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राजस्थान में सीरियल अहिल्याबाई का विरोध, सांसद हनुमान बेनीवाल ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

राजस्थान में टीवी  धारावाहिक सीरियल अहिल्याबाई को लेकर विवाद गहरा गया है। इसको लेकर भरतपुर जिले के रूपवास और कुम्हेर थाने में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज हुई है। सांसद बेनीवाल ने पीएम को पत्र लिखा है।

राजस्थान में सीरियल अहिल्याबाई का विरोध, सांसद हनुमान बेनीवाल ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरSat, 26 Nov 2022 03:27 PM

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राजस्थान में टीवी  धारावाहिक सीरियल अहिल्याबाई को लेकर विवाद गहरा गया है। इसको लेकर भरतपुर जिले के रूपवास और कुम्हेर थाने में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज हुई है। दरअसल, सीरियल में महाराजा सूरजमल को हारते हुए दिखाया गया है। खांडेराव होल्कर से पूर्व महाराजा सूरजमल को हारते हुए दिखाया गया है। जबकि इतिहासकारों का दावा है कि पूर्व महाराजा सूरजमल कभी युद्ध नहीं हारे, ब्लकि खांडेकर की मौत उनके साथ युद्ध में हुई थी। इसको लेकर कभी एक दर्जन से अधिक संगठनों ने विरोध जताया है। साथ ही सोशल मीडिया पर धारावाहिक के निर्माता से माफी मांगने के लिए अभियान भी चलाया है। विभिन्न संगठनों ने 26 नवंबर को भरतपुर के दौरे पर आ रहे राज्यपाल के सामने भी यह मुद्दा उठाने का निर्णय लिया है। बता दें,  नवंबर 2019 में भी  फिल्म पानीपत में गलत तथ्य  प्रस्तुत करने पर विवाद हुआ था। इसको लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन भी हुए थे। 

सांसद बेनीवाल ने पीएम को लिखा पत्र

सांसद हनुमान बेनीवाल ने ट्वीट कर कहा- सोनी टीवी पर प्रसारित होने वाले धारावाहिक अहिल्याबाई महाराजा सूरजमल के इतिहास का प्रसारण जिस प्रकार गलत रूप से किया गया है। उससे महाराजा सूरजमल में आस्था रखने वाले लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। मैंने पीएम मोदी और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री को पत्र लिखकर धारावाहिक के निर्माता और निर्देशक के खिलाफ कठोरतम कानून कार्यवाही करने की मांग की है। साथ ही धारावाहिक के प्रसारण पर रोक की मांग की है।

इतिहास के साथ छेड़छाड़ स्वीकार नहीं 

सांसद बेनीवाल ने आगे ट्वीट किया- सरकार को इस बात की सुनिश्चितता करने की जरूरत है कि झूठी टीआरपी बटोरने के लिए कोई भी निर्माता व निर्देशक इतिहास के तथ्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करें। महाराज सूरजमल अजेय योद्धा थे और उनके इतिहास के साथ छेड़छाड़ किसी भी रूप में स्वीकार करने योग्य नहीं है। महाराजा सूरजमल अमर रहे।