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Hindi News राजस्थानअर्जुन राम मेघवाल को पीएम मोदी ने चाय पर बुलाया, राजस्थान के सांसदों को आने लगे फोन

अर्जुन राम मेघवाल को पीएम मोदी ने चाय पर बुलाया, राजस्थान के सांसदों को आने लगे फोन

नरेंद्र मोदी रविवार शाम को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। राजस्थान से अर्जुन राम मेघवाल के पास फोन आया है। पीएम मोदी ने चाय पर बुलाया है। माना जा रहा है मंत्री बनाए जा सकते है।

अर्जुन राम मेघवाल को पीएम मोदी ने चाय पर बुलाया, राजस्थान के सांसदों को आने लगे फोन
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Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरSun, 09 Jun 2024 11:15 AM
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नरेंद्र मोदी रविवार शाम को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। राजस्थान से अर्जुन राम मेघवाल के पास फोन आया है। पीएम मोदी ने चाय पर बुलाया है। बता दें इस बार वे सबसे बड़ी मंत्रिपरिषद के साथ शपथ ले सकते हैं। इसमें लगभग 60 मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है, सबसे ज्यादा जगह बिहार को मिल सकती है। नई मंत्रिपरिषद में किन नामों को जगह मिलेगी, इसका इंतजार है। नरेंद्र मोदी रविवार शाम 7:15 बजे लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस बार भाजपा के पास अपना बहुमत नहीं है और वह गठबंधन के बहुमत के साथ सरकार बना रही है, इसलिए इस बार सरकार में सहयोगी दलों की संख्या तो ज्यादा होगी ही, मंत्रिपरिषद का आकार भी पिछली दोनों बार की तुलना में ज्यादा बड़ा होगा। 

बीकानेर से सांसद है अर्जुन राम मेघवाल

मोदी के शपथग्रहण समारोह में सात राष्ट्राध्यक्षों श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, मालदीव के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज्जू, सेशेल्स के उपराष्ट्रपति अहमद अफीक, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ, नेपाल के पीएम पुष्प कमल दहल प्रचंड एवं भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे को विशिष्ट अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है।उल्लेखनीय है कि अर्जुन राम मेघवाल मोदी 2 सरकार में भी मंत्री थे। केंद्रिय विधि मंत्री रहे थे। इस बार भी मंत्री बनाए जाने की प्रबल संभावना है। अर्जुन राम मेघवाल बीकानेर से लगातार चौथी बार सांसद बने है। बड़े दलित चेहरा है। राजनीति में आने से पहले आईएएस अधिकारी थे। बीजेपी से जुड़े सूत्रों के अनुसार अर्जुन राम मेघवाल का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि, माना यह भी जा रहा है कि इस बार राजस्थान से 2 ही मंत्री बनाए जा सकते है। अर्जुन राम मेघवाल के अलावा पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह भी रेस में शामिल है। ऐसे में गजेंद्र सिंह शेखावत मंत्री पद की रेस से बाहर हो सकते है। जातीय समीकरणों के हिसाब से मेघवाल दलित है। जबकि दुष्यंत सिंह राजपूत है। जानकारों का कहना है कि अधिकतम एक मंत्री और शामिल हो सकता है। इनमें भूपेंद्र यादव और ओम बिरला का नाम चर्चा में है।

जातिगत समीकरण साधना बड़ी चुनौती

साथ ही पहली बार सांसद बनीं महिमा कुमारी और मन्ना लाल रावत तथा दूसरी बार जीते भागीरथ चौधरी भी नए चेहरों के तौर पर मंत्रिपरिषद की दौड़ में शामिल हैं।भाजपा के लिए मंत्रिपरिषद के गठन में राजस्थान का जातिगत समीकरण साधना सबसे बड़ी चुनौती होगा। हाल के लोकसभा चुनाव में जातिगत समीकरण बिगड़ना भी भाजपा की 11 सीटों पर हार की एक वजह बना। ऐसे में भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व अब ऐसे नामों पर विचार कर रहा है, जो राज्य में जातीय संतुलन बनाए रखे।