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महेंद्रजीत मालवीय की बीजेपी में एंट्री पर क्या बोले -पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा

राजस्थान में कांग्रेस विधायक महेंद्र जीत सिंह मालवीय के बीजेपी में शामिल होने पर पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने बीजेपी पर निशाना साधा है। डोटासरा ने कहा- भाजपा एजेंसियों के जरिए दबाव बनवाती है।

महेंद्रजीत मालवीय की बीजेपी में एंट्री पर क्या बोले -पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरMon, 19 Feb 2024 04:58 PM
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राजस्थान में कांग्रेस विधायक महेंद्र जीत सिंह मालवीय के बीजेपी में शामिल होने पर पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने बीजेपी पर निशाना साधा है। डोटासरा ने कहा- मैं भाजपा एजेंसियों के जरिए दबाव बनवाती है। पारदर्शिता के साथ काम किया है। किसी ने कोई गड़बड़ी नहीं की है। मैं मालवीय पर आरोप नहीं लगाता है। भाजपा से यह कहना चाहता हूं कि क्या विपक्ष में रहते है तो सब चोर होते है। ऐसी कौनसी वाशिंग मशीन है कि सब दूध के धुले हो जाते है। एकदम इमानदार हो जाते है। तो देखते है। मुख्यमंत्री और बीजेपी नेताओं ने कहा कि पिछले पांच साल में जितने भी काम हुए है उनकी जांच कराएंगे। अगर वो जांचे कराएंगे। उसमें क्या पाया जाएगा। यह आने वाला समय बताएगा। डोटासरा ने कहा कि मालवीय को यहां शामिल क्यों कराया है। दिल्ली में शामिल क्यों नहीं कराया। 

हमेशा हराने का काम किया

डोटासरा ने कहा कि महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने हमेशा अपनी ही पार्टी के नेताओं को हराने का काम किया है। उनका आचरण हमेशा संदिग्ध रहा है। अब उनका जनाधार खिसक गया था, इसलिए वे भाजपा में चले गए। पीसीसी वॉर रूम में मीडिया से बातचीत में गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने आज भाजपा ज्वाइन की है। ऐसे लोगों के जाने से पार्टी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। पार्टी और ज्यादा मजबूत होगी। इसका कारण यह है कि पिछली बार जब विधानसभा के चुनाव थे तब महेंद्रजीत मालवीय ही जीते थे, बाकि सभी लोग उस जिले में हार गए थे। उस समय भी इनकी शिकायतें हुई थी कि इन्होंने दूसरे लोगों को हराया। इन्होंने स्पष्टीकरण देकर आश्वस्त किया था कि भविष्य में फिर ऐसा नहीं होगा।डोटासरा ने कहा कि इस बार भी उन्होंने अपने जिले में सबको हराने के लिए काम किया, लेकिन नानालाल निनामा, रमिला खड़िया, गणेश घोघरा और अर्जुन बामनिया चुनाव जीतकर आए। इनके चुनाव जीतने के बाद मालवीय का जनाधार खिसक गया। इसका उन्हें अंदाजा हो गया था, इसलिए अब वे भाजपा में चले गए।

इसलिए नहीं बनाया गया ढाई साल मंत्री

गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि पिछली बार भी महेंद्रजीत सिंह मालवीय को ढाई साल तक मंत्री नहीं बनाया था, क्योंकि शिकायत थी कि इन्होंने अपने ही साथियों को हराने के लिए काम किया है। बाद में मालवीय ने आलकमान से माफी मांगी, तब जाकर मंत्री बनाया गया। इनका आचरण काफी सालों से संदिग्ध रहा है, लेकिन पार्टी ने आदिवासी नेता होने के कारण उन्हें माफी और मौके दिए। गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि अब निश्चित रूप से मालवीय को यह लग गया था कि कांग्रेस में उनका कोई स्थान नहीं है। लोकसभा का टिकट नहीं दिया जा रहा है। वे आगे अपनी राजनीतिक विरासत को कांग्रेस में खत्म समझ रहे थे, इसलिए उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा है। उनके जाने से कांग्रेस को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि पार्टी मजबूत होगी।

अब चुनाव नहीं जीत पाएंगे 

डोटासरा ने कहा कि महेंद्रजीत सिंह मालवीय खुद सांसद, विधायक, मंत्री और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य बने। पत्नी को जिला प्रमुख और बेटे को नेता बनाया। जब उन्हें CWC सदस्य बनाया गया, तब भी कहा कि पार्टी से गद्दारी नहीं करूंगा। अब उनका जनाधार खत्म हो गया है। अब वे विधायक, सांसद और जिला प्रमुख नहीं बन पाएंगे। वे पहले भी दावा कर चुके हैं कि यदि वे सांसद का चुनाव लड़ते हैं तो लोकसभा नहीं पहुंच पाएंगे।

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