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Hindi News राजस्थान नागौर, सीकर, झुंझुनू, अलवर और जयपुर समेत 12 सीटों पर थमा प्रचार, लागू हुई ये पाबंदियां

नागौर, सीकर, झुंझुनू, अलवर और जयपुर समेत 12 सीटों पर थमा प्रचार, लागू हुई ये पाबंदियां

राजस्थान में पहले चरण की वोटिंग के लिए चुनावी शोर आज थम गया। पहले चरण में राज्य की श्रीगंगानगर, नागौर, सीकर, जयपुर समेत कुल 12 सीटों पर वोटिंग होगी। कांग्रेस-बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर है।

 नागौर, सीकर, झुंझुनू, अलवर और जयपुर समेत 12 सीटों पर थमा प्रचार, लागू हुई ये पाबंदियां
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरWed, 17 Apr 2024 07:13 PM
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राजस्थान में पहले चरण की वोटिंग के लिए चुनावी शोर बुधवार (17 अप्रैल ) शाम 6 बजे थम गया है। पहले चरण में राज्य की श्रीगंगानगर, नागौर, सीकर, जयपुर समेत कुल 12 सीटों पर वोटिंग होगी। राजस्थान में पहले चरण में 12 लोकसभा सीट के लिए 19 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। इन सीटों पर मैदान में उतरे बीजेपी और कांग्रेस समेत सभी पार्टियों के प्रत्याशियों के लिए अंतिम समय तक पार्टियों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। प्रचार के अंतिम दिन किरोड़ी लाली मीणा ने दौसा लोकसभा सीट के लिए पूरी ताकत झौंक दी है। वहीं अशोक गहलोत ने हनुमान बेनीवाल के पक्ष में प्रचार किया। 

राजस्थान में पहले चरण में 19 अप्रैल को राजस्थान की गंगानगर, चुरू, नागौर, सीकर, झुंझुनू, अलवर, जयपुर, जयपुर ग्रामीण, भरतपुर, दौसा एवं करौली -धौलपुर लोकसभा सीट के लिए मतदान होगा। इसमें नागौर सीट पर आरएलपी से हनुमान बेनीवाल, बीजेपी से ज्योति मिर्धा और बीएसपी से गजेंद्र सिंह राठौर मैदान में हैं। जबकि जयपुर शहर सीट पर बीजेपी से मंजू शर्मा, कांग्रेस से प्रताप सिंह खाचरियावास और बीएसपी से राजेंद्र तंवर मैदान में है।  इससे पहले राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि प्रथम चरण के मतदान के अंतिम 48 घंटे के लिए चुनाव प्रचार का दौर थम जाएगा. उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान अंतरराज्यीय सीमाएं भी सील रहेंगी। इन क्षेत्रों में शराब की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध के साथ सूखा दिवस रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रिंट मीडिया में राजनीतिक विज्ञापनों का प्रकाशन अधिप्रमाणन के बाद ही किया जा सकेगा। इस दौरान राजस्थान में ओपिनियन पोल या अन्य पोल सर्वे के प्रसारण पर प्रतिबंध रहेगा।

आज से लागू हुए ये सभी प्रतिबंध

कोई भी राजनीतिक व्यक्ति उस निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता, अभ्यर्थी, सांसद या विधायक नहीं है तो चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद उस निर्वाचन क्षेत्र में नहीं ठहर सकता। कैंडिडेट के अलावा राज्य की सिक्योरिटी कवर प्राप्त राजनीतिक व्यक्ति यदि निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता है, तो वो वोट कास्ट करने के बाद क्षेत्र में आवाजाही नहीं करेगा। इस दौरान कोई व्यक्ति यदि इन प्रोविजन का उल्लंघन करता है, तो दो वर्ष तक जेल, जुर्माना या दोनों सजा होगी। इलेक्शन मशीनरी और पुलिस प्रशासन सामुदायिक केंद्र, धर्मशाला, गेस्ट हाऊस, लॉज, होटल आदि में ठहरे हुए बाहरी व्यक्तियों और बाहर से आने वाले वाहनों पर भी निगरानी रख रहे हैं।