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नाबालिग युवक को भारी पड़ी वार्ड बॉय की यह गलती, खराब हो गई किडनी; हालत गंभीर

जयपुर के एक अस्पताल में कर्मचारी द्वारा लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक नाबालिग लड़के को गलत ब्लड ग्रुप का खून चढ़ा दिया गया। युवक की किडनी ने काम करना बंद कर दिया है।

नाबालिग युवक को भारी पड़ी वार्ड बॉय की यह गलती, खराब हो गई किडनी; हालत गंभीर
Mohammad Azamलाइव हिन्दुस्तान,जयपुरThu, 22 Feb 2024 04:08 PM
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जयपुर के एक अस्पताल में कर्मचारी द्वारा लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक नाबालिग लड़के को गलत ब्लड ग्रुप का खून चढ़ा दिया गया। इस वजह से नाबालिग युवक की किडनी ने काम करना बंद कर दिया। हालत गंभीर होने के बाद युवक को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। युवकी की डायलिसिस कराया जा रहा है। हालांकि, युवक की स्थिति अभी अवस्था में बनी हुई है। आइये जानते हैं आखिर क्या था पूरा मामला।

मामला जयपुर के एसएमएस अस्पताल का है। यहां एक वार्ड बॉय ने दुर्घटना में घायल हुए युवक को गलत ब्लड ग्रुप का खून चढ़ा दिया। ब्लड ग्रुप गलत होने की वजह से युवक की किडनी पर असर पड़ा और उसकी किडनी ने काम करना बंद कर दिया। अस्पताल के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में पीड़ित सचिन शर्मा को कोटपूतली में एक सड़क दुर्घटना के कारण गंभीर चोट लगने के बाद 12 फरवरी को एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। अधिकारी ने बताया कि बाद में पता चला कि आपातकालीन वार्ड में एक वार्ड बॉय ने परिवार के सदस्यों को AB+ ब्लड ग्रुप का खून लाने के लिए कहा था। परिवार वालों ने रक्त की व्यवस्था कर दी, उसके बाद घायल युकव को चढ़ा दिया गया। बाद में पता चला कि घायल युवक का ब्लड ग्रुप O+ था। अब इस मामले में एक शीर्श स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है, जो इसकी जांच करेगी।

गलत ब्लड ग्रुप का खून ट्रांसफ्यूजन करने के बाद अगली सुबह सचिन की तबीयत बिगड़ गई। तबीयत बिगड़ने के बाद सचिन को आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि मरीज ने पेट में दर्द की शिकायत की और डॉक्टरों ने पाया कि गलत ट्रांसफ्यूजन के कारण उसकी किडनी ने काम करना लगभग बंद कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, अब सचिन के 3-4 डायलिसिस किए जा चुके हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सचिन की स्थिति अभी भी खतरे से बाहर नहीं है।

इस शर्मनाक घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच के लिए ट्रॉमा सेंटर के अधीक्षक के साथ नोडल अधिकारी और सचिन की देखभाल करने वाले डॉक्टरों के साथ एक कमेटी का गठन किया है। अस्पताल के अधीक्षक ने बताया कि हम जांच कर रहे हैं कि रक्त का नमूना किसने एकत्र किया था और वार्ड बॉय ने परिवार को गलत ब्लड ग्रुप का खून लाने के लिए क्यों कहा। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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