विभाग की जांच के मामले पर उन्होंने कहा कि यह आयकर विभाग जांच करें। 

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