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राजस्थान में OBC कार्ड से बदल सकती है चुनावी सियासत, ये चार जातियां करती रही हैं हार-जीत का फैसला

राजस्थान के चुनावी समीकरण में जातियां अहम भूमिका निभाती रही हैं। प्रदेश में यूं तो लगभग हर जाति वर्ग के लोग रहते हैं, लेकिन चुनावी हार-जीत में जाट, राजपूत, गुर्जर और मीणा अहम भूमिका निभाते रहे हैं।

राजस्थान में OBC कार्ड से बदल सकती है चुनावी सियासत, ये चार जातियां करती रही हैं हार-जीत का फैसला
Praveen Sharmaनई दिल्ली। सुहेल हामिदSun, 19 Nov 2023 08:18 AM
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राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में रिवाज बदलने और रिवाज बरकरार रखने की लड़ाई तेज हो गई है। कांग्रेस रिवाज बदलने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। वहीं, भाजपा हर पांच वर्ष में सरकार बदलने के रिवाज को बरकरार रखने के लिए पूरा दमखम दिखा रही है। दोनों पार्टियां जातीय समीकरण साधते हुए आक्रामक प्रचार कर रही हैं। इससे मुकाबला दिलचस्प हो गया है।

प्रदेश के चुनावी समीकरण में जातियां अहम भूमिका निभाती रही हैं। प्रदेश में यूं तो लगभग हर जाति वर्ग के लोग रहते हैं, लेकिन चुनावी हार-जीत में जाट, राजपूत, गुर्जर और मीणा अहम भूमिका निभाते रहे हैं। इन चारों जातियों के करीब 27 फीसदी मतदाता हैं, पर वह विधानसभा की 100 से ज्यादा सीट पर असर डालते हैं।

प्रदेश में 59 सीट आरक्षित हैं। करीब 9 फीसदी की आबादी वाले जाट समुदाय शेखावाटी और मारवाड़ सहित प्रदेश की 37 सीट पर असर डालते हैं। राजपूत करीब छह फीसदी हैं। उनका 17 सीटों पर असर है। करीब सात फीसदी गुर्जर समाज का 30 से अधिक सीट पर दबदबा है। वहीं, मीणा मतदाता भी 40 सीट पर असर डालते हैं। इसके साथ सियासी क्षत्रपों का भी अपना असर है।

वहीं, गुर्जर मतदाताओं का रुझान भी भाजपा की तरफ रहा है, लेकिन 2018 के चुनाव में सचिन पायलट की वजह से गुर्जरों ने कांग्रेस को वोट किया था। इसलिए, पार्टी पायलट के जरिये इस वोट को बरकरार रखना चाहती है। मीणा मतदाता कांग्रेस समर्थक माने जाते हैं, पर इस बार भाजपा ने समाज के सबसे बड़े नेता करोड़ी लाल मीणा को राज्यसभा भेजकर मीणा मतदाताओं का भरोसा जीतने का प्रयास किया है।

चार जातियों की हिस्सेदारी

1. जाट करीब 9 फीसदी आबादी के साथ 37 सीट पर असर डालते हैं।

क्षेत्र :- हनुमानगढ़, गंगानगर, बीकानेर, चुरू, झुंझनूं, नागौर, जयपुर, चित्तोड़गढ़, अजमेर, बाड़मेर, सीकर, जोधपुर और भरतपुर जाट बाहुल्य

2. राजपूत 17 सीट पर असर रखने वाली आबादी करीब छह फीसदी

क्षेत्र :- जालौर, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, नागौर, चुरू, झुंझनूं, सीकर, बीकानेर, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और पाली राजपूत बाहुल्य क्षेत्र

3. गुर्जर करीब सात फीसदी आबादी वाला गुर्जर समाज 30 सीटों पर असर डालता है

क्षेत्र :- करौली, सवाई माधोपुर, जयपुर, टोंक, भरतपुर, दौसा, धौलपुर में गुर्जर समुदाय की अच्छी खासी संख्या

4. मीणा 40 से अधिक सीट पर असर डालने वाले मीणा समुदाय की आबादी लगभग सात प्रतिशत।

क्षेत्र :- अलवर, सवाईमाधोपुर, करौली, दौसा, झालावाड़, टोंक, उदयपुर आद़ि मीणा बाहुल्य क्षेत्र

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