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राजस्थान कांग्रेस बीजेपी को हैट्रिक लगाने से रोक पाएगी? इस बार बन रहे है ये नए समीकरण 

लोकसभा चुनाव में इस बार बीजेपी की राजस्थान में हैट्रिक आसान नहीं है। वजह यह है कि इस बार नए समीकरण बन रहे है। वसुंधरा राजे के स्थान भजनलाल शर्मा ने ले लिया है। बेनीवाल कांग्रेस के प्रति नरम है।

राजस्थान कांग्रेस बीजेपी को हैट्रिक लगाने से रोक पाएगी? इस बार बन रहे है ये नए समीकरण 
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरThu, 01 Feb 2024 04:43 PM
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Lok Sabha Election 2024:लोकसभा चुनाव में इस बार बीजेपी की राजस्थान में हैट्रिक आसान नहीं है। वजह यह है कि इस बार नए समीकरण बन रहे है। वसुंधरा राजे के स्थान भजनलाल शर्मा ने ले लिया है। हनुमान बेनीवाल का कांग्रेस के प्रति साफ्ट नजरिया। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 11 सीटों पर बढ़त बनाई थी। कांग्रेस के नेता इससे उत्साहित है। दूसरी वजह यह है कि वसुंधरा राजे की नाराजगी से बीजेपी को नुकसान हो सकता है। यहीं वजह है कि सीएम भजनलाल खुद वसुंधरा राजे के घर गए और करीब 20 मिनट तक बात की है। सियासी जानकारों के अनुसार मिशन-2024 की तैयारियों में जुटी प्रदेश कांग्रेस कमेटी अब एक्टिव मोड़ में आ गई है। वर्ष 2014 व 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रदेश 25 सीटें हार गई थी। इस बार कांग्रेस की सबसे बड़ी चुनौती भाजपा की हैट्रिक को रोकना है। भाजपा तीसरी बार प्रदेश की सीटों पर जीत का दावा कर रही है।

कांग्रेस दिखाई दे रही है एकजुट 

सियासी जानकारों का कहना है कि इस बार कांग्रेस एकजुट दिखाई दे रही है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बीजेपी के परंपरागत गढ़ में सेंध लगाई है। वह काफी चौंकाने वाला है। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद बहुत कुछ बदल गया है। ऐसे में इस बार माना यही जा रहा है कि कांग्रेस आसानी से नहीं हारेगी। बीजेपी के हैट्रिक रोक सकती है। हालांकि, सियासी जानकारों का कहना है बीजेपी ईआऱसीपी को लेकर एमपी के साथ एमओयू हुआ है, उसको भुनाएगी। लेकिन धरातल पर एमओयू के बारे में लोगों के प्रतिक्रिया बीजेपी के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राजस्थान में कांग्रेस के पास खोने के लिए कुछ नहीं है। बीजेपी लगातार 25 में से 25 सीटों पर जीत रही है। इस बार हैट्रिक लगाने की बारी है। 

वोट प्रतिशत बरकरार रहा तो बिगड़ जाएंगी समीकरण 

दरअसल विधानसभा चुनाव मैं भाजपा 200 में से 115 सीटों जीतने में कामयाब रही तो वहीं कांग्रेस के हाथ सिर्फ 70 सीटें लग पाई, जबकि अन्य सीटें निर्दलीयों के खाते में गई। वोट प्रतिशत की बात की जाए तो इस चुनाव में बीजेपी को 41.7 प्रतिशत वोट मिले तो वहीं कांग्रेस 39.53% ही मत हासिल कर सकी। अगर कांग्रेस इस वोट प्रतिशत को बरकरार रखने में कामयाब होती है तो लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की 11 सीटें आ सकती है, जबकि बीजेपी 14 सीटों पर सिमट सकती है।

ये है वो 11 सीटें जहां कांग्रेस को बढ़त

2023 के विधानसभा चुनाव के नतीजे को देखा जाए तो कांग्रेस को जयपुर, झालावाड़-बांरा, राजसमंद, जोधपुर, उदयपुर, भीलवाड़ा, दौसा, पाली, बीकानेर, चित्तौड़गढ़ और अजमेर में बढ़त दिखाई दी। हालांकि इनमें से 6 सीटों पर जीत का अंतर एक लाख से अधिक वोटों का है। हालांकि, सियासी विश्लेषकों का कहना है कि राजस्थान के मतदाता विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में अलग-अलग ट्रेंड के साथ मतदान करते हैं। यही ट्रेंड 2024 के लोकसभा चुनाव में भी देखने को मिल सकता है तो कांग्रेस हैट्रिक रोक सकती है।

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