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चूरू सांसद राहुल कस्वां टिकट कटने के बाद बोले- मेरा गुनाह क्या था? इशारों में कहीं ये बात

राजस्थान में टिकट कटने पर बीजेपी में रार मची है। चूरू सांसद राहुल कस्वां ने कहा कि आखिर मेरा गुनाह क्या? जबकि जोधपुर से दो बार के सांसद रहे जसवंत सिंह विश्नोई ने भी बगावती तेवर दिखाए ।

चूरू सांसद राहुल कस्वां टिकट कटने के बाद बोले- मेरा गुनाह क्या था? इशारों में कहीं ये बात
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,उदयपुरMon, 04 Mar 2024 05:29 PM
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राजस्थान में टिकट कटने पर बीजेपी में रार मची है। चूरू सांसद राहुल कस्वां ने कहा कि आखिर मेरा गुनाह क्या? जबकि जोधपुर से दो बार के सांसद रहे जसवंत सिंह विश्नोई ने भी बगावती तेवर दिखाए है। बता दें राहुल कस्वां का टिकट काटकर इस बार खिलाड़ी देवेंद्र झाझ़ड़िया को टिकट दिया है। आखिर मेरा गुनाह क्या था...? क्या मैं ईमानदार नहीं था ? क्या मैं मेहनती नहीं था क्या मैं निष्ठावान नहीं था ? क्या मैं दागदार था ? क्या मैंने चूरू लोकसभा में काम करवाने में कोई कमी छोड़ दी थी ? मा. प्रधानमंत्री जी की सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में, मैं सबसे आगे था। ओर क्या चाहिए था ? जब भी इस प्रश्न को मैंने पूछा, सभी निरुत्तर और निःशब्द रहे। कोई इसका उत्तर नही दे पा रहा। शायद मेरे अपने ही मुझे कुछ बता पाएं।

मंत्री बोले- आजीवन टिकट नहीं दिया जा सकता 

विरोध कर रहे नेताओं को नसीहत देते हुए चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि किसी को भी आजीवन टिकट नहीं दिया जा सकता है। किसी को टिकट मिलता है तो किसी का टिकट कटता है। यह लोकतंत्र है और टिकट ऐसे तय नहीं होती है। इसके लिए सर्वे होता है। उन्होंने राहुल कस्वां से कहा कि उन्हें विरोध नहीं करना चाहिए। उन्हें कई बार मौका मिला है। वह सांसद बने हैं। लेकिन यह पार्टी की देन है कि वह बीजेपी से जुड़े और उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिला। अगर पार्टी नहीं करती तो, उन्हें कुछ नहीं मिलता।

बीजेपी ने पांच सांसदों के काटे हैं टिकट

उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव को लेकर राजस्थान में 15 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इस बीच बीजेपी ने 5 सांसदों के टिकट काट दिए। इसके बाद बीजेपी में विरोध दिखाई दे रहा है। चूरू सीट से राहुल कस्वा समेत कई सांसदों ने दबे स्वर में अपना विरोध जताया है। बता दें पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के तारानगर से चुनाव हारने के बाद से ही राहुल कस्वां निशाने पर आ गए थे। राजेंद्र राठौड़ ने भी अपने बयान के जरिए अपने ही पार्टी के कुछ नेताओं पर कटाक्ष किया था. चुनाव हारने के बाद चूरू के सादुलपुर में राठौड़ ने पहली बार स्वीकार किया कि उनके कुछ नेताओं ने भीतरघात किया। इस दौरान राठौड़ ने कहा था कि, 'जनता का फैसला स्वीकार्य है लेकिन इस हार में बहुत से 'जयचंदों' ने भी अपनी भूमिका निभाई है।

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