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Hindi News राजस्थानLok Sabha elections: वसुंधरा राजे और राजपूत वोट बैंक नाराज? BJP के मिशन 25 को तगड़ी चुनौती

Lok Sabha elections: वसुंधरा राजे और राजपूत वोट बैंक नाराज? BJP के मिशन 25 को तगड़ी चुनौती

राजस्थान में बीजेपी भले ही सभी 25 सीट जीतनें का दावा कर रही है, लेकिन राह इतनी आसान भी नहीं है। एक वजह यह है कि बीजेपी का कोर वोट बैंक माना जाने वाला राजपूत समाज इस बार नाराज दिखाई दे रहा है।

Lok Sabha elections: वसुंधरा राजे और राजपूत वोट बैंक नाराज? BJP के मिशन 25 को तगड़ी चुनौती
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरFri, 12 Apr 2024 09:07 AM
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राजस्थान में बीजेपी भले ही सभी 25 सीट जीतनें का दावा कर रही है, लेकिन राह इतनी आसान भी नहीं है। वजह यह है कि बीजेपी का कोर वोट बैंक माना जाने वाला राजपूत समाज इस बार नाराज है। राजपूतों की नाराजगी बीजेपी को भारी पड़ सकती है। राजपूत समाज सुखदेव सिंह गोगामेड़ी प्रकरण से पहले ही नाराज चल रहा था, लेकिन अब गुजरात के बीजेपी नेता पुरुषोतम रुपाला के विवादास्पद बयान ने आग में घी का काम कर दिया है। गुजरात के बाद इसका असर राजस्थान में दिखाई दे रहा है। दूसरी तरफ वसुंधरा राजे ने खुद को सिर्फ झालावाड़ तक ही सीमित कर लिया है। ऐसे में सियासी जानकारों का कहना है कि बीजेपी के लिए इस बार राह आसान नहीं है। हालांकि, शुरुआत में ऐसा लग रहा था कि बीजेपी हैट्रिक लगा लेगी। लेकिन  बाद में स्थितियां पलटती जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बीजेपी में हमेशा सीएम पद राजपूतों को ही मिलता रहा है। लेकिन इस बार बीजेपी ने राजपूत को सीएम नहीं बनाया है। कहीं न कहीं राजपूत वोटर इससे नाराज है। यहीं वजह है कि केंद्रीय मंत्री शेखावत को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने राजपूत समाज को विधानसभा और लोकसभा चुनाव में पर्याप्त टिकट दिए थे।

कांग्रेस ने गठबंधन करके कर दिया खेला

सियासी जानकार एक वजह यह भी मानकर चल रहे हैं कि कांग्रेस ने इस बार तीन सीट इंडिया गठबंधन के लिए छोड़कर बीजेपी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार राजपूत समाज हर सीट पर हार-जीत में अहम भूमिका निभाता रहा है। पश्चिमी राजस्थान में इस बार राजपूत समाज के युवा बीजेपी के खिलाफ है। हाल ही में पोकरण में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को राजपूत युवाओ के विरोध का सामना करना पड़ा था। राजकोट लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी पुरुषोत्तम रुपाला का टिकट काटने की मांग को लेकर राजस्थान का राजपूत समाज मुखर है।श्री करणी सेना ने क्षत्रिय समाज को लामबंद करना शुरू कर दिया है।अजमेर में श्री करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने भाजपा से मांग की है कि वे रुपाला का टिकट काटें नहीं तो राजस्थान का राजपूत समाज भी भाजपा के खिलाफ जाएगा।

राजपूत समाज इसलिए नाराज है 

मकराना ने साफ कहा कि पुरुषोत्तम रुपाला का टिकट बीजेपी नहीं काटती है तो समाज बीजेपी के खिलाफ मतदान करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजकोट से भाजपा प्रत्याशी पुरूषोत्तम रुपाला ने क्षत्रिय महिलाओं के लिए अभद्र टिप्पणी की है। उनका कहना था कि इस टिप्पणी से गुजरात में समाज में गहरी नाराजगी है। गुजरात में क्षत्रिय समाज विरोध स्वरूप सड़कों पर है। उसके बावजूद भाजपा ने पुरुषोत्तम रुपाला का टिकट नहीं काटा। उन्होंने बताया कि क्षत्रिय समाज के सभी संगठनों ने मिलकर तय किया है कि इस विरोध को पूरे देश तक लेकर जाएंगे।  उन्होंने कहा कि चित्तौड़ के बाद अब अजमेर से भी हम इस मांग को उठा रहे हैं। समाज अब रुकने वाला नहीं है। उन्होंने प्रशासन पर भी आरोप लगाया कि क्षत्रिय समाज के नेताओं की पगड़ी उछाली जा रही है।

सुखदेव गोगामेड़ी के बाद रूपाला प्रकरण 

मकराना ने चेताया कि यदि भाजपा ने रुपाला का टिकट नहीं काटा तो राजपूत समाज उसका साथ नहीं देगा. समाज अबकी बार चार सौ पार की बजाय 'अबकी बार लोकसभा से बाहर' का नारा लगाएगा। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने, लेकिन इस मामले में मोदी ने अभी तक कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दिया है। इसलिए क्षत्रिय समाज पुरजोर विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल को राजकोट में क्षत्रिय समाज का बड़ा सम्मेलन होगा। इसके बावजूद भी रुपाला का टिकट नहीं कटा तो कई राज्यों में विरोध होगा। उन्होंने बताया कि 90 संस्थाओं को मिलाकर एक समन्वय समिति बनाई गई है। हर संस्था अपने-अपने क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन के लिए तैयार है।